ताज़ा खबर
फॉलो-ऑन नियम: टेस्ट में 200 रन की बढ़त पर विरोधी टीम को दोबारा बल्लेबाजी, कब मिलता है विकल्प और कप्तान क्यों करते हैं परहेज Dev Uthani Ekadashi and Tulsi Vivah: Why the End of Chaturmas Marks the Start of the Wedding Season BREAKING: Union Government to establish Foreigners Registration Offices in all state capitals by 2027 BREAKING: केंद्र सरकार 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में विदेशी पंजीकरण कार्यालय स्थापित करेगी नकद लेन-देन की सीमा: त्योहार पर खरीदारी, उपहार और कर्ज में कितना कैश ले-दे सकते हैं, आयकर के नियम National Scholarship Portal: How Students Can Apply for Central and State Scholarships Online टॉप 50 हेडलाइंस 2 नवंबर 2026 (रात): देश, प्रदेश और दुनिया की बड़ी खबरें एक नज़र में मारियाना ट्रेंच: प्रशांत महासागर की सबसे गहरी खाई, करीब 11 किलोमीटर गहरा चैलेंजर डीप, 1960 की ऐतिहासिक गोताखोरी और गहराई का रहस्य
ट्रेंडिंग
आपका पैसा

ज्वेलरी इंश्योरेंस और होम इंश्योरेंस: त्योहार में खरीदे गहनों और घर के सामान को कैसे सुरक्षित करें

होम इंश्योरेंस में घर के ढांचे और सामान का कवर, भारत गृह रक्षा पॉलिसी, ज्वेलरी को अलग से कवर करने का तरीका, आग, चोरी और प्राकृतिक आपदा का कवर, किन चीजों का कवर नहीं मिलता, बिल और मूल्यांकन, प्रीमियम और क्लेम प्रक्रिया।

ज्वेलरी और होम इंश्योरेंस की जानकारी देने वाला ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • धनतेरस और दीपावली पर कई परिवार सोने-चांदी के गहने, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घर का दूसरा कीमती सामान खरीदते हैं।
  • पॉलिसी के अनुसार आम तौर पर इन जोखिमों का कवर मिल सकता है:
  • सामान्य होम इंश्योरेंस में गहने और कीमती चीजें अपने आप पूरी तरह कवर नहीं होतीं।
  • नुकसान होने पर तुरंत बीमा कंपनी को सूचना दें। चोरी या सेंधमारी के मामले में पुलिस में FIR दर्ज कराएं।

धनतेरस और दीपावली पर कई परिवार सोने-चांदी के गहने, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घर का दूसरा कीमती सामान खरीदते हैं। लेकिन बहुत कम लोग इनका बीमा कराते हैं। त्योहार के दिनों में दीयों, पटाखों और बिजली की झालरों के कारण आग का जोखिम भी बढ़ता है, और घर बंद करके बाहर जाने पर चोरी का डर भी रहता है। जानिए ज्वेलरी इंश्योरेंस और होम इंश्योरेंस कैसे आपकी मदद कर सकते हैं।

होम इंश्योरेंस क्या है

होम इंश्योरेंस में आम तौर पर दो हिस्से होते हैं। पहला, घर का ढांचा यानी इमारत और दूसरा, घर के अंदर का सामान, जैसे फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण। किराये पर रहने वाले लोग केवल सामान का बीमा भी ले सकते हैं। बीमा नियामक IRDAI ने एक मानक होम इंश्योरेंस पॉलिसी भारत गृह रक्षा की व्यवस्था की है, जो अलग-अलग बीमा कंपनियां देती हैं।

मुख्य बातें: ज्वेलरी और होम इंश्योरेंस की जानकारी देने वाला ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

किन जोखिमों का कवर मिलता है

पॉलिसी के अनुसार आम तौर पर इन जोखिमों का कवर मिल सकता है:

  • आग और बिजली गिरना
  • विस्फोट
  • बाढ़, तूफान और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं
  • दंगे और तोड़फोड़
  • चोरी या सेंधमारी, अगर पॉलिसी में शामिल हो या ऐड-ऑन लिया गया हो

कवर की सटीक सूची पॉलिसी के दस्तावेज में दी होती है, जिसे खरीदने से पहले पढ़ना जरूरी है।

ज्वेलरी का बीमा

सामान्य होम इंश्योरेंस में गहने और कीमती चीजें अपने आप पूरी तरह कवर नहीं होतीं। इसके लिए अलग से ऐड-ऑन या अतिरिक्त कवर लेना पड़ता है और गहनों की कीमत अलग से बतानी होती है। कुछ बीमा कंपनियां बैंक लॉकर में रखे गहनों के लिए भी कवर देती हैं। ध्यान रहे कि बैंक लॉकर में रखे सामान के नुकसान पर बैंक की जिम्मेदारी सीमित होती है, इसलिए अलग बीमा उपयोगी हो सकता है।

यह भी पढ़ें: टर्म इंश्योरेंस क्या है: कितना कवर लें, प्रीमियम कैसे तय होता है और खरीदने से पहले जरूरी बातें | सोना खरीदते समय ध्यान रखें: BIS हॉलमार्क, 6 अंकों का HUID, कैरेट, मेकिंग चार्ज और बिल की जांच

किन चीजों का कवर नहीं मिलता

  • सामान्य टूट-फूट और पुराना होने से हुआ नुकसान
  • जानबूझकर किया गया नुकसान
  • बिना सबूत के गायब हुआ सामान
  • पॉलिसी में बताई गई अपवाद वाली स्थितियां

बिल और मूल्यांकन क्यों जरूरी

क्लेम के समय सामान की कीमत साबित करनी होती है। इसलिए गहनों और कीमती सामान के पक्के बिल, हॉलमार्क की जानकारी और फोटो संभालकर रखें। पुराने गहनों का किसी प्रमाणित मूल्यांकनकर्ता से मूल्यांकन करा सकते हैं। बीमा राशि सामान की सही कीमत के आसपास रखें, बहुत कम बीमा राशि पर क्लेम भी कम मिल सकता है।

क्लेम कैसे करें

नुकसान होने पर तुरंत बीमा कंपनी को सूचना दें। चोरी या सेंधमारी के मामले में पुलिस में FIR दर्ज कराएं। नुकसान की फोटो लें और कंपनी के सर्वेयर के आने तक सबूत संभालें। बिल, FIR की प्रति और पॉलिसी के दस्तावेज क्लेम फॉर्म के साथ जमा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

होम इंश्योरेंस का प्रीमियम कितना होता है?

प्रीमियम घर, सामान की कीमत, जगह और चुने गए कवर पर निर्भर करता है। अलग-अलग कंपनियों से कोटेशन लेकर तुलना करें।

स्रोत: भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X