धनतेरस और दिवाली पर घर खरीदना शुभ माना जाता है। इसी को देखते हुए बिल्डर इस समय बुकिंग पर छूट, मुफ्त पार्किंग, मॉड्यूलर किचन या रजिस्ट्री शुल्क में राहत जैसे ऑफर देते हैं। लेकिन घर जीवन की सबसे बड़ी खरीदारी होती है। ऑफर के लालच में जल्दबाजी करना बाद में भारी पड़ सकता है। रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016, यानी RERA, खरीदारों को कई अधिकार देता है। जानिए प्रॉपर्टी बुकिंग से पहले RERA से जुड़ी क्या जांच करें।
प्रोजेक्ट का RERA पंजीकरण
RERA के तहत तय आकार से बड़े लगभग सभी आवासीय प्रोजेक्ट का राज्य के RERA प्राधिकरण में पंजीकरण जरूरी है। बिना पंजीकरण के बिल्डर प्रोजेक्ट का विज्ञापन या बुकिंग नहीं कर सकता।
- बिल्डर से प्रोजेक्ट का RERA पंजीकरण नंबर मांगें
- अपने राज्य के RERA पोर्टल पर यह नंबर डालकर प्रोजेक्ट की जानकारी देखें, जैसे उत्तर प्रदेश में up-rera.in
- पोर्टल पर प्रोजेक्ट पूरा होने की तारीख, मंजूर नक्शा, प्रमोटर की जानकारी और तिमाही प्रगति रिपोर्ट देखी जा सकती है

बिल्डर का रिकॉर्ड
- बिल्डर के पुराने प्रोजेक्ट समय पर पूरे हुए या नहीं, यह पता करें
- RERA पोर्टल पर बिल्डर के खिलाफ शिकायतें और आदेश भी देखे जा सकते हैं
- पुराने प्रोजेक्ट में रहने वाले लोगों से बात करें
बुकिंग राशि की सीमा
RERA कानून के अनुसार बिल्डर लिखित बिक्री समझौता किए बिना फ्लैट की कीमत के 10 प्रतिशत से ज्यादा रकम एडवांस या आवेदन शुल्क के रूप में नहीं ले सकता। इससे ज्यादा मांगा जाए, तो सावधान रहें।
यह भी पढ़ें: होम लोन लेने से पहले जानें: ब्याज दर कैसे तय होती है, EMI, डाउन पेमेंट, प्रीपेमेंट और जरूरी दस्तावेज | स्वामित्व योजना प्रॉपर्टी कार्ड: गांव के घर का मालिकाना कागज कैसे मिलता है, ड्रोन सर्वे और कार्ड के फायदे
कार्पेट एरिया
RERA के तहत फ्लैट की कीमत कार्पेट एरिया के आधार पर बताई जानी चाहिए, यानी अंदर की असली इस्तेमाल होने वाली जगह। सुपर एरिया के भ्रम में न पड़ें।
समझौते में क्या देखें
- कब्जा देने की तारीख
- देरी होने पर बिल्डर की जिम्मेदारी और ब्याज
- भुगतान की किस्तें, जो निर्माण की प्रगति से जुड़ी हों
- पार्किंग, क्लब और दूसरी सुविधाओं के शुल्क
- बुकिंग रद्द करने पर पैसे वापसी की शर्तें
समझौते को किसी जानकार वकील से पढ़वा लेना अच्छा रहता है।
ऑफर की जांच
मुफ्त सुविधाएं और छूट लिखित में लें। ध्यान दें कि छूट कहीं दूसरे शुल्क बढ़ाकर तो नहीं दी जा रही। कुल कीमत की तुलना आसपास के दूसरे प्रोजेक्ट से करें।
होम लोन
अगर लोन लेना है, तो देखें कि प्रोजेक्ट को बैंकों ने मंजूरी दी है या नहीं। बैंक भी प्रोजेक्ट के कागज जांचते हैं। अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर और शुल्क मिलाएं।
शिकायत कहां करें
बिल्डर नियमों का पालन न करे, कब्जे में देरी हो या वादे पूरे न हों, तो राज्य के RERA प्राधिकरण में ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।
क्या रेडी टू मूव फ्लैट में भी RERA देखना चाहिए?
हां। तैयार प्रोजेक्ट में भी कब्जा प्रमाण पत्र, पूर्णता प्रमाण पत्र और जमीन के कागजों की जांच जरूरी है।
स्रोत: आवास और शहरी कार्य मंत्रालय: रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016, उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (UP RERA)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





