दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का समूह G20 इस साल अमेरिका की अध्यक्षता में काम कर रहा है। अमेरिकी सरकार की घोषणा के मुताबिक 2026 का नेताओं का शिखर सम्मेलन 14 और 15 दिसंबर को फ्लोरिडा के मियामी में ट्रंप नेशनल डोरल रिसॉर्ट में होना है। साल भर चलने वाली मंत्रिस्तरीय और कार्य समूहों की बैठकें इसी शिखर सम्मेलन में जाकर खत्म होती हैं। भारत 2023 में इस समूह की अध्यक्षता कर चुका है, इसलिए G20 की हर बैठक पर भारत की नजर रहती है।
G20 क्या है
G20 यानी ग्रुप ऑफ ट्वेंटी की शुरुआत 1999 में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों के मंच के रूप में हुई थी। 1997-98 के एशियाई वित्तीय संकट के बाद महसूस किया गया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के फैसलों में सिर्फ अमीर देशों का छोटा समूह काफी नहीं है। 2008 की वैश्विक मंदी के बाद इसे राष्ट्राध्यक्षों के स्तर पर उठाया गया और नवंबर 2008 में वॉशिंगटन में पहला शिखर सम्मेलन हुआ।

कौन-कौन सदस्य हैं
G20 में 19 देश, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ शामिल हैं:
- एशिया: भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, तुर्किये
- यूरोप: ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, रूस
- अमेरिका महाद्वीप: अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको, ब्राजील, अर्जेंटीना
- अन्य: ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका
- क्षेत्रीय संगठन: यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ
ये सदस्य मिलकर दुनिया की GDP का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से ज्यादा और दुनिया की लगभग दो तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
G20 कैसे काम करता है
G20 का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है। हर साल एक सदस्य देश अध्यक्ष बनता है और वही एजेंडा तय करता है। पिछली, मौजूदा और अगली अध्यक्षता वाले देश मिलकर ट्रोइका बनाते हैं, ताकि काम में निरंतरता बनी रहे। काम दो रास्तों से चलता है:
- शेरपा ट्रैक: नेताओं के निजी प्रतिनिधि, जिन्हें शेरपा कहा जाता है, व्यापार, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि जैसे मुद्दों पर बातचीत करते हैं
- वित्त ट्रैक: वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर वैश्विक अर्थव्यवस्था, कर्ज, टैक्स और वित्तीय नियमन पर काम करते हैं
G20 के फैसले कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते, लेकिन यहां बनी सहमति विश्व बैंक, IMF और दूसरी संस्थाओं की नीतियों को प्रभावित करती है।
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भारत की अध्यक्षता
भारत ने 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक G20 की अध्यक्षता की। इसका विषय था वसुधैव कुटुंबकम, यानी एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य। देश के 60 से ज्यादा शहरों में 200 से अधिक बैठकें हुईं। सितंबर 2023 में नई दिल्ली के भारत मंडपम में शिखर सम्मेलन हुआ, जहां सर्वसम्मति से घोषणापत्र स्वीकार किया गया। इसी सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य बनाया गया, जिसे भारत की कूटनीति की बड़ी सफलता माना गया। भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, जलवायु वित्त और विकासशील देशों की आवाज को एजेंडे में प्रमुखता से रखा।
हाल की अध्यक्षताएं
- 2023: भारत, नई दिल्ली शिखर सम्मेलन
- 2024: ब्राजील, रियो डी जनेरियो शिखर सम्मेलन
- 2025: दक्षिण अफ्रीका, जोहान्सबर्ग में अफ्रीकी महाद्वीप पर पहला G20 शिखर सम्मेलन
- 2026: अमेरिका, मियामी
भारत के लिए क्यों अहम
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देशों में है। व्यापार, शुल्क, तकनीक, ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला जैसे मुद्दों पर G20 मंच पर होने वाली चर्चा का असर भारत के निर्यातकों और उद्योगों पर पड़ता है। शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं की द्विपक्षीय बैठकें भी होती हैं, जिनमें कई बार बड़े समझौतों की नींव पड़ती है। भारत विकासशील देशों यानी ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं, जैसे कर्ज संकट, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु वित्त, को उठाता रहा है।
सम्मेलन में आम तौर पर क्या होता है
शिखर सम्मेलन दो दिन का होता है और इसे अलग-अलग सत्रों में बांटा जाता है, जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास, जलवायु और ऊर्जा, स्वास्थ्य और डिजिटल अर्थव्यवस्था। सत्रों के अंत में नेताओं का संयुक्त घोषणापत्र जारी करने की कोशिश होती है, जिस पर महीनों पहले से शेरपा बातचीत करते हैं। सदस्यों के अलावा मेजबान देश कुछ अतिथि देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों, जैसे संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक, IMF और WTO, को भी बुलाता है। सम्मेलन से इतर नेताओं की आपसी मुलाकातें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। कारोबार, युवा, महिलाओं और नागरिक संगठनों के लिए बने सहायक समूह भी साल भर अपनी सिफारिशें तैयार करते हैं, जो नेताओं तक पहुंचाई जाती हैं।
G7 और G20 में फर्क
G7 सात विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा। G20 इससे बड़ा मंच है, जिसमें भारत, चीन, ब्राजील जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाएं भी हैं। भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन कई बार उसके सम्मेलनों में अतिथि देश के रूप में बुलाया गया है।
G20 शिखर सम्मेलन 2026 कब और कहां है
अमेरिका की घोषणा के अनुसार यह 14 और 15 दिसंबर 2026 को मियामी, फ्लोरिडा में होना है।
G20 में कितने सदस्य हैं
19 देश और दो क्षेत्रीय संगठन, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ।
स्रोत: विदेश मंत्रालय, भारत सरकार, G20 भारत अध्यक्षता का आधिकारिक पोर्टल





