इंडिया गठबंधन के नेताओं ने शनिवार 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एक प्रतीकात्मक जन महाभियोग कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मॉक संसद के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए और उन्हें तत्काल उनके पद से हटाने की मांग की गई। विपक्षी नेताओं का कहना है कि देश के नागरिकों के वोट देने का अधिकार अब गंभीर खतरे में है और चुनाव आयोग की स्वायत्तता को कमजोर किया जा रहा है। इस सभा में भारत की साठ प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों और नागरिकों ने हिस्सा लिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जन महाभियोग की कार्यवाही
इस विशेष सभा की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार ने की। उन्होंने कार्यवाही की शुरुआत करते हुए स्पष्ट किया कि यह सभा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग चलाने के लिए बुलाई गई है। मीरा कुमार ने आरोप लगाया कि देश के करोड़ों मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब इस संबंध में सवाल पूछे जाते हैं, तो आयोग की ओर से कोई जवाबदेही तय नहीं की जाती है। इसी कारण इंडिया गठबंधन ने यह निर्णय लिया कि एक सार्वजनिक मंच से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाया जाए और उनकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इस प्रस्ताव को प्रस्तुत करने के लिए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को आमंत्रित किया गया।
मल्लिकार्जुन खरगे के छह गंभीर आरोप
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह प्रमुख आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह से प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने रातों रात विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की घोषणा कर दी, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी के विरोधियों के वोट काटना था। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए घुसपैठियों का बहाना बना रही है, जबकि विपक्ष केवल असली और वैध मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ रहा है। खरगे के अनुसार, 2014 से ही सत्ता में बने रहने के लिए सांसदों को तोड़ने और सरकारों को गिराने जैसी साजिशें रची जा रही हैं और अब वोट चोरी का सहारा लिया जा रहा है।
चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून 2023 पर विवाद
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल अधिनियम 2023 पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार इस कानून की वजह से ही अपनी मनमानी कर पा रहे हैं। खरगे ने याद दिलाया कि यह कानून दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित करके पारित किया गया था। उन्होंने इस कानून को शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह चुनाव आयुक्तों को एक ऐसा सुरक्षा कवच प्रदान करता है जो देश के राष्ट्रपति या भारत के मुख्य न्यायाधीश के पास भी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने ज्ञानेश कुमार को यह आजीवन कानूनी सुरक्षा इसलिए दी है ताकि उनके द्वारा किए गए गलत कार्यों को छिपाया जा सके।
संवैधानिक अधिकार और ऐतिहासिक संदर्भ
अपने भाषण के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने सरदार पटेल की 151वीं जयंती और इंदिरा गांधी के शहादत दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत नागरिकों को मिला वोट का अधिकार आज खतरे में है। खरगे ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, बाबा साहेब अंबेडकर, सरदार पटेल और मौलाना आजाद जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया। उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि वोट का अधिकार आम जनता की सबसे बड़ी ताकत है, जिससे सरकारें बनाई और हटाई जाती हैं। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है।
एसआईआर प्रक्रिया और भविष्य की मांगें
इंडिया गठबंधन ने मांग की है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए। खरगे ने कहा कि उनके पास वोट चोरी के सैकड़ों उदाहरण मौजूद हैं। गठबंधन का संकल्प है कि भारतीय संविधान के कानूनी ढांचे के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी विशेष समूह के लिए नहीं, बल्कि देश के हर उस नागरिक के लिए है जिसका नाम मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाया गया है। विपक्षी दलों ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव आयोग की निष्पक्षता बहाल नहीं की गई, तो लोकतंत्र का आधार ही समाप्त हो जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से इंडिया गठबंधन ने सरकार को संदेश दिया है कि वे नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना विरोध जारी रखेंगे।
स्रोत: India TV, Prabhat Khabar, Prabhat Khabar





