10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा छात्रों के लिए अहम पड़ाव होती है। अक्सर आखिरी महीनों में घबराहट बढ़ जाती है, जबकि सही योजना के साथ की गई तैयारी इस तनाव को काफी कम कर सकती है। अच्छी बात यह है कि तैयारी के लिए किसी महंगे कोचिंग की नहीं, बल्कि नियमित पढ़ाई और सही रणनीति की जरूरत है। जानिए बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें।
सबसे पहले सिलेबस और पैटर्न समझें
तैयारी की शुरुआत अपने बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से ताजा सिलेबस और परीक्षा पैटर्न देखकर करें। CBSE और राज्य बोर्ड हर सत्र के लिए सिलेबस, सैंपल पेपर और अंक योजना जारी करते हैं। किसी अध्याय के हटने या जुड़ने की जानकारी भी वहीं मिलती है। स्कूल के शिक्षकों से पूछें कि प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के अंक कैसे जुड़ेंगे। जब पता हो कि क्या पढ़ना है, तो समय की बर्बादी कम होती है।

व्यावहारिक टाइम टेबल बनाएं
- पूरे दिन को छोटे-छोटे सत्रों में बांटें और हर सत्र के बाद छोटा ब्रेक लें
- कठिन विषय उस समय पढ़ें, जब आपका मन सबसे ज्यादा ताजा रहता हो
- हर दिन कम से कम दो विषय पढ़ें, ताकि कोई विषय लंबे समय तक छूटे नहीं
- हफ्ते में एक दिन पिछले हफ्ते के रिवीजन के लिए रखें
टाइम टेबल ऐसा हो जिसे आप निभा सकें। बहुत सख्त योजना दो-तीन दिन में टूट जाती है और फिर मनोबल गिरता है।
नोट्स और रिवीजन का तरीका
पढ़ते समय अपने शब्दों में छोटे नोट्स बनाएं। गणित और विज्ञान के सूत्र, इतिहास की तारीखें और जरूरी परिभाषाएं अलग पन्ने पर लिखें, ताकि आखिरी दिनों में जल्दी दोहराया जा सके। NCERT या बोर्ड की निर्धारित किताबें पहले अच्छी तरह पढ़ें, क्योंकि ज्यादातर सवाल इन्हीं से आते हैं। सिर्फ पढ़ने के बजाय खुद से सवाल पूछकर या किताब बंद करके लिखकर दोहराना ज्यादा असरदार होता है।
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सैंपल पेपर और पिछले साल के प्रश्नपत्र
बोर्ड के सैंपल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र घड़ी लगाकर हल करें। इससे समय प्रबंधन की आदत बनती है और पता चलता है कि किस हिस्से में ज्यादा समय लग रहा है। उत्तर लिखने के बाद अंक योजना से मिलान करें। साफ हैंडराइटिंग, जरूरी जगह पर डायग्राम और मुख्य शब्दों को रेखांकित करने से उत्तर बेहतर दिखते हैं।
सेहत और तनाव का ध्यान
परीक्षा के दिनों में देर रात तक जागना आम है, लेकिन पर्याप्त नींद याददाश्त के लिए जरूरी है। संतुलित भोजन लें, पानी पीते रहें और थोड़ी देर टहलें। मोबाइल और सोशल मीडिया का समय सीमित रखें। ज्यादा तनाव हो तो माता-पिता या शिक्षक से बात करें। CBSE हर साल परीक्षा के दौरान छात्रों के लिए परामर्श सेवा भी चलाता है, जिसकी जानकारी बोर्ड की वेबसाइट पर मिलती है।
परीक्षा के दिन की सावधानियां
एडमिट कार्ड, पेन, पेंसिल और बोर्ड की ओर से अनुमति वाली चीजें एक दिन पहले ही बैग में रख लें। परीक्षा केंद्र समय से पहले पहुंचें। प्रश्नपत्र मिलने पर पहले पूरा पढ़ें और जो सवाल अच्छी तरह आते हैं, उन्हें पहले हल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रोज कितने घंटे पढ़ना चाहिए?
यह हर छात्र के लिए अलग है। घंटों से ज्यादा जरूरी है कि पढ़ाई ध्यान से और नियमित हो।
स्रोत: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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