कढ़ी चावल उत्तर भारत के घरों का पसंदीदा खाना है। खट्टे दही और बेसन से बनी गाढ़ी कढ़ी में डूबे नरम पकौड़े और ऊपर से जीरे, मेथी और लाल मिर्च का तड़का, इसका स्वाद हर किसी को भाता है। लेकिन कई बार कढ़ी फट जाती है या पकौड़े सख्त रह जाते हैं। इस लेख में जानिए कढ़ी पकौड़ा बनाने का आसान तरीका।
कढ़ी क्या है
कढ़ी दही और बेसन से बनने वाला व्यंजन है। विकिपीडिया पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी शुरुआत राजस्थान से जोड़ी जाती है, जहां पानी की कमी के कारण दूध, दही और घी से बने व्यंजन ज्यादा बनते थे। आज देश के अलग अलग हिस्सों में कढ़ी के कई रूप बनते हैं, जैसे पंजाबी कढ़ी, गुजराती कढ़ी, राजस्थानी कढ़ी, सिंधी कढ़ी और महाराष्ट्रीयन कढ़ी।

कढ़ी के लिए सामग्री
- खट्टा दही: 2 कप
- बेसन: 4 से 5 बड़े चम्मच
- पानी: 4 से 5 कप
- हल्दी: आधा छोटा चम्मच
- नमक: स्वाद अनुसार
- अदरक और हरी मिर्च: बारीक कटी
पकौड़ों के लिए सामग्री
- बेसन: 1 कप
- प्याज: 1, बारीक कटा
- अजवाइन: आधा छोटा चम्मच
- लाल मिर्च, नमक: स्वाद अनुसार
- तलने के लिए तेल
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तड़के के लिए
- घी या तेल: 2 बड़े चम्मच
- जीरा, मेथी दाना, राई: थोड़ा थोड़ा
- साबुत लाल मिर्च: 2
- करी पत्ता और एक चुटकी हींग
- कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर: थोड़ा सा
पकौड़े बनाने की विधि
- बेसन में प्याज, अजवाइन, नमक और मिर्च मिलाएं।
- थोड़ा थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा घोल बनाएं और 5 मिनट अच्छी तरह फेंटें, इससे पकौड़े हल्के बनते हैं।
- गरम तेल में छोटे छोटे पकौड़े मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें।
- पकौड़ों को निकालकर अलग रख दें।
कढ़ी बनाने की विधि
- एक बड़े बर्तन में दही और बेसन को अच्छी तरह फेंटें, ताकि गांठ न रहे।
- इसमें पानी, हल्दी और नमक मिलाएं।
- कड़ाही में थोड़ा तेल गरम कर अदरक और हरी मिर्च भूनें, फिर दही बेसन का घोल डालें।
- उबाल आने तक लगातार चलाते रहें।
- उबाल आने के बाद आंच धीमी करें और 30 से 40 मिनट पकने दें, बीच बीच में चलाते रहें।
- कढ़ी गाढ़ी हो जाए तो पकौड़े डालें और 5 मिनट और पकाएं।
तड़का लगाएं
एक छोटे बर्तन में घी गरम करें। उसमें राई, जीरा, मेथी दाना, साबुत लाल मिर्च, करी पत्ता और हींग डालें। आंच बंद कर कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर मिलाएं और तुरंत यह तड़का कढ़ी पर डाल दें।
कढ़ी फटने से कैसे बचाएं
- दही और बेसन को पहले अच्छी तरह मिलाकर ही आंच पर रखें।
- उबाल आने तक कढ़ी को लगातार चलाते रहें, यही सबसे जरूरी कदम है।
- नमक को कढ़ी में उबाल आने के बाद डालें, इससे भी फटने का खतरा कम होता है।
- बहुत ज्यादा खट्टा दही हो तो थोड़ा पानी बढ़ा दें।
नरम पकौड़ों के टिप्स
- घोल को अच्छी तरह फेंटें, जब तक वह हल्का न हो जाए।
- बहुत तेज आंच पर न तलें, वरना पकौड़े अंदर से कच्चे रह सकते हैं।
- अगर पकौड़े सख्त लगें, तो कढ़ी में डालने से पहले उन्हें 5 मिनट गुनगुने पानी में भिगोकर दबा लें।
सही दही कैसे चुनें
कढ़ी के लिए हल्का खट्टा दही सबसे अच्छा माना जाता है। अगर दही ताजा है और खट्टा नहीं है, तो उसे कुछ घंटे पहले बाहर रख दें, ताकि उसमें हल्की खटास आ जाए। बहुत ज्यादा खट्टा दही इस्तेमाल करने से कढ़ी का स्वाद तीखा हो सकता है, ऐसे में पानी की मात्रा थोड़ी बढ़ा दें।
किसके साथ परोसें
कढ़ी पकौड़ा उबले चावल या जीरा चावल के साथ सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। रोटी, बाजरे की रोटी या खिचड़ी के साथ भी यह अच्छा लगता है। साथ में पापड़ और अचार हो तो खाने का स्वाद और बढ़ जाता है।
गुजराती कढ़ी में अंतर
कढ़ी के क्षेत्रीय रूप अलग अलग स्वाद वाले होते हैं। गुजराती कढ़ी आम तौर पर पंजाबी कढ़ी से पतली और हल्की मीठी होती है और इसमें पकौड़े कम ही डाले जाते हैं। इसे खिचड़ी के साथ खाना पसंद किया जाता है।
कढ़ी बड़ी
उत्तर भारत में कढ़ी का एक रूप कढ़ी बड़ी भी है, जिसमें बेसन के पकौड़ों की जगह सूखी दाल की बड़ियां डाली जाती हैं। विकिपीडिया के अनुसार कढ़ी चावल, कढ़ी बड़ी, राजस्थानी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी और महाराष्ट्रीयन कढ़ी इसके प्रचलित रूप हैं। हर क्षेत्र में मसालों और गाढ़ेपन का अंतर इसे अलग स्वाद देता है।
बची कढ़ी कैसे रखें
बची हुई कढ़ी को ठंडा करके फ्रिज में रखें और अगले दिन तक इस्तेमाल कर लें। दोबारा गरम करते समय थोड़ा पानी मिलाएं और धीमी आंच पर चलाते हुए गरम करें, क्योंकि ठंडी होकर कढ़ी गाढ़ी हो जाती है।
कढ़ी किससे बनती है
दही और बेसन से।
कढ़ी फटने से कैसे बचाएं
उबाल आने तक लगातार चलाएं और नमक उबाल के बाद डालें।
कढ़ी कितनी देर पकानी चाहिए
उबाल आने के बाद धीमी आंच पर लगभग 30 से 40 मिनट।
कढ़ी किसके साथ खाई जाती है
चावल, रोटी या खिचड़ी के साथ।





