गांवों में बहुत से परिवार पीढ़ियों से जिस घर में रहते हैं, उसका कोई कानूनी कागज उनके पास नहीं होता। गांव की आबादी वाली जमीन का रिकॉर्ड अक्सर राजस्व विभाग के नक्शे में दर्ज नहीं होता। इस वजह से न तो उस घर पर बैंक से लोन मिलता है और न ही जमीन के विवाद आसानी से सुलझते हैं। केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की स्वामित्व योजना इसी समस्या को हल करने के लिए है। जानिए स्वामित्व योजना प्रॉपर्टी कार्ड कैसे मिलता है।
स्वामित्व योजना क्या है
स्वामित्व का पूरा नाम है गांवों का सर्वेक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत तकनीक से मानचित्रण। इसमें ड्रोन की मदद से गांव की आबादी वाली जमीन का सर्वे किया जाता है। हर घर और जमीन के टुकड़े का सटीक नक्शा तैयार होता है। इसके आधार पर घर के मालिक को प्रॉपर्टी कार्ड या अधिकार अभिलेख दिया जाता है। अलग-अलग राज्यों में इस कार्ड का नाम अलग होता है, जैसे उत्तर प्रदेश में घरौनी।

सर्वे कैसे होता है
- राज्य का राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग मिलकर सर्वे करते हैं
- सर्वे से पहले गांव में सूचना दी जाती है
- गांव वालों की मौजूदगी में घरों और जमीन की सीमा पर चूने से निशान लगाए जाते हैं
- फिर ड्रोन से तस्वीरें लेकर नक्शा बनाया जाता है
- नक्शे के आधार पर हर संपत्ति का रिकॉर्ड तैयार होता है
इस योजना में घर मालिकों को अलग से आवेदन करने की जरूरत आमतौर पर नहीं होती, क्योंकि सर्वे पूरे गांव का होता है।
आपत्ति का अधिकार
सर्वे के बाद तैयार रिकॉर्ड का ड्राफ्ट गांव में दिखाया जाता है। अगर किसी को अपने घर की सीमा, नाम या क्षेत्रफल पर आपत्ति है, तो वह तय समय में आपत्ति दर्ज करा सकता है। आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम रिकॉर्ड बनता है। इसलिए सर्वे के समय घर पर मौजूद रहना और ड्राफ्ट ध्यान से देखना जरूरी है।
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प्रॉपर्टी कार्ड कहां मिलेगा
अंतिम रिकॉर्ड बनने के बाद राज्य सरकार प्रॉपर्टी कार्ड वितरित करती है। कई राज्यों में कार्ड डिजिटल रूप में भी उपलब्ध है। अपने गांव में सर्वे की स्थिति और कार्ड की जानकारी के लिए ग्राम पंचायत, लेखपाल या पटवारी और तहसील कार्यालय से संपर्क करें। योजना की राष्ट्रीय जानकारी svamitva.nic.in पर दी गई है।
प्रॉपर्टी कार्ड के फायदे
- घर पर कानूनी मालिकाना हक का प्रमाण
- घर को गिरवी रखकर बैंक से लोन लेने में मदद
- जमीन से जुड़े विवाद कम होने की संभावना
- संपत्ति की खरीद-बिक्री और बंटवारे में आसानी
- ग्राम पंचायत को संपत्ति का रिकॉर्ड मिलने से गांव की योजना बनाने में मदद
ध्यान रखें
- सर्वे और प्रॉपर्टी कार्ड के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें
- कार्ड मिलने के बाद उसमें नाम, क्षेत्रफल और सीमा जांच लें
- गलती हो, तो तहसील कार्यालय में सुधार के लिए आवेदन करें
- परिवार में बंटवारा हो, तो रिकॉर्ड अपडेट कराएं
क्या खेती की जमीन भी इस योजना में आती है?
नहीं। स्वामित्व योजना गांव की आबादी वाली जमीन, यानी जहां घर बने हैं, उसके लिए है। खेती की जमीन का रिकॉर्ड राजस्व विभाग के भूलेख में होता है।
स्रोत: स्वामित्व योजना, पंचायती राज मंत्रालय। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





