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दिवाली पर पालतू जानवरों की देखभाल: पटाखों के शोर से कुत्ते-बिल्ली को कैसे सुरक्षित और शांत रखें

पटाखों के शोर से पालतू जानवरों में डर के लक्षण, घर में शांत और सुरक्षित कोना, खिड़कियां और पर्दे, पहचान वाला पट्टा, मिठाई और चॉकलेट से बचाव, दीयों और रंगोली से सुरक्षा, पशु चिकित्सक की सलाह और गली के जानवरों के लिए संवेदनशीलता।

दिवाली पर पालतू जानवरों की देखभाल का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • दिवाली की रोशनी और पटाखे हमारे लिए खुशी का मौका हैं, लेकिन पालतू कुत्तों और बिल्लियों के लिए यह समय डरावना हो सकता है।
  • कुत्तों को शाम को पटाखे शुरू होने से पहले ही घुमा लें। दिवाली की रात और उसके आसपास के दिनों में उन्हें बिना पट्टे के बाहर न छोड़ें।
  • जलते दीये, मोमबत्तियां और रंगोली पालतू जानवरों की पहुंच में न हों।
  • गली के कुत्ते, बिल्लियां, गाय और पक्षी भी पटाखों से डरते हैं।

दिवाली की रोशनी और पटाखे हमारे लिए खुशी का मौका हैं, लेकिन पालतू कुत्तों और बिल्लियों के लिए यह समय डरावना हो सकता है। उनकी सुनने की क्षमता इंसानों से कहीं ज्यादा होती है, इसलिए पटाखों का तेज शोर उन्हें घबरा देता है। कई जानवर डर के कारण घर से भाग जाते हैं या खुद को चोट पहुंचा लेते हैं। जानिए दिवाली पर पालतू जानवरों की देखभाल कैसे करें।

डर के लक्षण पहचानें

  • कांपना, हांफना या लगातार भौंकना
  • बिस्तर या फर्नीचर के नीचे छिपना
  • खाना न खाना
  • बेचैनी से इधर-उधर घूमना
  • दरवाजा खुलते ही भागने की कोशिश
  • बिल्लियों में छिपना या असामान्य आवाजें निकालना
मुख्य बातें: दिवाली पर पालतू जानवरों की देखभाल का ग्राफिक
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घर में सुरक्षित कोना

घर के किसी अंदरूनी कमरे में, जहां बाहर का शोर कम आता हो, पालतू के लिए एक शांत कोना बनाएं। वहां उसका बिस्तर, पसंदीदा खिलौना, पानी और कोई पुराना कपड़ा रखें, जिसमें आपकी खुशबू हो। खिड़कियां बंद करें और मोटे पर्दे लगा दें। हल्का संगीत या टीवी चलाने से बाहर का शोर कुछ कम महसूस हो सकता है।

बाहर घुमाने का समय

कुत्तों को शाम को पटाखे शुरू होने से पहले ही घुमा लें। दिवाली की रात और उसके आसपास के दिनों में उन्हें बिना पट्टे के बाहर न छोड़ें। पालतू के गले में ऐसा पट्टा पहनाएं, जिस पर आपका नाम और फोन नंबर लिखा हो, ताकि डरकर भाग जाने पर उसे पहचाना जा सके।

यह भी पढ़ें: दीपावली पर पटाखों या दीये से जलने पर फर्स्ट एड: क्या करें, क्या न करें और कब अस्पताल जाएं | घर के अंदर प्रदूषण कैसे कम करें: त्योहार और सर्दी के मौसम में घर की हवा साफ रखने के आसान उपाय

खाने का ध्यान

दिवाली पर घर में मिठाइयां, चॉकलेट, मेवे और तले हुए पकवान होते हैं। इनमें से कई चीजें पालतू जानवरों के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं, जैसे चॉकलेट, किशमिश और ज्यादा मीठा या तला हुआ खाना। मेहमानों को भी बता दें कि पालतू को कुछ न खिलाएं। उसे उसका सामान्य खाना ही दें।

दीयों और सजावट से सुरक्षा

जलते दीये, मोमबत्तियां और रंगोली पालतू जानवरों की पहुंच में न हों। बिल्ली की पूंछ या कुत्ते का धक्का लगने से दीया गिर सकता है। रंगोली के केमिकल रंग चाटने से भी नुकसान हो सकता है। बिजली की झालरों के तार चबाने से बचाएं।

सजा न दें, साथ दें

डरे हुए पालतू को डांटें नहीं। शांत आवाज में बात करें और पास रहें। लेकिन जबरदस्ती गोद में न लें, अगर वह छिपना चाहता है तो उसे छिपने दें। अगर आपका पालतू हर साल बहुत ज्यादा डरता है, तो त्योहार से पहले पशु चिकित्सक से सलाह लें। बिना सलाह कोई दवा न दें।

गली के जानवरों के लिए संवेदनशीलता

गली के कुत्ते, बिल्लियां, गाय और पक्षी भी पटाखों से डरते हैं। जानवरों के पास या उन पर पटाखे फेंकना क्रूरता है और पशु क्रूरता निवारण कानून के तहत अपराध हो सकता है। घायल जानवर दिखे, तो स्थानीय पशु कल्याण संस्था या नगर निकाय को सूचना दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पालतू को दिवाली पर किसी और जगह भेज देना ठीक है?

कुछ लोग पालतू को कम शोर वाली जगह पर रिश्तेदार या भरोसेमंद पेट केयर सेंटर में रखते हैं। नई जगह भी तनाव दे सकती है, इसलिए अपने पालतू के स्वभाव के अनुसार फैसला लें।

स्रोत: भारतीय पशु कल्याण बोर्ड। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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