त्योहारों की ऑनलाइन सेल में भारी छूट के चलते लोग जमकर खरीदारी करते हैं। लेकिन कई बार सामान खराब, अलग या नकली निकलता है, रिटर्न नहीं लिया जाता या रिफंड हफ्तों तक अटका रहता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता के पास कानूनी अधिकार हैं। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 और उसके तहत बने ई-कॉमर्स नियम ऑनलाइन खरीदारों को सुरक्षा देते हैं। जानिए ऑनलाइन खरीदारी में रिटर्न और रिफंड से जुड़े अधिकार।
खरीदने से पहले
- सामान की रिटर्न, एक्सचेंज और रिफंड नीति पढ़ें, कई सामान “नो रिटर्न” श्रेणी में होते हैं
- विक्रेता का नाम, पता और रेटिंग देखें
- सामान की कुल कीमत में डिलीवरी और दूसरे शुल्क जांचें
- उत्पाद का मूल देश और वारंटी की जानकारी पढ़ें
ई-कॉमर्स नियमों के अनुसार प्लेटफॉर्म को विक्रेता की जानकारी, रिटर्न और रिफंड की शर्तें और शिकायत अधिकारी का विवरण साफ दिखाना होता है।

डिलीवरी के समय
महंगे सामान का पैकेट खोलते समय वीडियो बना लें। पैकेट टूटा या छेड़छाड़ वाला लगे, तो डिलीवरी लेने से मना कर सकते हैं या उसकी फोटो ले लें। सामान में कमी या खराबी हो, तो तय समय के भीतर प्लेटफॉर्म पर शिकायत करें।
किन स्थितियों में शिकायत कर सकते हैं
- खराब, टूटा हुआ या नकली सामान
- ऑर्डर से अलग सामान
- रिटर्न लेने के बाद रिफंड न मिलना या देर से मिलना
- बताई गई छूट या ऑफर का लाभ न मिलना
- छिपे शुल्क या भ्रामक विज्ञापन
- डार्क पैटर्न, जैसे झूठी जल्दबाजी दिखाना या अपने आप कोई सेवा कार्ट में जोड़ देना, जिन पर केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने दिशानिर्देश जारी किए हैं
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पहले प्लेटफॉर्म पर शिकायत
सबसे पहले प्लेटफॉर्म के कस्टमर केयर या शिकायत अधिकारी के पास लिखित शिकायत करें और शिकायत संख्या लें। ई-कॉमर्स नियमों के अनुसार प्लेटफॉर्म को शिकायत की पावती तय समय में देनी होती है और उसका निपटारा भी तय अवधि में करना होता है।
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन
समाधान न मिलने पर राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1915 पर कॉल करें या consumerhelpline.gov.in और NCH ऐप पर शिकायत दर्ज करें। हेल्पलाइन कंपनी से संपर्क करके मामले को सुलझाने की कोशिश करती है।
उपभोक्ता आयोग में शिकायत
अगर फिर भी समाधान न हो, तो जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत की जा सकती है। इसके लिए ई-दाखिल पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा है। तय सीमा तक की रकम वाले मामलों में शिकायत शुल्क बहुत कम या शून्य होता है, जिसकी ताजा जानकारी पोर्टल पर देखें।
सबूत संभालकर रखें
ऑर्डर की पुष्टि, बिल, भुगतान का रिकॉर्ड, सामान की फोटो या वीडियो, कस्टमर केयर से बातचीत के स्क्रीनशॉट और ईमेल संभालकर रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रिफंड कितने दिन में आना चाहिए?
यह प्लेटफॉर्म की नीति और भुगतान के तरीके पर निर्भर करता है। तय समय से ज्यादा देरी होने पर शिकायत करें।
स्रोत: राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन, उपभोक्ता मामले विभाग, ई-दाखिल: उपभोक्ता आयोग में ऑनलाइन शिकायत। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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