आज 1 नवंबर 2026, रविवार है। पंचांग के अनुसार आज कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि है और चंद्रमा कर्क राशि में है। नीचे नई दिल्ली के समय के अनुसार आज का पूरा पंचांग और सभी 12 राशियों का राशिफल दिया गया है।
आज 1 नवंबर 2026 को चंद्रमा कर्क राशि और पुष्य नक्षत्र में होने से सभी राशियों के लिए दिन विशेष ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लेकर आया है।

आज का पंचांग: 1 नवंबर 2026 (नई दिल्ली)
| अंग | विवरण |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष सप्तमी (2:52 PM तक) |
| नक्षत्र | पुष्य (4:30 AM (2 तारीख) तक), इसके बाद आश्लेषा |
| योग | साध्य (2:38 PM तक) |
| करण | बव (2:52 PM तक), फिर बालव (1:58 AM (2 तारीख) तक) |
| वार | रविवार |
| सूर्योदय | 6:33 AM |
| सूर्यास्त | 5:36 PM |
| राहुकाल | 4:13 PM से 5:36 PM |
| चंद्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | तुला |
पंचांग के समय नई दिल्ली के अक्षांश और देशांतर के आधार पर खगोलीय गणना (लाहिड़ी अयनांश) से निकाले गए हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल के समय कुछ मिनट अलग हो सकते हैं।
आज का राशिफल: सभी 12 राशियां
मेष
करियर में नई ऊर्जा महसूस करेंगे और आर्थिक लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं। पारिवारिक जीवन में आपसी तालमेल बढ़ेगा और स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा। शुभ रंग: लाल, शुभ अंक: 9
वृषभ
निवेश के लिए आज का दिन अनुकूल है और कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। अपनों के साथ समय बिताने से मन को शांति मिलेगी। शुभ रंग: सफेद, शुभ अंक: 6
मिथुन
व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं और संवाद कौशल से लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा और घर में खुशहाली रहेगी। शुभ रंग: हरा, शुभ अंक: 5
कर्क
चंद्रमा आपकी राशि में होने से मानसिक स्पष्टता मिलेगी और रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और संतुलित आहार लें। शुभ रंग: क्रीम, शुभ अंक: 2
सिंह
भविष्य की योजनाओं के लिए दिन अच्छा है और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा जिससे आप आत्मविश्वास महसूस करेंगे। शुभ रंग: सुनहरा, शुभ अंक: 1
कन्या
आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने मित्रों से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और अपनी सेहत का ख्याल रखें। शुभ रंग: हल्का हरा, शुभ अंक: 3
तुला
कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के संकेत हैं और सामाजिक मान सम्मान में वृद्धि होगी। घर का वातावरण शांतिपूर्ण रहेगा और रिश्तों में मधुरता आएगी। शुभ रंग: नीला, शुभ अंक: 7
वृश्चिक
भाग्य का साथ मिलेगा और धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं में सुधार होगा और आप स्वयं को ऊर्जावान महसूस करेंगे। शुभ रंग: केसरिया, शुभ अंक: 8
धनु
मेहनत का उचित फल मिलेगा और अटके हुए धन की प्राप्ति संभव है। आपसी विश्वास बढ़ने से रिश्तों में मजबूती आएगी और दिन सुखद रहेगा। शुभ रंग: पीला, शुभ अंक: 4
मकर
साझेदारी के कार्यों में सफलता मिलेगी और वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें जिससे स्फूर्ति बनी रहे। शुभ रंग: आसमानी, शुभ अंक: 5
कुंभ
कार्यस्थल पर आपकी स्थिति मजबूत होगी और चुनौतियों का डटकर सामना करेंगे। पर्याप्त आराम करें ताकि मानसिक और शारीरिक थकान से बचे रहें। शुभ रंग: बैंगनी, शुभ अंक: 6
मीन
रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी और संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और मन आनंदित रहेगा। शुभ रंग: गुलाबी, शुभ अंक: 9
पंचांग के अंगों का महत्व
भारतीय पंचांग काल गणना का एक प्राचीन और वैज्ञानिक आधार है। इसमें तिथि, नक्षत्र, योग और करण जैसे पांच मुख्य अंग होते हैं। तिथि चंद्रमा की कलाओं को दर्शाती है, जबकि नक्षत्र आकाश में चंद्रमा की स्थिति का बोध कराते हैं। योग और करण दैनिक कार्यों की शुभता और अशुभता को निर्धारित करने में मदद करते हैं। इन अंगों का सही ज्ञान न केवल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आवश्यक है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन को प्रकृति के चक्र के साथ तालमेल बिठाने में भी सहायता करता है। पंचांग के माध्यम से हम समय की सूक्ष्म गतिविधियों को समझकर अपने कार्यों की योजना बेहतर ढंग से बना सकते हैं। यह हमें बताता है कि कौन सा समय किस कार्य के लिए अनुकूल है, जिससे सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
राहुकाल और पंचांग पढ़ने की विधि
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल एक ऐसा समय माना जाता है जिसे शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। पारंपरिक धारणा है कि इस दौरान किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं या उनका अपेक्षित फल नहीं मिलता है। हालांकि, यह केवल एक मान्यता है और इसे व्यक्तिगत विवेक से देखना चाहिए। पंचांग पढ़ना काफी सरल है। सबसे पहले आप अपनी वर्तमान तिथि और वार देखें। इसके बाद नक्षत्र और योग की जानकारी प्राप्त करें। यदि आप किसी विशेष कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, तो पंचांग में दिए गए शुभ समय को प्राथमिकता दें और राहुकाल जैसे निषेध समय से बचें। यह खगोलीय गणनाएं हमें ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ जुड़ने का एक माध्यम प्रदान करती हैं। इनका नियमित पालन करने से जीवन में अनुशासन और सकारात्मकता का संचार होता है।
अस्वीकरण: यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित सामान्य जानकारी है, इसका कोई वैज्ञानिक आधार सिद्ध नहीं है। किसी भी महत्वपूर्ण फैसले से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।
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स्रोत: खगोलीय गणना: JPL DE421 एफेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश (डेमोक्रेटिक भारत लाइव), राशिफल: ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित सामान्य मार्गदर्शन





