दम आलू ऐसी सब्जी है जो घर की रोज की रसोई से लेकर शादी की दावत तक हर जगह पसंद की जाती है। छोटे छोटे आलू, गाढ़ी मसालेदार ग्रेवी और धीमी आंच पर पकने से आने वाला गहरा स्वाद इसे खास बनाता है। इस लेख में जानिए दम आलू का अर्थ, इसके अलग अलग रूप और घर पर बनाने का आसान तरीका।
दम आलू का अर्थ
विकिपीडिया पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार दम का अर्थ है भाप में या धीमी आंच पर पकाना और आलू यानी आलू। लेकिन यहां भाप में पकाने का मतलब पानी के ऊपर रखकर भाप देना नहीं है, बल्कि आलू को भाप छोड़ती गाढ़ी ग्रेवी में ढककर धीरे धीरे पकाना है।

कहां से आया
विकिपीडिया के अनुसार दम आलू पारंपरिक कश्मीरी पंडित खानपान का हिस्सा है। आज यह पूरे भारत और पाकिस्तान में बनाया जाता है। इसके बनारसी और बंगाली रूप भी लोकप्रिय हैं। बंगाल में इसे आलूर दम कहा जाता है।
कश्मीरी और बनारसी दम आलू में अंतर
विकिपीडिया के अनुसार:
- कश्मीरी दम आलू की ग्रेवी दही या खोया से बनती है और इसमें अक्सर काजू का पेस्ट डाला जाता है।
- बनारसी दम आलू की ग्रेवी आम तौर पर टमाटर और प्याज से बनती है और ज्यादा खुशबूदार होती है।
दोनों में आम तौर पर छोटे आलुओं को छीलकर पहले तला जाता है।
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सामग्री (4 लोगों के लिए)
यह घरेलू तरीका है, स्वाद के अनुसार मात्रा बदल सकते हैं:
- छोटे आलू: लगभग 500 ग्राम
- दही: 1 कप, अच्छी तरह फेंटा हुआ
- प्याज: 2 मध्यम, बारीक कटे या पिसे
- टमाटर: 2, प्यूरी बनी हुई
- अदरक लहसुन पेस्ट: 1 छोटा चम्मच
- काजू: 10 से 12, भिगोकर पीसे हुए
- कश्मीरी लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हल्दी, गरम मसाला, जीरा
- तेल और नमक स्वाद के अनुसार
बनाने का तरीका
- आलू को उबाल लें, ध्यान रखें कि वे पूरी तरह नरम न हों। छीलकर कांटे से हल्के छेद कर दें, ताकि मसाला अंदर तक जाए।
- कड़ाही में तेल गर्म करें और आलू को सुनहरा होने तक तल लें। निकालकर अलग रखें।
- उसी तेल में जीरा डालें, फिर प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
- अदरक लहसुन पेस्ट डालकर एक मिनट भूनें, फिर टमाटर प्यूरी डालें।
- हल्दी, धनिया पाउडर और कश्मीरी लाल मिर्च डालकर मसाला तेल छोड़ने तक भूनें।
- आंच धीमी करें और फेंटा हुआ दही धीरे धीरे डालते हुए लगातार चलाएं, ताकि दही फटे नहीं।
- काजू पेस्ट और नमक डालें, जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी डालें।
- तले हुए आलू डालें, ढक्कन लगाएं और धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट दम पर पकने दें।
- आखिर में गरम मसाला और हरा धनिया डालें।
बिना प्याज लहसुन वाला तरीका
कई परिवारों में व्रत या खास मौकों पर प्याज लहसुन के बिना खाना बनता है। ऐसे में दही, काजू, अदरक, हींग, सौंफ पाउडर और सूखी अदरक के पाउडर से भी दम आलू बनाया जा सकता है। कश्मीरी शैली में सौंफ और सोंठ के इस्तेमाल का चलन है।
किसके साथ परोसें
दम आलू पूरी, नान, तंदूरी रोटी, पराठा या जीरा राइस के साथ अच्छा लगता है। दावत में इसे पनीर की सब्जी और दाल के साथ भी परोसा जाता है।
बेहतर स्वाद के लिए सुझाव
- एक जैसे आकार के छोटे आलू लें, ताकि सब बराबर पकें।
- दही डालते समय आंच धीमी रखें।
- आलू को तलने से बाहर से कुरकुरी परत बनती है और ग्रेवी में टूटते नहीं।
- तला हुआ नहीं खाना चाहते, तो आलू को कम तेल में सेंक भी सकते हैं।
- ढककर पकाने से मसाले का स्वाद आलू में अच्छी तरह उतरता है।
दम पुख्त से रिश्ता
दम पर पकाने की तकनीक भारतीय रसोई में कई व्यंजनों में दिखती है। इसमें बर्तन को ढककर धीमी आंच पर पकाया जाता है, ताकि भाप बाहर न निकले और खाना अपने ही रस और मसालों में पके। दम आलू में यही तरीका आलू पर अपनाया जाता है।
बचे हुए दम आलू कैसे रखें
बचे हुए दम आलू को ठंडा करके ढक्कन वाले बर्तन में फ्रिज में रखें। दोबारा गर्म करते समय थोड़ा पानी या दूध मिलाएं, क्योंकि ठंडा होने पर ग्रेवी गाढ़ी हो जाती है। एक या दो दिन के भीतर इस्तेमाल करना बेहतर है।
बच्चों के लिए हल्का तीखा
अगर घर में बच्चे हैं, तो लाल मिर्च कम रखें और काजू तथा दही की मात्रा थोड़ी बढ़ा दें। इससे ग्रेवी मलाईदार और हल्की बनती है।
दम आलू में दम का क्या अर्थ है
धीमी आंच पर ढककर ग्रेवी की भाप में पकाना।
दम आलू कहां की डिश है
यह पारंपरिक कश्मीरी पंडित खानपान का हिस्सा है, इसके बनारसी और बंगाली रूप भी हैं।
कश्मीरी दम आलू की ग्रेवी किससे बनती है
दही या खोया से, अक्सर काजू पेस्ट के साथ।
बनारसी दम आलू की ग्रेवी किससे बनती है
टमाटर और प्याज से।





