PM Fasal Bima Yojana: देश भर में रबी फसलों की बुवाई का दौर शुरू होने के साथ ही किसानों के लिए अपनी मेहनत को सुरक्षित करने का समय भी आ गया है। बदलते मौसम, बेमौसम बारिश, पाला, ओलावृष्टि और कीट प्रकोप जैसी अनपेक्षित प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (PMFBY) सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बनकर काम करती है। रबी विपणन सत्र 2026-27 के तहत अधिसूचित रबी फसलों के बीमा पंजीकरण की अंतिम तारीख तेजी से नजदीक आ रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों के अन्नदाताओं से अपील की है कि वे समय सीमा समाप्त होने की प्रतीक्षा किए बिना अपनी गेहूं, जौ, चना, सरसों, मसूर और मटर जैसी प्रमुख फसलों का बीमा अवश्य कराएं, ताकि किसी भी अप्रत्याशित संकट की स्थिति में उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।
PM Fasal Bima Yojana: किसानों के लिए मात्र डेढ़ प्रतिशत प्रीमियम, बाकी बोझ उठाएगी सरकार
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसानों की जेब पर प्रीमियम का न्यूनतम भार डाला जाता है। नीतिगत नियमों के अनुसार, रबी मौसम की सभी खाद्य एवं तिलहनी फसलों के लिए किसानों को कुल बीमित राशि का मात्र 1.5 प्रतिशत प्रीमियम ही जमा करना होता है। नकदी तथा वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के मामले में यह प्रीमियम 5 प्रतिशत निर्धारित है। शेष बची हुई भारी प्रीमियम राशि का भुगतान केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों द्वारा सब्सिडी के रूप में साझा किया जाता है। इतने कम अंशदान पर किसान अपनी पूरी फसल के मूल्य का सुरक्षा कवच प्राप्त कर सकते हैं, जिससे सूखा, अतिवृष्टि, चक्रवात या फसल कटाई के उपरांत होने वाले नुकसान की स्थिति में क्षतिपूर्ति का दावा किया जा सकता है।

किन आपदाओं और परिस्थितियों में मिलता है फसल बीमा का क्लेम
यह योजना बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक के विभिन्न चरणों में फसलों को व्यापक सुरक्षा प्रदान करती है। यदि प्रतिकूल मौसम अथवा सूखे के चलते किसान अधिसूचित क्षेत्र में समय पर बुवाई या रोपाई नहीं कर पाते हैं, तब भी बीमित राशि का 25 प्रतिशत तक क्लेम दिया जाता है। खड़ी फसल के दौरान बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, बादल फटने, भूस्खलन, आकाशीय बिजली या प्राकृतिक आग से होने वाले नुकसान का आकलन कर मुआवजा सीधे खाते में भेजा जाता है। इसके अलावा फसल कटाई के बाद अगले 14 दिनों तक यदि खेत में सुखाने के लिए रखी गई कटी हुई फसल चक्रवात, चक्रवाती बारिश या बेमौसम वर्षा से नष्ट हो जाती है, तो पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान के तहत व्यक्तिगत स्तर पर नुकसान का त्वरित सर्वे कराकर सहायता राशि जारी की जाती है।
बीमा कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज और सत्यापन की शर्तें
फसल बीमा कराने की प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सरल है, लेकिन इसके लिए कुछ बुनियादी दस्तावेजों का तैयार होना जरूरी है। आवेदन के समय किसान को अपनी पहचान का वैध प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की छायाप्रति और वर्तमान पते का प्रमाण उपलब्ध कराना होता है। इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज जमीन के मालिकाना हक से जुड़ा होता है, जिसमें खसरा-खतौनी की नकल या भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र शामिल है। यदि कोई किसान बटाईदार अथवा किराए की भूमि पर खेती कर रहा है, तो उसे संबंधित भूमि स्वामी के साथ हुए लिखित समझौते या ग्राम प्रधान व लेखपाल द्वारा सत्यापित साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय पटवारी या कृषि सहायक द्वारा जारी बुवाई प्रमाण पत्र भी लगाना आवश्यक होता है ताकि यह प्रमाणित हो सके कि संबंधित खसरे में कौन सी फसल बोई गई है।
PM Fasal Bima Yojana: ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन का तरीका तथा सतर्कता
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ने के लिए किसान अपनी सुविधा अनुसार डिजिटल और पारंपरिक दोनों माध्यमों का चयन कर सकते हैं। इच्छुक किसान योजना के आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल (pmfby.gov.in) पर जाकर सीधे ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों या वाणिज्यिक बैंक शाखाओं में जाकर भी फॉर्म भरा जा सकता है। जिन किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से फसली ऋण लिया हुआ है, वे यदि बीमा नहीं कराना चाहते हैं तो उन्हें अंतिम तिथि से कम से कम सात कार्यदिवस पहले अपनी बैंक शाखा में लिखित रूप से ‘ऑप्ट-आउट’ फॉर्म जमा करना होगा, अन्यथा उनके खाते से प्रीमियम स्वतः काट लिया जाएगा। गैर-ऋणी किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते पंजीकरण कराएं और प्रीमियम भुगतान की पक्की रसीद तथा पॉलिसी दस्तावेज संभालकर रखें ताकि भविष्य में दावा प्रस्तुत करने में कोई कानूनी अड़चन न आए।
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स्रोत
1. आधिकारिक PMFBY पोर्टल: आवेदन, पॉलिसी स्टेटस, प्रीमियम कैलकुलेटर और फसल नुकसान की सूचना।
https://pmfby.gov.in/
2. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की प्रेस रिलीज: रबी फसलों पर अधिकतम 1.5% किसान प्रीमियम और सरकारी सब्सिडी की जानकारी।
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2237736&lang=1®=3
3. भारत सरकार का MyGov पोर्टल: फसल नुकसान के प्रकार, बीमा कवरेज और कटाई के बाद 14 दिनों तक लागू प्रावधान।
https://secure.mygov.in/campaigns/pmfby/
4. PMFBY Operational Guidelines: प्रीमियम दरों और योजना के नियमों की विस्तृत जानकारी।
https://pmfby.amnex.co.in/pmfby/pdf/operational_guidelines_pmfby.pdf





