दिवाली पर बहुत से परिवार हर साल गणेश और लक्ष्मी की नई मूर्ति लाकर पूजा करते हैं। ऐसे में पिछले साल की मूर्ति का क्या किया जाए, यह सवाल हर घर में आता है। मूर्ति को कहीं भी रख देना या कूड़े में फेंकना ठीक नहीं माना जाता, और नदी-तालाब में डालने से पानी प्रदूषित होता है। जानिए पुरानी मूर्ति का विसर्जन सम्मान और पर्यावरण दोनों का ध्यान रखते हुए कैसे करें। हर परिवार की अपनी परंपरा होती है, उसी को प्राथमिकता दें।
कब करें विसर्जन
कई परिवार नई मूर्ति की स्थापना से पहले पुरानी मूर्ति का विसर्जन करते हैं, तो कई दिवाली पूजा के बाद। कुछ परिवार पुरानी मूर्ति को पूरे साल पूजा स्थान पर रखते हैं और अगली दिवाली पर नई मूर्ति आने के बाद विदा करते हैं। इस बार दिवाली की लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर को है।

विसर्जन से पहले
- मूर्ति के सामने दीपक जलाकर प्रणाम करें
- पूजा में हुई किसी भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें
- मूर्ति से कपड़े, माला और सजावट हटा लें
- प्लास्टिक, चमकी और धातु की सजावट अलग कर लें
मिट्टी की मूर्ति
- घर पर एक बड़ी बाल्टी या टब में साफ पानी भरें
- मूर्ति को सम्मान से उसमें रखें
- कुछ दिनों में मिट्टी घुल जाती है
- यह पानी और मिट्टी गमलों या बगीचे में डाल दें
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी मूर्ति विसर्जन के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें प्राकृतिक मिट्टी की मूर्ति और प्राकृतिक रंगों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है और नदियों में सीधे विसर्जन से बचने को कहा गया है।
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प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति
प्लास्टर ऑफ पेरिस पानी में आसानी से नहीं घुलता और इसके रंग पानी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसी मूर्ति को नदी या तालाब में न डालें। नगर निकायों के बनाए कृत्रिम विसर्जन कुंड या मंदिरों में बने संग्रह स्थान का इस्तेमाल करें। आगे से मिट्टी की मूर्ति चुनें।
धातु की मूर्ति
पीतल, चांदी या दूसरी धातु की मूर्ति का विसर्जन नहीं किया जाता। इसे साफ करके फिर से पूजा में रखा जा सकता है। कई परिवार हर साल इसी मूर्ति की पूजा करते हैं।
टूटी मूर्ति
टूटी या खंडित मूर्ति की पूजा नहीं की जाती। इसे किसी पेड़ के नीचे मिट्टी में सम्मान से दबा दें या मंदिर में तय जगह पर रख दें।
पुराने चित्र और कैलेंडर
भगवान के पुराने चित्र और कैलेंडर कूड़े में न डालें। इन्हें मंदिरों में बने संग्रह बॉक्स में दिया जा सकता है। कागज वाले चित्र रीसाइक्लिंग के लिए भी दिए जा सकते हैं, लेकिन पहले सम्मान से प्रणाम कर लें।
पूजा के फूल और सामग्री
सूखे फूलों से खाद बनाई जा सकती है। कई शहरों में फूलों को इकट्ठा करके अगरबत्ती और खाद बनाने वाली संस्थाएं भी काम करती हैं।
क्या पुरानी मूर्ति किसी को दे सकते हैं?
धातु की अच्छी हालत वाली मूर्ति मंदिर में दान की जा सकती है। मिट्टी की पुरानी मूर्ति आमतौर पर विसर्जित की जाती है।
स्रोत: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB): मूर्ति विसर्जन दिशानिर्देश। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





