ताज़ा खबर
What Is BRICS? Members, New Development Bank and India’s Role as Chair in 2026 BREAKING: 4 नवंबर को चंडीगढ़ में बीजेपी का सिख सम्मेलन आयोजित प्रधानमंत्री वन धन योजना: आदिवासी समूहों को महुआ, इमली और शहद जैसी वन उपज से कमाई, वन धन विकास केंद्र और TRIFED की भूमिका BREAKING: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरदार पटेल कौशल योजना का शुभारंभ करेंगे Guru Nanak Jayanti: Significance of Gurpurab, Prabhat Pheri, Akhand Path and the Teachings of Guru Nanak पुराना सामान ऑनलाइन बेचने में फ्रॉड: दिवाली की सफाई के बाद बिक्री करते समय QR कोड और फर्जी खरीदार से बचें BREAKING: तमिलनाडु में सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा में पांच साल की छूट COP Climate Summit Explained: What Happens at a COP, the Paris Agreement and What India Seeks
ट्रेंडिंग
आपका पैसा

नॉमिनी क्यों जरूरी है: बैंक खाते, PF, बीमा और डीमैट में नॉमिनी जोड़ने का तरीका और जरूरी बातें

नॉमिनी क्या होता है, बैंक खाते, EPF, बीमा और डीमैट में नॉमिनी कैसे जोड़ें, नॉमिनी और कानूनी वारिस में फर्क और जरूरी सावधानियां।

बैंक, PF और बीमा में नॉमिनी जोड़ने की जानकारी देने वाला ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • बैंक खाता खोलते समय या बीमा पॉलिसी लेते समय नॉमिनी का कॉलम अक्सर जल्दबाजी में खाली छोड़ दिया जाता है।
  • नॉमिनी वह व्यक्ति है, जिसे खाताधारक अपने बाद खाते, निवेश या बीमा की रकम पाने के लिए नामित करता है।
  • नॉमिनी का पूरा नाम, रिश्ता और जन्मतिथि सही लिखें। कई जगह एक से ज्यादा नॉमिनी जोड़कर हर किसी का हिस्सा तय करने की सुविधा होती है।
  • नॉमिनी न होने पर कानूनी वारिसों को आमतौर पर मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, वारिस प्रमाण पत्र या क्षतिपूर्ति बॉन्ड जैसे दस्तावेज देने पड़ सकते हैं।

बैंक खाता खोलते समय या बीमा पॉलिसी लेते समय नॉमिनी का कॉलम अक्सर जल्दबाजी में खाली छोड़ दिया जाता है। लेकिन खाताधारक की मृत्यु के बाद यही छोटी सी चूक परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। नॉमिनी न होने पर परिवार को पैसा पाने के लिए कई दस्तावेज, कानूनी प्रमाण पत्र और लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। जानिए नॉमिनी क्यों जरूरी है।

नॉमिनी कौन होता है

नॉमिनी वह व्यक्ति है, जिसे खाताधारक अपने बाद खाते, निवेश या बीमा की रकम पाने के लिए नामित करता है। खाताधारक की मृत्यु होने पर बैंक, बीमा कंपनी या संस्था कुछ जरूरी दस्तावेज लेकर रकम नॉमिनी को सौंप देती है। इससे परिवार को जल्दी आर्थिक मदद मिल पाती है। नॉमिनी आमतौर पर परिवार का सदस्य होता है, जैसे पति-पत्नी, बच्चे या माता-पिता।

मुख्य बातें: बैंक, PF और बीमा में नॉमिनी जोड़ने की जानकारी देने वाला ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

नॉमिनी और कानूनी वारिस में फर्क

यह समझना जरूरी है कि नॉमिनी हमेशा संपत्ति का अंतिम मालिक नहीं होता। कई मामलों में कानून नॉमिनी को एक तरह से रकम का संरक्षक मानता है, जिसे वह कानूनी वारिसों तक पहुंचाता है। वसीयत और उत्तराधिकार कानून के आधार पर कानूनी वारिसों का अधिकार अलग हो सकता है। हालांकि अलग-अलग निवेश और बीमा के नियम अलग हैं, इसलिए परिवार में विवाद से बचने के लिए नॉमिनी के साथ वसीयत बनाना भी अच्छा माना जाता है।

कहां-कहां नॉमिनी जोड़ें

  • बैंक खाता और फिक्स्ड डिपॉजिट: बैंक शाखा में फॉर्म देकर या नेट बैंकिंग से
  • EPF: EPFO के UAN मेंबर पोर्टल पर ई-नॉमिनेशन की सुविधा है
  • बीमा पॉलिसी: प्रस्ताव फॉर्म में या बाद में बीमा कंपनी को आवेदन देकर
  • डीमैट खाता और म्यूचुअल फंड: ब्रोकर या फंड हाउस के जरिए
  • PPF और पोस्ट ऑफिस योजनाएं: खाता खोलते समय या बाद में फॉर्म देकर
  • बैंक लॉकर: लॉकर लेते समय नॉमिनी जरूर दर्ज कराएं

यह भी पढ़ें: PPF खाता गाइड: 15 साल की अवधि, सालाना निवेश सीमा, टैक्स लाभ, लोन और निकासी के नियम | Term Insurance Plan: टर्म इंश्योरेंस प्लान कैसे चुनें, प्रीमियम, कवर और कंपनी चुनते समय इन 5 बातों पर दें ध्यान

नॉमिनी जोड़ते समय सावधानियां

नॉमिनी का पूरा नाम, रिश्ता और जन्मतिथि सही लिखें। कई जगह एक से ज्यादा नॉमिनी जोड़कर हर किसी का हिस्सा तय करने की सुविधा होती है। नियम संस्था के हिसाब से अलग होते हैं, इसलिए अपने बैंक या फंड हाउस से ताजा नियम पूछें। अगर नॉमिनी नाबालिग है, तो एक अभिभावक का नाम भी देना होता है। शादी, तलाक, बच्चे के जन्म या नॉमिनी की मृत्यु जैसी स्थिति में नॉमिनी तुरंत अपडेट करें। परिवार को बताएं कि आपके कौन से खाते और पॉलिसी हैं और उनके कागज कहां रखे हैं।

नॉमिनी न हो तो क्या होता है

नॉमिनी न होने पर कानूनी वारिसों को आमतौर पर मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, वारिस प्रमाण पत्र या क्षतिपूर्ति बॉन्ड जैसे दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। रकम और संस्था के नियमों के हिसाब से इसमें काफी समय लग सकता है। इसलिए आज ही अपने सभी खातों में नॉमिनी की स्थिति जांच लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नॉमिनी बाद में बदला जा सकता है?

हां, खाताधारक जब चाहे नॉमिनी बदल सकता है।

क्या EPF में नॉमिनी ऑनलाइन जोड़ा जा सकता है?

हां, EPFO के मेंबर पोर्टल पर UAN से लॉगिन करके ई-नॉमिनेशन किया जा सकता है।

स्रोत: भारतीय रिज़र्व बैंक, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), बीमा नियामक IRDAI। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

टिप्पणियां (2)

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X