अमृतसर पुलिस ने सीमा पार से संचालित होने वाले एक बड़े हथियार और नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए ग्यारह व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। पुलिस द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई में दो नाबालिगों को भी पकड़ा गया है और उनके पास से पाकिस्तान निर्मित अत्याधुनिक हथियार और हेरोइन बरामद की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और इसके तार दुबई और पाकिस्तान में बैठे अपराधियों से जुड़े हुए थे। पुलिस ने इस ऑपरेशन के माध्यम से पंजाब में संभावित लक्षित हत्याओं की एक बड़ी साजिश को समय रहते विफल करने का दावा किया है।

पुलिस की कार्रवाई और ऑपरेशन का विस्तृत विवरण
पंजाब के अमृतसर में पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सीमा पार से चल रहे अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों के सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल (आईपीएस) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुलिस को इस नेटवर्क के बारे में काफी समय से खुफिया जानकारी मिल रही थी, जिसके बाद विभिन्न टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने अमृतसर के रंजीत एवेन्यू, सुल्तानविंड और छेहरटा जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में दो अलग-अलग सुनियोजित ऑपरेशन चलाए। इन कार्रवाइयों को अंजाम देने के लिए डीसीपी इन्वेस्टिगेशन प्रभजोत सिंह, डीसीपी सिटी जसकिरण तेजा, एडीसीपी विशालजीत सिंह और एडीसीपी जयंत के नेतृत्व में विशेष टीमें तैनात की गई थीं। डिटेक्टिव विंग और स्थानीय थानों की पुलिस ने मिलकर इन ठिकानों पर छापेमारी की और आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पिछले दो महीनों के भीतर अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा हथियारों की यह सातवीं सबसे बड़ी बरामदगी है, जो क्षेत्र में सुरक्षा बलों की सक्रियता को दर्शाती है।
भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों और नशीले पदार्थों की बरामदगी
इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। बरामद किए गए सामानों में 12 अत्याधुनिक पिस्तौल शामिल हैं, जो जांच में पाकिस्तान निर्मित पाई गई हैं। इसके अलावा, पुलिस ने दो जिंदा हैंड ग्रेनेड भी जब्त किए हैं, जिन्हें बहुत ही उच्च क्षमता वाला और नया बताया गया है। इन हथियारों के साथ 33 जिंदा कारतूस भी मिले हैं। नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 310.10 ग्राम हेरोइन भी बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी कीमत है। पुलिस ने एक चोरी की मोटरसाइकिल भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल तस्करी की गतिविधियों में किया जा रहा था। पुलिस कमिश्नर गिल ने स्पष्ट किया कि ये सभी हथियार ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा के भीतर गिराए गए थे। ड्रोन तकनीक का उपयोग करके पाकिस्तान से इन हथियारों को पंजाब के विभिन्न हिस्सों में भेजने की योजना बनाई गई थी। बरामद किए गए हैंड ग्रेनेड की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आशंका जताई है कि इनका उपयोग किसी संवेदनशील स्थान या महत्वपूर्ण व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए किया जाना था।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और तस्करी की कार्यप्रणाली
पुलिस की जांच में इस तस्करी नेटवर्क के गहरे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन उजागर हुए हैं। इस पूरे सिंडिकेट के तार जंडियाला के रहने वाले गैंगस्टर हैप्पी जट्ट और दुबई में स्थित तस्कर करन से जुड़े हुए पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, दुबई में बैठा करन पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियारों और हेरोइन की खेप मंगवाने का मुख्य सूत्रधार है। वह पाकिस्तान के तस्करों के साथ समन्वय करके इन प्रतिबंधित वस्तुओं को सीमा पार करवाता था। एक बार जब खेप भारतीय क्षेत्र में गिर जाती थी, तो स्थानीय स्तर पर गैंगस्टर हैप्पी जट्ट के निर्देशों पर काम करने वाले गुर्गे इसे उठाते थे। ये गुर्गे हथियारों और नशे को सुरक्षित स्थानों पर छिपाने और फिर उन्हें आगे के गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार थे। पुलिस ने उन कड़ियों की भी पहचान की है जो ड्रोन से गिरी खेप को उठाने और उसे वितरित करने के काम में शामिल थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य पंजाब में अस्थिरता पैदा करना और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था।
गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि और पहचान
इस मामले में पुलिस ने कुल ग्यारह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों की पहचान बोबी, सतनाम सिंह, हरप्रीत, आकाशदीप, एक अन्य आकाशदीप उर्फ आकाश, विशाल सिंह और गुरप्रीत सिंह उर्फ बिल्ला के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से छह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उनके खिलाफ पहले से ही हत्या के प्रयास, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। इनमें से कुछ आरोपी अन्य मामलों में पुलिस के लिए वांछित भी थे। जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपियों की उम्र 18 से 24 साल के बीच है। इनमें से कई लोग सामान्य मजदूरी और पुताई का काम करते थे। पुलिस का कहना है कि इन युवाओं को भारी धन राशि का लालच देकर तस्करी के इस खतरनाक खेल में शामिल किया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन युवाओं को नेटवर्क में भर्ती करने वाला मुख्य व्यक्ति कौन था और उन्हें पहली बार तस्करी के लिए किसने उकसाया था।
साजिश का खुलासा और भविष्य की जांच
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से पंजाब में होने वाली संभावित लक्षित हत्याओं की साजिश को नाकाम कर दिया गया है। पुलिस ने उन संभावित लक्ष्यों की पहचान कर ली है जिन्हें यह गिरोह निशाना बनाने वाला था, हालांकि सुरक्षा कारणों से उनके नामों का खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहराई से जांच कर रही है। इसका मतलब है कि पुलिस यह पता लगा रही है कि पाकिस्तान में यह खेप किसने तैयार की और पंजाब में इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा, पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है जो इस नेटवर्क को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे थे या उन्हें संरक्षण दे रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां और खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई ने सीमा पार से होने वाली ड्रोन तस्करी के खिलाफ पुलिस की मुस्तैदी को एक बार फिर साबित कर दिया है।
स्रोत: Aaj Tak





