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गलत खाते में पैसा चला गया? UPI या नेट बैंकिंग से गलत ट्रांसफर के बाद तुरंत क्या करें, बैंक, NPCI और RBI लोकपाल में शिकायत का तरीका

एक अंक की गलती से पैसा किसी और के खाते में जा सकता है। ऐसे में जल्दी और सही जगह शिकायत करना सबसे जरूरी है।

मोबाइल पर पैसे भेजते समय चिंतित व्यक्ति का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • UPI ने पैसे भेजना बेहद आसान बना दिया है, लेकिन जल्दबाजी में मोबाइल नंबर, UPI ID या खाता संख्या में एक अंक की गलती से पैसा किसी और के खाते में जा सकता है।
  • आपका बैंक शिकायत मिलने पर पाने वाले के बैंक को सूचना भेजता है।
  • अगर पैसा गलती से नहीं, बल्कि किसी ठगी में गया है, जैसे किसी ने झांसे में लेकर QR कोड स्कैन करवाया या फर्जी कॉल पर पैसे भिजवाए, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या…
  • अपने UPI ऐप और बैंक में तुरंत शिकायत करें और ट्रांजैक्शन ID संभालकर रखें।

UPI ने पैसे भेजना बेहद आसान बना दिया है, लेकिन जल्दबाजी में मोबाइल नंबर, UPI ID या खाता संख्या में एक अंक की गलती से पैसा किसी और के खाते में जा सकता है। ऐसे मामलों में सबसे बड़ी गलती होती है देर करना। गलत ट्रांसफर के बाद जितनी जल्दी सही जगह शिकायत की जाए, पैसा वापस मिलने की संभावना उतनी ज्यादा रहती है। इस लेख में जानिए गलत खाते में पैसा चले जाने पर क्या करें, कहां शिकायत करें और किन बातों का ध्यान रखें।

पहले यह समझें

बैंक या UPI ऐप अपने आप किसी और के खाते से पैसा वापस नहीं निकाल सकते। जिस व्यक्ति के खाते में पैसा गया है, आम तौर पर उसकी सहमति जरूरी होती है। बैंक का काम है कि वह पाने वाले के बैंक से संपर्क कर रकम लौटाने का अनुरोध करे। इसलिए शिकायत में पूरी और सही जानकारी देना बहुत जरूरी है।

मुख्य बातें: मोबाइल पर पैसे भेजते समय चिंतित व्यक्ति का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

तुरंत करें ये काम

  • ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट लें और UTR या ट्रांजैक्शन ID नोट करें।
  • पैसा पाने वाले का नाम, UPI ID या खाता संख्या, रकम, तारीख और समय लिख लें।
  • अपने UPI ऐप में उस ट्रांजैक्शन पर जाकर हेल्प या रिपोर्ट विकल्प से शिकायत दर्ज करें।
  • अपने बैंक के कस्टमर केयर पर फोन करें या शाखा जाकर लिखित शिकायत दें।
  • शिकायत का रेफरेंस नंबर संभालकर रखें।

पाने वाले से संपर्क

अगर पैसा किसी जान पहचान वाले या ऐसे व्यक्ति के खाते में गया है जिसका नंबर आपके पास है, तो विनम्रता से उससे संपर्क कर पैसा लौटाने का अनुरोध कर सकते हैं। कई लोग खुद ही रकम लौटा देते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि किसी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंक जानकारी, OTP या PIN न दें। अगर कोई पैसा लौटाने के बदले लिंक भेजे या कोई ऐप डाउनलोड करने को कहे, तो सावधान हो जाएं।

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बैंक की भूमिका

आपका बैंक शिकायत मिलने पर पाने वाले के बैंक को सूचना भेजता है। पाने वाले का बैंक अपने ग्राहक से संपर्क करता है और रकम लौटाने के लिए सहमति मांगता है। सहमति मिलने पर पैसा वापस आपके खाते में भेज दिया जाता है। अगर दोनों खाते एक ही बैंक में हैं, तो प्रक्रिया आम तौर पर आसान होती है।

NPCI पर शिकायत

UPI से जुड़े विवादों के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI की वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था है। वहां ट्रांजैक्शन ID, बैंक का नाम, रकम और तारीख जैसी जानकारी देकर शिकायत की जा सकती है। हालांकि पहले अपने बैंक और UPI ऐप में शिकायत करना बेहतर रहता है।

RBI लोकपाल

अगर बैंक में शिकायत करने के 30 दिन के भीतर जवाब नहीं मिलता या आप जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो रिज़र्व बैंक की एकीकृत लोकपाल योजना के तहत cms.rbi.org.in पर शिकायत की जा सकती है। इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना मुफ्त है। शिकायत के साथ बैंक को दी गई शिकायत का रेफरेंस नंबर और जवाब, अगर मिला हो, जरूर लगाएं।

धोखाधड़ी हो तो

अगर पैसा गलती से नहीं, बल्कि किसी ठगी में गया है, जैसे किसी ने झांसे में लेकर QR कोड स्कैन करवाया या फर्जी कॉल पर पैसे भिजवाए, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। जल्दी शिकायत करने से संदिग्ध खाते में रकम रोकने की कोशिश की जा सकती है। साथ ही अपने बैंक को भी तुरंत सूचना दें।

गलती से बचने के तरीके

  • पैसे भेजने से पहले स्क्रीन पर दिख रहा पाने वाले का नाम जरूर मिलाएं।
  • नए व्यक्ति को बड़ी रकम भेजने से पहले 1 रुपये भेजकर पुष्टि कर लें।
  • सेव किए गए कॉन्टैक्ट या लाभार्थी का इस्तेमाल करें।
  • जल्दबाजी में या किसी के दबाव में पैसे न भेजें।
  • याद रखें कि पैसे लेने के लिए कभी UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती।

बैंक में शिकायत करते समय क्या लिखें

शिकायत में अपना नाम, खाता संख्या, ट्रांजैक्शन की तारीख और समय, रकम, UTR नंबर, पाने वाले का UPI ID या खाता संख्या और गलती कैसे हुई, यह साफ लिखें। साथ में ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट लगाएं। शिकायत की एक कॉपी या ईमेल का रिकॉर्ड अपने पास रखें। बैंक से लिखित जवाब मांगें, ताकि आगे लोकपाल में शिकायत करते समय सबूत रहे।

अगर पाने वाला पैसा लौटाने से मना करे

अगर पाने वाला व्यक्ति सहमति नहीं देता, तो बैंक जबरदस्ती पैसा नहीं निकाल सकता। ऐसी स्थिति में कानूनी सलाह लेकर दीवानी कार्यवाही का रास्ता अपनाया जा सकता है। रकम बड़ी हो तो वकील से बात करें। इसलिए सबसे अच्छा उपाय सावधानी ही है।

गलत खाते में पैसा जाने पर सबसे पहले क्या करें

अपने UPI ऐप और बैंक में तुरंत शिकायत करें और ट्रांजैक्शन ID संभालकर रखें।

क्या बैंक खुद पैसा वापस ले सकता है

आम तौर पर पाने वाले की सहमति जरूरी होती है, बैंक इसके लिए प्रक्रिया शुरू करता है।

RBI लोकपाल में कब शिकायत करें

बैंक से 30 दिन में जवाब न मिलने या असंतोषजनक जवाब पर।

ठगी होने पर कहां शिकायत करें

1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर।

स्रोत: NPCI: UPI Dispute Redressal, RBI Complaint Management System, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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