भारतीय रसोई में हरी चटनी शायद सबसे ज्यादा बनने वाली चटनी है। समोसा, पकौड़ा, ढोकला, टिक्की, पराठा या सैंडविच, हर चीज के साथ यह अच्छी लगती है। इसे बनाना आसान है, लेकिन अक्सर शिकायत रहती है कि चटनी कुछ ही घंटों में काली पड़ जाती है या कड़वी लगने लगती है। इस लेख में जानिए धनिया पुदीना की हरी चटनी बनाने का आसान तरीका, रंग हरा बनाए रखने के उपाय और समोसे व सैंडविच के लिए अलग तरह की चटनी कैसे बनाएं।
सामग्री
- हरा धनिया: एक बड़ा गुच्छा, करीब दो कप पत्ते और नरम डंठल।
- पुदीना: आधा कप पत्ते।
- हरी मिर्च: दो से तीन, स्वाद के हिसाब से।
- अदरक: एक छोटा टुकड़ा।
- नींबू का रस: एक से दो चम्मच।
- भुना जीरा: आधा चम्मच।
- काला नमक और सादा नमक: स्वाद अनुसार।
- बर्फ के दो तीन टुकड़े या बहुत ठंडा पानी।

धनिया पुदीना कैसे साफ करें
धनिया और पुदीने को अच्छी तरह धोना जरूरी है, क्योंकि इनकी पत्तियों में मिट्टी फंसी रहती है। इन्हें एक बड़े बर्तन में पानी भर कर दो से तीन बार धोएं। धनिये के नरम डंठल फेंकने की जरूरत नहीं, इनमें भी खुशबू होती है। पुदीने के मोटे डंठल हटा दें, क्योंकि ये चटनी में कड़वाहट ला सकते हैं। धोने के बाद पत्तों का पानी निथार लें।
बनाने का तरीका
मिक्सर के जार में पहले अदरक, हरी मिर्च, जीरा और नमक डालें। फिर धनिया और पुदीना डालें। ऊपर से नींबू का रस और बर्फ के टुकड़े डालें। मिक्सर को लगातार देर तक चलाने के बजाय रुक रुक कर चलाएं। लगातार चलाने से जार गर्म हो जाता है और गर्मी से चटनी का रंग जल्दी बदलता है। जरूरत हो तो थोड़ा ठंडा पानी डालें और एक चिकनी चटनी तैयार कर लें। आखिर में चख कर नमक और नींबू ठीक कर लें।
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रंग हरा रखने के उपाय
- पीसते समय ठंडा पानी या बर्फ इस्तेमाल करें।
- नींबू का रस पीसते समय ही डालें, इससे रंग टिकता है।
- चटनी को कांच या स्टील के बंद डिब्बे में रखें, ताकि हवा कम लगे।
- डिब्बे में रखने के बाद ऊपर से थोड़ा नींबू का रस डाल सकते हैं।
- चटनी को जितनी जल्दी हो सके फ्रिज में रख दें।
समोसे और पकौड़े वाली चटनी
समोसे और पकौड़े के साथ थोड़ी पतली और तीखी चटनी अच्छी लगती है। इसके लिए ऊपर वाली चटनी में पानी थोड़ा ज्यादा रखें और हरी मिर्च एक बढ़ा दें। कुछ लोग इसमें थोड़ा सा आमचूर भी डालते हैं, जिससे खटास बढ़ जाती है।
सैंडविच वाली गाढ़ी चटनी
सैंडविच की चटनी पतली हो तो ब्रेड गीली हो जाती है। इसके लिए पीसते समय पानी बहुत कम डालें। गाढ़ापन लाने के लिए एक दो चम्मच भुने चने या मूंगफली के दाने डाल सकते हैं। कुछ लोग इसमें एक चम्मच दही या थोड़ा सा मक्खन भी मिलाते हैं। इससे चटनी ब्रेड पर अच्छी तरह फैलती है।
दही वाली हरी चटनी
टिक्का या कबाब के साथ दही वाली चटनी पसंद की जाती है। तैयार गाढ़ी हरी चटनी में फेंटा हुआ गाढ़ा दही मिलाएं, थोड़ा काला नमक और भुना जीरा डालें। यह चटनी उसी दिन इस्तेमाल करना बेहतर है।
कितने दिन चलती है
ताजी हरी चटनी फ्रिज में दो से तीन दिन तक ठीक रहती है। ज्यादा दिन के लिए चटनी को बर्फ जमाने वाली ट्रे में छोटे हिस्सों में जमा कर सकते हैं और जरूरत के हिसाब से निकाल सकते हैं। चटनी निकालते समय हमेशा साफ और सूखा चम्मच इस्तेमाल करें। अगर चटनी से अजीब गंध आए तो उसे फेंक दें।
आम गलतियां
- पुदीना ज्यादा डालना, जिससे चटनी कड़वी लगती है।
- गर्म जार में देर तक पीसना।
- बिना धोए या अधूरा धोया धनिया इस्तेमाल करना।
- चटनी को खुले बर्तन में छोड़ देना।
किस चीज के साथ कौन सी चटनी
ढोकला और खांडवी के साथ हल्की मीठी और खट्टी चटनी अच्छी लगती है, इसलिए इसमें एक चुटकी चीनी डाल सकते हैं। आलू टिक्की और चाट के लिए हरी चटनी को इमली की मीठी चटनी के साथ परोसा जाता है। पराठे के साथ गाढ़ी चटनी और थोड़ा सा दही अच्छा लगता है। दक्षिण भारतीय नाश्ते जैसे इडली और डोसे के साथ धनिये की चटनी में नारियल मिलाकर बनाया जाता है।
सफाई और सुरक्षा
हरी पत्तियों को धोते समय अगर पानी में थोड़ा नमक मिला लें, तो मिट्टी और छोटे कीड़े आसानी से निकल जाते हैं। चटनी बनाने का मिक्सर जार और चाकू भी साफ होना चाहिए। बाजार से धनिया लाने के बाद उसे जड़ सहित कागज में लपेट कर फ्रिज में रखें, तो पत्ते कई दिन ताजे रहते हैं।
हरी चटनी काली क्यों पड़ जाती है
हवा, गर्मी और देर तक पीसने से पत्तियों का रंग बदलता है।
क्या बिना पुदीने के हरी चटनी बन सकती है
हां, सिर्फ धनिये से भी अच्छी चटनी बनती है।
फ्रिज में कितने दिन रखें
आम तौर पर दो से तीन दिन।
स्रोत: FSSAI: Eat Right India, FSSAI: Food safety at home, Wikipedia: Chutney





