करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाती हैं, जो आम तौर पर सास की ओर से दी जाती है। इसके बाद चंद्रोदय तक बिना पानी के व्रत रखा जाता है। करीब 14 से 16 घंटे तक कुछ न खाने-पीने के कारण सरगी में क्या खाया जाए, यह बहुत मायने रखता है। सही चुनाव से दिन भर कमजोरी, सिरदर्द और प्यास कुछ हद तक कम महसूस हो सकती है। ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान के आहार दिशानिर्देश संतुलित भोजन में अनाज, दालें, दूध, फल, सब्जियां और मेवों को शामिल करने की सलाह देते हैं। सरगी में भी यही संतुलन काम आता है।
सरगी में क्या शामिल करें
- फल: पपीता, सेब, अनार, संतरा या केला जैसे मौसमी फल, जिनमें पानी और फाइबर होता है
- मेवे: बादाम, अखरोट या किशमिश की थोड़ी मात्रा, जिनसे ऊर्जा धीरे-धीरे मिलती है
- दूध या दही: प्रोटीन और तरल दोनों के लिए अच्छा
- अनाज: सादा पराठा, रोटी, दलिया या फेनी, लेकिन बहुत ज्यादा घी के बिना
- नारियल पानी या नींबू पानी बिना ज्यादा नमक-चीनी के

किन चीजों से बचें
- बहुत तला-भुना और मसालेदार खाना, जो प्यास बढ़ा सकता है
- ज्यादा नमक वाली चीजें, जैसे नमकीन, अचार और पापड़
- ज्यादा मीठी मिठाइयां, जिनसे थोड़ी देर बाद ही थकान महसूस हो सकती है
- बहुत ज्यादा चाय या कॉफी, क्योंकि ये पेशाब बढ़ाकर शरीर का पानी कम कर सकती हैं
पानी कैसे पिएं
सरगी के समय एक साथ बहुत सारा पानी पीने की जगह व्रत से एक दिन पहले से ही पर्याप्त पानी पीना शुरू करें। सरगी में धीरे-धीरे पानी, नारियल पानी या छाछ लें। एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने से पेट भारी लग सकता है।
यह भी पढ़ें: करवा चौथ 2026: 29 अक्टूबर को व्रत, जानें पूजा मुहूर्त, चंद्रोदय का समय, सरगी और व्रत कथा | डायबिटीज में त्योहार कैसे मनाएं: मिठाई, व्रत और दावतों के बीच ब्लड शुगर संभालने के तरीके
दिन भर कैसे रहें
व्रत के दिन तेज धूप और बहुत ज्यादा भागदौड़ से बचें। रसोई में लंबे समय तक खड़े रहकर पकवान बनाने का काम पहले दिन ही निपटा लें। थोड़ा आराम करें। चक्कर, तेज सिरदर्द, धड़कन बढ़ना या बेहोशी जैसा लगे, तो व्रत की परवाह किए बिना पानी पिएं और जरूरत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
व्रत कैसे खोलें
चांद को अर्घ्य देने के बाद पहले पानी पिएं और फिर हल्का भोजन लें। लंबे उपवास के बाद एकदम भारी, तला हुआ खाना खाने से पेट में तकलीफ हो सकती है। शुरुआत फल, शरबत या थोड़ी मिठाई से करें और फिर सामान्य भोजन लें।
किन्हें डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, किडनी या दिल की बीमारी वाली महिलाएं और नियमित दवा लेने वाली महिलाएं निर्जला व्रत से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें। कई परिवारों में ऐसी स्थिति में फलाहार या पानी के साथ व्रत रखने की छूट दी जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सरगी में फेनी खाना ठीक है?
फेनी परंपरा का हिस्सा है। इसे दूध के साथ, कम चीनी में और सीमित मात्रा में लिया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी लक्षण होने या इलाज शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
स्रोत: ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान: भारतीयों के लिए आहार दिशानिर्देश। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






टिप्पणियां (2)