ताज़ा खबर
अंटार्कटिक संधि: 1959 में 12 देशों का समझौता, बर्फीले महाद्वीप पर सेना और खनन पर रोक, मैड्रिड प्रोटोकॉल और भारत की भूमिका What Is BRICS? Members, New Development Bank and India’s Role as Chair in 2026 BREAKING: 4 नवंबर को चंडीगढ़ में बीजेपी का सिख सम्मेलन आयोजित प्रधानमंत्री वन धन योजना: आदिवासी समूहों को महुआ, इमली और शहद जैसी वन उपज से कमाई, वन धन विकास केंद्र और TRIFED की भूमिका BREAKING: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरदार पटेल कौशल योजना का शुभारंभ करेंगे Guru Nanak Jayanti: Significance of Gurpurab, Prabhat Pheri, Akhand Path and the Teachings of Guru Nanak पुराना सामान ऑनलाइन बेचने में फ्रॉड: दिवाली की सफाई के बाद बिक्री करते समय QR कोड और फर्जी खरीदार से बचें BREAKING: तमिलनाडु में सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा में पांच साल की छूट
ट्रेंडिंग
सरकारी योजना

UP Mukhyamantri Jan Arogya Yojana: ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज, जानें पात्रता

UP Mukhyamantri Jan Arogya Yojana

सारांश

  • UP Mukhyamantri Jan Arogya Yojana: योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को स्वास्थ्य खर्च से आर्थिक सुरक्षा देना है।
  • लेख में प्रति परिवार सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार का दावा किया गया है।
  • पात्रता की पुष्टि करने के बाद ही कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी करें।
  • राशन कार्ड, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
  • इलाज के लिए अस्पताल का योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध और सक्रिय होना जरूरी है।
  • कार्ड बनवाने या इलाज के नाम पर अनधिकृत बिचौलियों को पैसे न दें।
  • आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर योजना की नवीनतम शर्तें जांचें।

UP Mukhyamantri Jan Arogya Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का व्यापक स्तर पर संचालन कर रही है। गंभीर बीमारियों के इलाज में आने वाले भारी-भरकम खर्च के कारण अक्सर गरीब परिवारों को अपनी जमीन-जायदाद बेचने या भारी ब्याज पर कर्ज लेने के लिए विवश होना पड़ता है। इसी आर्थिक संकट और लाचारी को समाप्त करने के लिए यह योजना एक सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रही है। इस जनकल्याणकारी योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का पूर्णतः कैशलेस और निःशुल्क उपचार प्रदान किया जाता है। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों के साथ-साथ सैकड़ों प्रतिष्ठित निजी चिकित्सालयों को इस योजना से संबद्ध किया गया है, जिससे असंगठित क्षेत्र के कामगारों और निर्धन नागरिकों को बिना किसी आर्थिक अवरोध के तत्काल आधुनिक चिकित्सा परामर्श और उपचार सुलभ हो रहा है।

UP Mukhyamantri Jan Arogya Yojana: योजना का मुख्य उद्देश्य और स्वास्थ्य सुरक्षा का व्यापक कवरेज

मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की मूल संरचना समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को वित्तीय तंगी के अभाव में उच्चस्तरीय चिकित्सा से वंचित न रहने देने के सिद्धांत पर आधारित है। योजना के तहत प्रति पात्र परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का फ्लोटर स्वास्थ्य बीमा कवर सुनिश्चित किया जाता है, जिसका उपयोग परिवार का कोई भी सदस्य आवश्यकता पड़ने पर कर सकता है। इस योजना के दायरे में सामान्य बीमारियों से लेकर अत्यंत जटिल और खर्चीली शल्य चिकित्साएं (सर्जरी) शामिल की गई हैं।

हृदय रोग से संबंधित एंजियोप्लास्टी और बाईपास सर्जरी, गुर्दे (किडनी) के गंभीर रोग, डायलिसिस, विभिन्न प्रकार के कैंसर के उपचार और कीमोथेरेपी, न्यूरो सर्जरी, कूल्हे और घुटने का प्रत्यारोपण तथा गंभीर नवजात शिशु देखभाल जैसी सैकड़ों जटिल चिकित्सा प्रक्रियाएं योजना के पैकेज में शामिल हैं। योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका शत-प्रतिशत कैशलेस होना है, जिसके चलते मरीज को अस्पताल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक दवाइयों, जांच, आईसीयू शुल्क या डॉक्टर की फीस के लिए अपनी जेब से एक भी पैसा नकद नहीं देना पड़ता है। अस्पताल का संपूर्ण देय भुगतान राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा सीधे डिजिटल माध्यम से निपटाया जाता है।

आयुष्मान भारत के साथ समन्वय और छूटे हुए परिवारों को सीधा संबल

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के अंतर्गत वर्ष 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया गया था, जिसके चलते प्रदेश के लाखों वास्तविक जरूरतमंद परिवार तकनीकी कारणों से उस सूची में स्थान पाने से वंचित रह गए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी विसंगति को दूर करने के लिए राज्य पोषित मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार किया।

यह योजना उन सभी पात्र परिवारों को आच्छादित करती है जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत अंत्योदय राशन कार्ड धारक हैं, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) के अंतर्गत पंजीकृत सक्रिय निर्माण श्रमिक हैं, अथवा असंगठित क्षेत्र के ऐसे पंजीकृत मजदूर हैं जो केंद्रीय आयुष्मान योजना के दायरे से बाहर छूट गए थे। इन दोनों योजनाओं के अभिसरण ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को अत्यंत समावेशी बना दिया है, जिससे अब प्रदेश के करोड़ों नागरिकों के पास बिना किसी वित्तीय भेदभाव के पांच लाख रुपये के इलाज की पक्की गारंटी उपलब्ध है।

पात्रता की श्रेणियां और प्राथमिकता वाले सामाजिक वर्ग

मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभ के लिए सरकार ने पारदर्शी और सामाजिक न्याय पर आधारित प्राथमिकताएं निर्धारित की हैं। प्राथमिक पात्रता के रूप में आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसके साथ ही परिवार का सामाजिक और आर्थिक स्तर गरीबी रेखा के दायरे में होना चाहिए। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में असंगठित क्षेत्र से जुड़े कामगार—जैसे रिक्शा चालक, दैनिक मजदूर, छोटे स्ट्रीट वेंडर्स, घरेलू सहायिकाएं, दर्जी और ग्रामीण दस्तकार—इस योजना के मुख्य केंद्र बिंदु हैं।

इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के परिवारों को इस योजना में विशेष अधिमान दिया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के आकार या सदस्यों की आयु पर कोई कृत्रिम सीमा तय नहीं की गई है, जिससे संयुक्त परिवारों के सभी बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को समान रूप से इस पांच लाख रुपये के वार्षिक स्वास्थ्य कवच का लाभ मिल पाता है।

कार्ड बनवाने की सहज आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक औपचारिक दस्तावेज

मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाया गया है। कोई भी नागरिक अपने नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र (CSC), ग्राम सचिवालय, विकास खंड कार्यालय अथवा किसी भी सूचीबद्ध सरकारी अस्पताल में संचालित ‘आयुष्मान मित्र’ काउंटर पर जाकर अपनी पात्रता की पुष्टि करा सकता है।

आवेदन और सत्यापन के लिए लाभार्थी को अपना मूल पहचान पत्र, परिवार के राशन कार्ड की प्रति और सक्रिय मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना होता है। बायोमेट्रिक या ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी होते ही आवेदक का विवरण राज्य स्वास्थ्य डेटाबेस से सत्यापित हो जाता है और तत्काल प्रभाव से डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड जारी कर दिया जाता है। इस कार्ड को प्लास्टिक कार्ड के रूप में प्राप्त किया जा सकता है अथवा अपने मोबाइल फोन में डिजिटल रूप से सुरक्षित भी रखा जा सकता है।

UP Mukhyamantri Jan Arogya Yojana: सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया और बरती जाने वाली सावधानियां

कार्ड बन जाने के पश्चात किसी भी आपातकालीन स्थिति अथवा नियोजित सर्जरी के समय मरीज को केवल योजना से संबद्ध अस्पताल के रिसेप्शन या आयुष्मान हेल्पडेस्क पर अपना कार्ड प्रस्तुत करना होता है। अस्पताल में तैनात ‘आयुष्मान मित्र’ मरीज का बायोमेट्रिक सत्यापन कर उसे तत्काल भर्ती कराने की औपचारिकताएं पूरी करते हैं। मरीज के डिस्चार्ज होने के उपरांत निर्धारित पैकेज के तहत फॉलो-अप दवाइयों का खर्च भी योजना के नियमों के अनुसार कवर किया जाता है।

उपभोक्ताओं को यह सलाह दी जाती है कि वे उपचार कराने से पूर्व संबंधित अस्पताल की योजना में सक्रिय संबद्धता की पुष्टि राष्ट्रीय या राज्य स्वास्थ्य पोर्टल के माध्यम से अवश्य कर लें। इसके अतिरिक्त, किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति या बिचौलिये को कार्ड बनवाने या इलाज के नाम पर कोई धनराशि न दें, क्योंकि यह पूरी सेवा सरकार द्वारा पूर्णतः निःशुल्क प्रदान की जाती है। किसी भी प्रकार की असुविधा, शिकायत या जानकारी के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800 1800 4444 पर संपर्क किया जा सकता है।

स्रोत: SACHIS, उत्तर प्रदेश

यह भी पढ़ें

Lakhpati Didi Yojana: 6 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य

बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें: टाइम टेबल, रिवीजन, सैंपल पेपर और परीक्षा के दिन की सावधानियां

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट: भारतीय न्यायपालिका की संरचना, जजों की नियुक्ति और अदालतों के अधिकार

अप्रेंटिसशिप क्या है: पढ़ाई के बाद ट्रेनिंग के साथ स्टाइपेंड, सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें

लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X