ताज़ा खबर
भाई दूज की थाली कैसे सजाएं: तिलक की थाली में क्या रखें, सामग्री की सूची और तिलक की रस्म BREAKING: पंजाब में आप के तीन विधायकों ने इस्तीफा दिया और बीजेपी में शामिल हुए Olympic Shooting Events Explained: Rifle, Pistol and Shotgun Formats and India’s Medal History NOTA क्या है: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 2013 में मिला विकल्प, सबसे ज्यादा वोट NOTA को मिलें तो भी क्यों नहीं बदलता नतीजा e-Shram Card: Who Can Register, Benefits for Unorganised Workers and How to Apply Online BREAKING: पूर्व सीजेआई वाईके सभरवाल के बेटों के खिलाफ आयकर पुनर्मूल्यांकन को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी गोवर्धन परिक्रमा: गोवर्धन पूजा पर गिरिराज की परिक्रमा का मार्ग, नियम, प्रमुख स्थल और यात्रा की तैयारी APEC 2026: चीन के शेनझेन में 18-19 नवंबर को नेताओं की बैठक, जानें APEC क्या है और भारत इसका सदस्य क्यों नहीं
ट्रेंडिंग
भारत

डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में बैंकों की जवाबदेही पर सुप्रीम कोर्ट का रुख

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बैंक की लापरवाही से होने वाली डिजिटल धोखाधड़ी में पीड़ित को मुआवजा मिलना चाहिए।

डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में बैंकों की जवाबदेही पर सुप्रीम कोर्ट का रुख
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

डिजिटल सुरक्षा और बैंकों की जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत का मानना है कि यदि किसी ग्राहक के साथ डिजिटल माध्यम से धोखाधड़ी होती है और उसमें बैंक की लापरवाही सामने आती है, तो बैंक को पीड़ित व्यक्ति के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। यह निर्देश बैंकिंग प्रणाली में सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक कदम है।

असामान्य लेनदेन पर निगरानी

न्यायालय ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि बैंकों को अपने सुरक्षा तंत्र को सक्रिय रखना चाहिए। असामान्य लेनदेन की पहचान करना और उन पर समय रहते रोक लगाना बैंकों का प्राथमिक कर्तव्य है। संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए बैंकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि ग्राहकों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।

डिजिटल धोखाधड़ी और बैंक
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव
  • बैंकों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
  • लापरवाही की स्थिति में बैंक मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार होंगे।
  • संदिग्ध लेनदेन को रोकने के लिए तकनीक का बेहतर उपयोग आवश्यक है।
  • ग्राहकों के हितों की रक्षा करना बैंकिंग संस्थानों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: Supreme Court Suggests Using Celebrities Like Virat Kohli for Pollution Awareness in Delhi

स्रोत: Aaj Tak, Aaj Tak

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

टिप्पणियां (1)

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X