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करवा चौथ का निर्जला व्रत और सेहत: किन लोगों को सावधानी चाहिए, डिहाइड्रेशन के लक्षण और व्रत खोलने का तरीका

करवा चौथ के निर्जला व्रत में शरीर पर क्या असर होता है, गर्भवती, स्तनपान कराने वाली, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और किडनी की मरीज महिलाओं के लिए सावधानी, डिहाइड्रेशन और लो शुगर के लक्षण, दवा और व्रत खोलना।

निर्जला व्रत के दौरान सेहत की सावधानियों का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • करवा चौथ पर ज्यादातर महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं, यानी 14 से 16 घंटे तक न कुछ खाती हैं, न पानी पीती हैं।
  • ऐसी स्थिति में डॉक्टर आपकी सेहत के अनुसार बताएंगे कि व्रत रखना ठीक है या नहीं, या फलाहार और पानी के साथ व्रत रखा जा सकता है।
  • व्रत के दौरान ये लक्षण दिखें, तो व्रत की परवाह किए बिना पानी या कुछ मीठा लें और जरूरत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें:
  • कई परिवारों में सेहत की वजह से पानी या फलाहार के साथ व्रत रखने की अनुमति है।

करवा चौथ पर ज्यादातर महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं, यानी 14 से 16 घंटे तक न कुछ खाती हैं, न पानी पीती हैं। स्वस्थ व्यक्ति के लिए एक दिन का ऐसा व्रत आम तौर पर संभाला जा सकता है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह जोखिम भरा हो सकता है। ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान के आहार दिशानिर्देश शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने को सेहत के लिए जरूरी बताते हैं। जानिए निर्जला व्रत में किन बातों का ध्यान रखें।

शरीर पर क्या असर होता है

लंबे समय तक पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है। खाना न खाने से ब्लड शुगर कम हो सकती है। इससे सिरदर्द, कमजोरी, चक्कर, चिड़चिड़ापन और ध्यान लगाने में दिक्कत जैसी परेशानियां हो सकती हैं। गर्म मौसम, धूप और ज्यादा काम से ये परेशानियां बढ़ सकती हैं।

मुख्य बातें: निर्जला व्रत के दौरान सेहत की सावधानियों का ग्राफिक
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किन्हें डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए

  • गर्भवती महिलाएं
  • स्तनपान कराने वाली माताएं
  • डायबिटीज की मरीज, खासकर इंसुलिन या शुगर कम करने वाली दवा लेने वाली
  • हाई या लो ब्लड प्रेशर की मरीज
  • किडनी, दिल या लिवर की बीमारी वाली महिलाएं
  • एनीमिया, माइग्रेन या पेट के अल्सर की मरीज
  • पहले व्रत के दौरान बेहोश हो चुकी महिलाएं

ऐसी स्थिति में डॉक्टर आपकी सेहत के अनुसार बताएंगे कि व्रत रखना ठीक है या नहीं, या फलाहार और पानी के साथ व्रत रखा जा सकता है।

दवाएं न छोड़ें

नियमित दवा लेने वाली महिलाएं व्रत के कारण दवा न छोड़ें। दवा का समय और खुराक बदलना हो, तो पहले डॉक्टर से पूछें। कुछ दवाएं खाली पेट लेने से नुकसान कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें: करवा चौथ सरगी में क्या खाएं: निर्जला व्रत से पहले ऊर्जा और पानी के लिए सही भोजन | डायबिटीज में त्योहार कैसे मनाएं: मिठाई, व्रत और दावतों के बीच ब्लड शुगर संभालने के तरीके

चेतावनी के लक्षण

व्रत के दौरान ये लक्षण दिखें, तो व्रत की परवाह किए बिना पानी या कुछ मीठा लें और जरूरत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें:

  • बहुत ज्यादा चक्कर या आंखों के आगे अंधेरा
  • बेहोशी या बेहोशी जैसा लगना
  • दिल की धड़कन बहुत तेज होना
  • कांपना, ठंडा पसीना और घबराहट
  • पेशाब बहुत कम या गहरे रंग का होना
  • तेज सिरदर्द या उल्टी

दिन कैसे बिताएं

  • एक दिन पहले से पर्याप्त पानी पिएं
  • सरगी में फल, दूध या दही और मेवे लें
  • दिन में धूप में न रहें और भारी काम पहले दिन निपटा लें
  • दोपहर में थोड़ा आराम करें

व्रत कैसे खोलें

चांद को अर्घ्य देने के बाद पहले धीरे-धीरे पानी पिएं। फिर थोड़ा फल, शरबत या हल्का भोजन लें। लंबे उपवास के बाद एकदम भारी, तला-भुना खाना पेट की तकलीफ और शुगर के तेजी से बढ़ने का कारण बन सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पानी पीकर करवा चौथ का व्रत रख सकते हैं?

कई परिवारों में सेहत की वजह से पानी या फलाहार के साथ व्रत रखने की अनुमति है। परिवार और डॉक्टर से बात करके फैसला लें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी लक्षण होने या इलाज शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।

स्रोत: ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान: भारतीयों के लिए आहार दिशानिर्देश। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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