जन्म प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति का सबसे पहला सरकारी दस्तावेज है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम 2023 लागू होने के बाद 1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र स्कूल दाखिले, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर सूची, आधार, पासपोर्ट और सरकारी नौकरी जैसे कामों में जन्म तारीख और जन्म स्थान का मुख्य दस्तावेज बन गया है। इसके लिए भारत के महारजिस्ट्रार का नागरिक पंजीकरण प्रणाली यानी CRS पोर्टल है। जानिए जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे बनवाएं।
21 दिन का नियम
कानून के अनुसार हर जन्म का पंजीकरण 21 दिन के भीतर कराना जरूरी है। इस अवधि में पंजीकरण मुफ्त होता है। इसके बाद देर से पंजीकरण के लिए शुल्क और अतिरिक्त प्रक्रिया लगती है।

अस्पताल में जन्म
सरकारी या निजी अस्पताल में जन्म होने पर अस्पताल की जिम्मेदारी है कि वह जन्म की सूचना रजिस्ट्रार को दे। कई अस्पताल खुद CRS पोर्टल पर पंजीकरण करते हैं। माता-पिता अस्पताल से पूछ लें कि पंजीकरण हुआ या नहीं और सही जानकारी दर्ज हुई या नहीं।
घर पर जन्म
घर पर जन्म होने पर परिवार के मुखिया या माता-पिता को सूचना देनी होती है। गांव में यह सूचना ग्राम पंचायत सचिव या तय रजिस्ट्रार को और शहर में नगर निकाय के रजिस्ट्रार को दी जाती है। कई राज्यों में आशा या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी इसमें मदद करती हैं।
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CRS पोर्टल पर आवेदन
- dc.crsorgi.gov.in पोर्टल पर जाएं
- सामान्य उपयोगकर्ता के रूप में पंजीकरण करें
- जन्म पंजीकरण का फॉर्म चुनें
- बच्चे की जन्म तारीख, जन्म स्थान, लिंग और माता-पिता की जानकारी भरें
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन जमा करें
रजिस्ट्रार के सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र डिजिटल रूप में जारी होता है, जिसे डाउनलोड किया जा सकता है। कुछ राज्यों के अपने पोर्टल भी CRS से जुड़े हैं।
जरूरी दस्तावेज
- अस्पताल का डिस्चार्ज कार्ड या जन्म की सूचना
- माता-पिता का आधार
- पते का प्रमाण
- घर पर जन्म हो, तो तय फॉर्म में जानकारी और जरूरत हो तो शपथ पत्र
देर से पंजीकरण
- 21 दिन के बाद और 30 दिन तक: तय शुल्क के साथ
- 30 दिन के बाद और एक साल तक: तय शुल्क और अधिकारी की लिखित अनुमति के साथ
- एक साल के बाद: शुल्क और संबंधित मजिस्ट्रेट या अधिकृत अधिकारी के आदेश के बाद
शुल्क और प्रक्रिया राज्य के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है।
बच्चे का नाम बाद में जोड़ना
पंजीकरण के समय बच्चे का नाम तय न हो, तो बिना नाम के भी पंजीकरण हो सकता है। बाद में नियमों के अनुसार तय अवधि के भीतर नाम जुड़वाया जा सकता है। इसके लिए रजिस्ट्रार के पास आवेदन करें।
गलती का सुधार
प्रमाण पत्र में नाम, जन्म तारीख या माता-पिता के नाम में गलती हो, तो सबूत के साथ रजिस्ट्रार के पास सुधार का आवेदन करें।
क्या पुराने जन्म का प्रमाण पत्र अब भी बन सकता है?
हां, देर से पंजीकरण की प्रक्रिया से पुराने जन्म का भी पंजीकरण हो सकता है, अगर वह पहले दर्ज नहीं है। इसके लिए स्थानीय रजिस्ट्रार से संपर्क करें।
स्रोत: नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS), भारत के महारजिस्ट्रार, भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





