Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और तट पार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके प्रभाव से ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। सबसे तेज असर ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बताया गया है।
23 सितंबर 2026 की रात 11:30 बजे सिस्टम उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट पर 18.2 डिग्री उत्तर अक्षांश और 83.9 डिग्री पूर्व देशांतर के पास था। यह कलिंगपट्टनम से करीब 30 किलोमीटर पश्चिम दक्षिण पश्चिम, विशाखापत्तनम से 80 किलोमीटर उत्तर पूर्व और गोपालपुर से करीब 170 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित था। पिछले छह घंटे में यह करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर पश्चिम बढ़ा।
लैंडफॉल विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच कलिंगपट्टनम के दक्षिण पश्चिम के पास उत्तरी आंध्र प्रदेश और सटे दक्षिणी ओडिशा तटों पर हो रहा है। आगे का हिस्सा जमीन पर पहुंच चुका है। प्रक्रिया अगले दो घंटे तक जारी रह सकती है।
Cyclone Arnab: लैंडफॉल के बाद सिस्टम कहां जाएगा?
तट पार करने के बाद शुरुआती 12 घंटे तक तीव्रता बनी रहने की संभावना है। इस दौरान सिस्टम उत्तर पश्चिम बढ़ेगा। उसके बाद अगले 24 घंटे में यह उत्तर उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ते हुए धीरे धीरे कमजोर हो सकता है। यानी तुरंत बिखरने की जगह पहले भीतरी इलाकों तक नमी और हवा ले जाएगा।
यही कारण है कि बारिश का दायरा केवल तटीय ओडिशा तक सीमित नहीं रह सकता। झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को भी अलग अलग तिथियों पर भारी या बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पंजाब में 25 से 29 सितंबर के दौरान बारिश की संभावना बताई गई है।
समुद्र में 24 सितंबर की शाम तक पश्चिम मध्य और उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा और 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके चल सकते हैं। ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास भी तेज हवा रहेगी। ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटों के पास समुद्र खराब से बहुत खराब रह सकता है। मछुआरों को इन समुद्री इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
किस राज्य में किस दिन कितनी बारिश?
ओडिशा में 24 सितंबर को कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी तथा 27 सितंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में भी 24 सितंबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश बताई गई है। 25 और 26 को बहुत भारी तथा 27 को भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 24 सितंबर तक 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके चल सकते हैं।
झारखंड में 24 सितंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 27 से 29 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश की संभावना है। 26 से 29 सितंबर के दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं। बिहार में 24 सितंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश बताई गई है। 25 और 26 को कुछ इलाकों में भारी बारिश तथा 27 सितंबर को तेज हवा का अनुमान है। 28 और 29 सितंबर को भी बारिश हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी तथा 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 28 और 29 सितंबर को पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। गंगा मैदानी पश्चिम बंगाल में 24 सितंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी और 25 सितंबर को भारी बारिश बताई गई है। 27 से 29 सितंबर के दौरान कई हिस्सों में बारिश हो सकती है।
सबसे ज्यादा असर किन राज्यों पर रहेगा?
आकलन के अनुसार सबसे ज्यादा असर ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर पड़ सकता है क्योंकि दोनों में 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा बिहार में 24 सितंबर, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर तथा ओडिशा में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश बताई गई है।
इसका व्यावहारिक मतलब निचले इलाकों, नालों और कच्चे रास्तों पर पानी भरने का जोखिम बढ़ना है। तेज हवा वाले दिनों में कमजोर पेड़ और तटीय मछली पकड़ने की गतिविधि अतिरिक्त सतर्कता मांगती है। संबंधित खबरों में ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद रहने का भी उल्लेख है, जो स्थानीय प्रशासनिक तैयारी का संकेत है। मुख्य रिपोर्ट का केंद्र मौसम प्रणाली की स्थिति और राज्यवार बारिश कैलेंडर है।
10 राज्यों तक असर की बात शीर्षक और संबंधित कवरेज में आई है। विस्तार से नामित राज्य ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, पंजाब तथा तटीय आंध्र प्रदेश से जुड़े क्षेत्र हैं। बाकी प्रभावित इलाके सिस्टम के उत्तर पश्चिम खिसकने पर निर्भर करेंगे।
Cyclone Arnab: आम लोगों और मछुआरों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
तटीय मछुआरों के लिए सलाह साफ है। 24 सितंबर की शाम तक चिह्नित समुद्री क्षेत्र खराब से बहुत खराब रह सकते हैं। इन इलाकों में न जाने को कहा गया है। जमीन पर जिन जिलों में अत्यधिक या बहुत भारी बारिश लिखी गई है वहां अनावश्यक यात्रा, निचले पुल और अधूरी नालियों से बचना व्यावहारिक है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश कुछ दिन खिंच सकती है इसलिए खेत, घर के आसपास निकासी और बिजली के तारों पर नजर रखनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में 24 सितंबर की तेज हवा अलग चेतावनी है। झारखंड में 26 से 29 सितंबर की हवा का अनुमान बाद के दिनों की तैयारी मांगता है।
सिस्टम लैंडफॉल के बाद 12 घंटे तीव्र रहकर फिर कमजोर होने वाला है। इसका अर्थ यह नहीं कि बारिश एक दिन में खत्म हो जाएगी। राज्यवार तिथियां 29 सितंबर तक फैली हैं। ताजा बुलेटिन आने पर ये तिथियां संशोधित हो सकती हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर निर्भर रहना जरूरी है।
डीप डिप्रेशन अलर्ट इस समय तट पार कर भीतरी भारत की नमी बन चुका है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ आज सबसे संवेदनशील दिखते हैं। बाकी राज्य अगले कुछ दिनों के कैलेंडर के हिसाब से तैयारी रखें। समुद्र किनारे मछुआरे सलाह का पालन करें।
Read More Here
- UP Politics: बीजेपी में 40 से 50 प्रतिशत विधायकों के टिकट पर मंथन
- ISF Court Symbol Case: नंदीग्राम उपचुनाव में लिफाफा चुनाव चिह्न पर कोर्ट में टकराव, ISF ने मांगी रोक
- Gold-Silver Price 24 September 2026: सोने में नरमी, चांदी में तेजी, जानें दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों के ताजा रेट
- Aaj Ka Rashifal 24 September 2026: इन राशियों को मिलेगा धन लाभ और करियर में उन्नति, जानें मेष से मीन तक का राशिफल





