एशिया-प्रशांत क्षेत्र की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का मंच APEC इस साल चीन की मेजबानी में मिल रहा है। चीन सरकार की घोषणा के मुताबिक APEC आर्थिक नेताओं की अनौपचारिक बैठक 18 और 19 नवंबर 2026 को दक्षिणी चीन के शहर शेनझेन में होगी। इससे ठीक पहले APEC CEO शिखर सम्मेलन भी होना है। अमेरिका, चीन, जापान, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसी अर्थव्यवस्थाएं इस मंच का हिस्सा हैं, इसलिए यहां होने वाली बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर रहती है।
APEC क्या है
APEC का पूरा नाम एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन है, यानी एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग। इसकी स्थापना 1989 में ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में हुई थी। शुरुआत में इसमें 12 सदस्य थे। APEC के अनुसार अब इसमें 21 सदस्य अर्थव्यवस्थाएं हैं। APEC अपने सदस्यों को देश नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था कहता है, क्योंकि इसमें हांगकांग और चीनी ताइपे जैसे सदस्य भी हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक स्थिति अलग है।

21 सदस्य कौन हैं
- ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई, कनाडा, चिली, चीन
- हांगकांग (चीन), इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया
- मेक्सिको, न्यूजीलैंड, पापुआ न्यू गिनी, पेरू, फिलीपींस
- रूस, सिंगापुर, चीनी ताइपे, थाईलैंड, अमेरिका, वियतनाम
APEC क्या करता है
APEC का मुख्य मकसद क्षेत्र में व्यापार और निवेश को आसान बनाना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। इसके फैसले बाध्यकारी नहीं होते। सदस्य आपसी सहमति और स्वैच्छिक प्रतिबद्धता के आधार पर काम करते हैं। इसके एजेंडे में ये विषय रहते हैं:
- शुल्क और व्यापार की बाधाएं कम करना
- सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाना
- डिजिटल अर्थव्यवस्था और ई-कॉमर्स
- आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना
- छोटे और मझोले उद्योगों को मदद
- ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और जलवायु से जुड़ा सहयोग
1994 में इंडोनेशिया के बोगोर में हुई बैठक में सदस्यों ने मुक्त और खुले व्यापार व निवेश का लक्ष्य तय किया था, जिसे बोगोर लक्ष्य कहा जाता है।
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साल भर कैसे चलता है
हर साल एक सदस्य मेजबान बनता है। साल भर वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों की बैठकें होती हैं, जिनमें व्यापार, वित्त, स्वास्थ्य, पर्यटन, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी जैसे विषयों पर काम होता है। साल के अंत में नेताओं की बैठक होती है, जहां संयुक्त घोषणापत्र जारी करने की कोशिश होती है। इस मौके पर बड़े नेताओं की आपसी मुलाकातें भी होती हैं, जो कई बार द्विपक्षीय संबंधों में अहम मोड़ बनती हैं।
भारत सदस्य क्यों नहीं
भारत APEC का सदस्य नहीं है। भारत ने कई बार सदस्यता में रुचि दिखाई है और 2011 में उसे पर्यवेक्षक के रूप में भी आमंत्रित किया गया था। लेकिन नवंबर 1997 में वैंकूवर बैठक में पेरू, रूस और वियतनाम को शामिल करने के साथ ही APEC ने नए सदस्यों पर दस साल की रोक लगा दी थी, जिसे 2007 में 2010 तक बढ़ाया गया। उसके बाद से भी कोई नया सदस्य नहीं जोड़ा गया है। इसके अलावा भारत प्रशांत महासागर से सीधे नहीं जुड़ा है, जिसे भी सदस्यता की राह में एक तर्क के रूप में देखा जाता है। हालांकि अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और कई दक्षिण-पूर्व एशियाई देश अलग-अलग मौकों पर भारत की सदस्यता का समर्थन कर चुके हैं।
हाल के वर्षों की चुनौतियां
पिछले कुछ वर्षों में APEC की बैठकों पर बड़े देशों के बीच व्यापारिक तनाव की छाया रही है। शुल्क बढ़ाने के फैसलों, तकनीकी निर्यात पर पाबंदियों और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर प्रतिस्पर्धा ने सहमति बनाना मुश्किल किया है। कई बार नेताओं की बैठक के अंत में संयुक्त घोषणापत्र पर सहमति नहीं बन पाई और मेजबान को अध्यक्ष का बयान जारी करना पड़ा। ऐसे में इस बार चीन की मेजबानी में होने वाली बैठक से यह देखना दिलचस्प होगा कि सदस्य किन मुद्दों पर साझा रुख अपनाते हैं। जानकारों की नजर इस पर भी रहेगी कि बैठक के दौरान बड़े नेताओं की द्विपक्षीय मुलाकातें होती हैं या नहीं।
भारत के लिए क्यों मायने रखता है
APEC के सदस्य भारत के बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। अमेरिका, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ भारत का व्यापार और निवेश तेजी से बढ़ा है। APEC में तय होने वाले मानक, जैसे डिजिटल व्यापार और सीमा शुल्क के नियम, आगे चलकर पूरे क्षेत्र के कारोबार को प्रभावित करते हैं। भारत इन देशों के साथ आसियान, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन, क्वाड और G20 जैसे मंचों पर जुड़ा रहता है।
शेनझेन क्यों खास
शेनझेन चीन के शुरुआती विशेष आर्थिक क्षेत्रों में से एक है। 1980 में इसे यह दर्जा मिला और कुछ ही दशकों में यह मछुआरों के छोटे इलाके से दुनिया के बड़े तकनीकी और विनिर्माण केंद्रों में बदल गया। कई बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी कंपनियों का मुख्यालय यहीं है। APEC की मेजबानी के लिए इस शहर का चुनाव चीन के आर्थिक सुधारों की कहानी दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है।
APEC 2026 की बैठक कब और कहां है
APEC आर्थिक नेताओं की बैठक 18 और 19 नवंबर 2026 को चीन के शेनझेन में होगी।
APEC में कितने सदस्य हैं
APEC में 21 सदस्य अर्थव्यवस्थाएं हैं। भारत इसका सदस्य नहीं है।





