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रेड क्रॉस आंदोलन क्या है: हेनरी ड्यूनांट और सोलफेरिनो की लड़ाई, जिनेवा कन्वेंशन, सात सिद्धांत और तीन नोबेल

युद्ध के मैदान में घायलों की मदद से शुरू हुआ रेड क्रॉस आज दुनिया भर में काम करता है। जानिए इसकी कहानी।

रेड क्रॉस चिह्न वाले राहत वाहन का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • युद्ध हो, भूकंप हो या बाढ़, घायलों और पीड़ितों तक मदद पहुंचाने वाले संगठनों में रेड क्रॉस का नाम सबसे पहले आता है।
  • जून 1859 में स्विट्जरलैंड के कारोबारी हेनरी ड्यूनांट इटली गए थे।
  • आंदोलन में तीन प्रतीक इस्तेमाल होते हैं, रेड क्रॉस, रेड क्रिसेंट और रेड क्रिस्टल।
  • कोई भी व्यक्ति इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला या राज्य शाखा से संपर्क कर स्वयंसेवक बन सकता है।

युद्ध हो, भूकंप हो या बाढ़, घायलों और पीड़ितों तक मदद पहुंचाने वाले संगठनों में रेड क्रॉस का नाम सबसे पहले आता है। सफेद पृष्ठभूमि पर लाल क्रॉस का निशान दुनिया भर में मानवीय सहायता का प्रतीक माना जाता है। इस लेख में जानिए रेड क्रॉस आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई और यह क्या काम करता है।

रेड क्रॉस आंदोलन क्या है

अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट आंदोलन एक मानवीय आंदोलन है। विकिपीडिया पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार इससे दुनिया भर में लगभग 1.6 करोड़ स्वयंसेवक, सदस्य और कर्मचारी जुड़े हैं। इसका मकसद मानव जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा, हर इंसान का सम्मान और मानवीय पीड़ा को रोकना तथा कम करना है।

मुख्य बातें: रेड क्रॉस चिह्न वाले राहत वाहन का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

आंदोलन के तीन हिस्से

  • अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति यानी ICRC
  • अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसाइटी महासंघ यानी IFRC
  • अलग अलग देशों की राष्ट्रीय रेड क्रॉस या रेड क्रिसेंट सोसाइटी

सोलफेरिनो से शुरुआत

जून 1859 में स्विट्जरलैंड के कारोबारी हेनरी ड्यूनांट इटली गए थे। वहां उन्होंने सोलफेरिनो की लड़ाई के बाद हजारों घायल सैनिकों को बिना इलाज के तड़पते देखा। उस दौर में युद्ध के मैदान में घायलों के इलाज की कोई व्यवस्थित व्यवस्था नहीं थी। जिनेवा लौटकर ड्यूनांट ने ए मेमोरी ऑफ सोलफेरिनो नाम की किताब लिखी और 1862 में अपने पैसे से छपवाई। इसमें उन्होंने हर देश में स्वयंसेवी राहत संगठन बनाने का सुझाव दिया।

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पांच लोगों की समिति

1863 में जिनेवा के वकील गुस्ताव मोयनियर ने ड्यूनांट की किताब पर चर्चा शुरू कराई। इसके बाद एक समिति बनी, जिसमें मोयनियर, गियोम हेनरी ड्यूफोर, हेनरी ड्यूनांट, लुई अपिया और थियोडोर मौनोइर शामिल थे। इसे पांच लोगों की समिति कहा जाता है। 26 से 29 अक्टूबर 1863 तक जिनेवा में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुआ, जिसमें युद्ध के मैदान में चिकित्सा सेवा सुधारने के उपायों पर चर्चा हुई।

पहला जिनेवा कन्वेंशन

एक साल बाद स्विट्जरलैंड सरकार ने यूरोपीय देशों के साथ अमेरिका, ब्राजील और मैक्सिको को राजनयिक सम्मेलन में बुलाया। 22 अगस्त 1864 को पहला जिनेवा कन्वेंशन अपनाया गया, जो युद्ध में घायल सैनिकों की हालत सुधारने के लिए था। इसमें दस अनुच्छेद थे, जिन्होंने पहली बार युद्ध में घायल सैनिकों, चिकित्सा कर्मियों और मानवीय संस्थाओं की तटस्थता और सुरक्षा के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी नियम बनाए। 1876 में समिति ने अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति नाम अपनाया, जो आज भी इसका आधिकारिक नाम है।

सात मूल सिद्धांत

रेड क्रॉस आंदोलन सात मूल सिद्धांतों पर चलता है:

  1. मानवता
  2. निष्पक्षता
  3. तटस्थता
  4. स्वतंत्रता
  5. स्वैच्छिक सेवा
  6. एकता
  7. सार्वभौमिकता

तीन प्रतीक

आंदोलन में तीन प्रतीक इस्तेमाल होते हैं, रेड क्रॉस, रेड क्रिसेंट और रेड क्रिस्टल। पहला रेड क्रिसेंट संगठन 1868 में ऑटोमन साम्राज्य में बना था। ये प्रतीक युद्ध के दौरान चिकित्सा कर्मियों और राहत कामों की सुरक्षा के लिए हैं।

नोबेल पुरस्कार

1901 में पहला नोबेल शांति पुरस्कार हेनरी ड्यूनांट और फ्रेडरिक पासी को संयुक्त रूप से दिया गया। विकिपीडिया के अनुसार ICRC को 1917 और 1944 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला। 1963 में ICRC और IFRC को संयुक्त रूप से यह सम्मान मिला।

भारत में रेड क्रॉस

भारत में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना 1920 में हुई। विकिपीडिया के अनुसार इसके लिए 3 मार्च 1920 को भारतीय विधान परिषद में विधेयक पेश किया गया था। संस्था आपदा राहत, रक्तदान, प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं में काम करती है। युवा और जूनियर रेड क्रॉस के जरिए स्कूल और कॉलेज के छात्र भी इससे जुड़ते हैं।

कैसे जुड़ें

कोई भी व्यक्ति इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला या राज्य शाखा से संपर्क कर स्वयंसेवक बन सकता है। रक्तदान शिविरों में हिस्सा लेना और प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण लेना भी इससे जुड़ने का अच्छा तरीका है।

ड्यूनांट का संघर्ष

विकिपीडिया के अनुसार 1867 में अल्जीरिया में कारोबारी नुकसान के कारण हेनरी ड्यूनांट को दिवालिया घोषित होना पड़ा। माना जाता है कि समिति के काम में व्यस्त रहने से वे अपने कारोबार पर ध्यान नहीं दे पाए थे। इसके बाद उन्हें समिति से अलग होना पड़ा। फिर भी 1901 में उन्हें दुनिया का पहला नोबेल शांति पुरस्कार मिलना उनके योगदान की बड़ी मान्यता थी।

युद्ध के नियम और ICRC

जिनेवा कन्वेंशन ने ऐसे अंतरराष्ट्रीय नियम बनाए, जो मुख्य रूप से युद्ध के दौरान आचरण को नियंत्रित करते हैं। ICRC ने इन नियमों को विकसित करने में मदद की। ICRC युद्ध प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाता है और युद्धबंदियों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए काम करता है।

रेड क्रॉस की प्रेरणा किसने दी

हेनरी ड्यूनांट ने।

पहला जिनेवा कन्वेंशन कब अपनाया गया

22 अगस्त 1864 को।

ICRC को कितनी बार नोबेल शांति पुरस्कार मिला

1917, 1944 और 1963 में।

इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी कब बनी

1920 में।

स्रोत: Wikipedia: International Red Cross and Red Crescent Movement, Wikipedia: Indian Red Cross Society, Indian Red Cross Society

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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