Petrol Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच देश की प्रमुख सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें जारी कर दी हैं। त्योहारी सीजन की व्यस्तता के बीच निजी वाहन चालकों, दैनिक यात्रियों और माल ढुलाई से जुड़े कारोबारियों के लिए ईंधन के दैनिक भाव सीधे तौर पर आर्थिक बजट को प्रभावित करते हैं। गुरुवार सुबह छह बजे संशोधित की गई दरों के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में बड़ा फेरबदल देखने को नहीं मिला है और अधिकांश प्रमुख शहरों में कीमतें स्थिरता के दायरे में बनी हुई हैं। हालांकि, विभिन्न राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले स्थानीय बिक्री कर (वैट) और परिवहन लागत की वजह से अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में स्पष्ट अंतर देखा जा रहा है।
Petrol Diesel Price: दिल्ली और लखनऊ में पेट्रोल-डीजल की दरें
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तेल कंपनियों द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर पर टिकी हुई है, जबकि डीजल का खुदरा भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। महानगरों में दिल्ली का ईंधन मूल्य अपेक्षाकृत किफायती माना जाता है, जिसका मुख्य आधार वहां लागू संतुलित वैट दरें हैं। दिल्ली में डीजल की स्थिर कीमतें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं, सब्जियों और खाद्य पदार्थों के स्थानीय परिवहन भाड़े को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां पेट्रोल का भाव 101.89 रुपये प्रति लीटर और डीजल की दर 95.36 रुपये प्रति लीटर पर दर्ज की गई है। यदि दिल्ली और लखनऊ की दरों की तुलना की जाए, तो लखनऊ में पेट्रोल दिल्ली से मामूली रूप से सस्ता है, जबकि डीजल के दाम में मामूली बढ़ोतरी देखी जाती है। उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों जैसे कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा में भी स्थानीय फ्रेट शुल्क के अनुसार कुछ पैसों का आंशिक अंतर देखने को मिलता है।
मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में क्या हैं ईंधन के भाव?
देश की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल और डीजल की दरें चारों महानगरों के मुकाबले उच्च स्तरों पर बनी हुई हैं। मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की खुदरा कीमत लगभग 111.21 रुपये और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर के आसपास दर्ज की गई है। महाराष्ट्र में स्थानीय उपकर और राज्य वैट की उच्च दरों के कारण मुंबई में निजी वाहन चालकों पर ईंधन का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता है, जिसका असर शहरी कैब और ऑटो सेवाओं के परिचालन खर्च पर भी पड़ता है।
पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता में पेट्रोल का भाव 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। कोलकाता में पेट्रोल की यह दर देश के बड़े महानगरों में सबसे अधिक दर्ज की जा रही है। दक्षिण भारत के औद्योगिक केंद्र चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107.74 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 99.55 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। इन चारों महानगरों के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला उत्पाद शुल्क एक समान होने के बावजूद राज्य सरकारों के अलग-अलग कर ढांचे के कारण उपभोक्ताओं को अलग-अलग कीमतें चुकानी पड़ती हैं।
आम उपभोक्ता और अर्थव्यवस्था पर स्थिर ईंधन दरों का असर
पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें किसी भी अर्थव्यवस्था के समग्र मूल्य सूचकांक को संचालित करने वाली धुरी मानी जाती हैं। विशेष रूप से डीजल का उपयोग देश भर में दौड़ने वाले भारी ट्रकों, अंतरराज्यीय बसों, वेयरहाउसों के जनरेटरों और कृषि क्षेत्र में सिंचाई पंपसेटों व ट्रैक्टरों में मुख्य ऊर्जा स्रोत के रूप में होता है।
जब डीजल के दाम लंबे समय तक स्थिर रहते हैं, तो इससे कृषि उपज की ढुलाई लागत और औद्योगिक कच्चे माल का परिवहन भाड़ा नियंत्रित रहता है, जिससे खुदरा खाद्य महंगाई पर दबाव नहीं बढ़ता। दूसरी ओर पेट्रोल की दरें सीधे तौर पर मध्यमवर्गीय परिवारों, दोपहिया चालकों और कामकाजी पेशेवरों के मासिक आवागमन व्यय से जुड़ी होती हैं। ऐसे में त्योहारों के इस मौसम में ईंधन के दामों का स्थिर रहना उपभोक्ताओं को घरेलू बजट संतुलित रखने में राहत प्रदान करता है।
डायनामिक प्राइसिंग व्यवस्था: कैसे निर्धारित होता है पेट्रोल पंप का अंतिम बिल?
भारत में जून 2017 से दैनिक मूल्य निर्धारण प्रणाली (डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग) लागू है, जिसके तहत तेल विपणन कंपनियां रोजाना सुबह छह बजे पिछले पंद्रह दिनों के अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और डॉलर-रुपये की विनिमय दर के आधार पर खुदरा कीमतें तय करती हैं। अंतिम उपभोक्ता जो कीमत पेट्रोल पंप पर चुकाता है, उसमें मूल उत्पाद लागत के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण घटक शामिल होते हैं।
सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चे तेल की खरीद लागत और रिफाइनरी प्रोसेसिंग शुल्क जुड़ता है। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) शामिल होता है, जो पूरे देश के लिए समान रहता है। तत्पश्चात पेट्रोल पंप डीलरों का निर्धारित कमीशन जोड़ा जाता है, जो उन्हें वितरण और पंप संचालन के बदले दिया जाता है। अंत में संबंधित राज्य सरकार अपना स्थानीय बिक्री कर यानी मूल्य संवर्धित कर (वैट) और पर्यावरण उपकर लगाती है। यही कारण है कि राज्यों के टैक्स स्लैब में अंतर होने की वजह से सीमा पार करते ही पेट्रोल-डीजल के भाव बदल जाते हैं।
Petrol Diesel Price: एसएमएस और मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे जांचें अपने शहर का ताजा भाव
ईंधन भरवाने के लिए घर से निकलने से पहले उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन के माध्यम से अपने निकटतम पेट्रोल पंप की वास्तविक दर मिनटों में जान सकते हैं। इंडियन ऑयल के ग्राहक अपने मैसेज बॉक्स में जाकर आरएसपी (RSP) और अपने शहर का विशिष्ट डीलर कोड लिखकर 9224992249 पर एसएमएस भेज सकते हैं।
भारत पेट्रोलियम के उपभोक्ता आरएसपी लिखकर 9223112222 पर और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ग्राहक एचपीप्राइस (HPPRICE) लिखकर 9222201122 पर संदेश भेजकर अपने शहर के प्रमाणित दैनिक भाव प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त तीनों प्रमुख तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशनों पर भी जीपीएस लोकेशन के आधार पर संबंधित पेट्रोल पंप का लाइव रेट आसानी से देखा जा सकता है।
यह भी पढ़ें
डीमैट खाता क्या है: ट्रेडिंग खाते से फर्क, खोलने का तरीका, शुल्क और निवेशकों के लिए जरूरी सावधानियां
संविधान की प्रस्तावना: “हम, भारत के लोग” से शुरू होने वाले शब्दों का अर्थ और 42वें संशोधन का बदलाव





