होम लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय बैंक सबसे पहले आपकी क्रेडिट रिपोर्ट और स्कोर देखते हैं। लेकिन कई बार रिपोर्ट में ऐसी गलतियां होती हैं जो आपकी नहीं होतीं, जैसे कोई ऐसा लोन जो आपने लिया ही नहीं, चुकाया हुआ लोन बकाया दिखना, गलत नाम या जन्मतिथि, या किसी और व्यक्ति का खाता आपकी रिपोर्ट में जुड़ जाना। इन गलतियों से स्कोर गिरता है और लोन मिलने में दिक्कत होती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने ऐसी शिकायतों के जल्दी समाधान के लिए नियम बनाए हैं। इस लेख में जानिए रिपोर्ट में गलती कैसे पकड़ें, सुधार कैसे कराएं और RBI के नियम क्या कहते हैं।
क्रेडिट रिपोर्ट कौन बनाता है
भारत में चार क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियां यानी क्रेडिट ब्यूरो हैं: ट्रांसयूनियन सिबिल, इक्विफैक्स, एक्सपीरियन और सीआरआईएफ हाई मार्क। बैंक और वित्तीय संस्थान अपने ग्राहकों के लोन और क्रेडिट कार्ड की जानकारी इन कंपनियों को भेजते हैं। इसी जानकारी से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट और स्कोर तैयार होता है। यानी ब्यूरो खुद जानकारी नहीं बनाते, बल्कि बैंकों से मिली जानकारी को दर्ज करते हैं।

मुफ्त रिपोर्ट कैसे देखें
RBI के निर्देशों के अनुसार हर क्रेडिट ब्यूरो को साल में एक बार ग्राहक को मुफ्त पूरी क्रेडिट रिपोर्ट, क्रेडिट स्कोर के साथ, देनी होती है। इसके लिए ब्यूरो की वेबसाइट पर पैन, मोबाइल नंबर और दूसरी जानकारी देकर रिपोर्ट मंगाई जा सकती है। समझदारी इसी में है कि हर कुछ महीने में किसी न किसी ब्यूरो से अपनी रिपोर्ट देख लें।
रिपोर्ट में क्या जांचें
- नाम, जन्मतिथि, पैन, पता और मोबाइल नंबर सही हैं या नहीं।
- सभी लोन और कार्ड आपके ही हैं या नहीं।
- बंद किए गए लोन और कार्ड बंद दिख रहे हैं या नहीं।
- किसी भुगतान को गलत तरीके से देर से या डिफॉल्ट तो नहीं दिखाया गया।
- सेटल्ड लिखा है या क्लोज्ड, क्योंकि सेटल्ड का स्कोर पर बुरा असर पड़ता है।
- ऐसी पूछताछ तो नहीं दिख रही, जिसके लिए आपने आवेदन ही नहीं किया।
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विवाद कैसे दर्ज करें
जिस ब्यूरो की रिपोर्ट में गलती है, उसकी वेबसाइट पर ऑनलाइन विवाद समाधान का विकल्प होता है। लॉगिन करके गलत जानकारी चुनें, सही जानकारी बताएं और सबूत अपलोड करें, जैसे बैंक का नो ड्यूज सर्टिफिकेट, लोन बंद होने का पत्र या भुगतान का स्टेटमेंट। ब्यूरो आपका विवाद संबंधित बैंक को भेजता है। बैंक जानकारी की जांच करके ब्यूरो को जवाब देता है और जरूरत हो तो सुधार करता है। साथ ही सीधे अपने बैंक के शिकायत निवारण अधिकारी को भी लिखें, ताकि बैंक अपने रिकॉर्ड में भी सुधार करे।
RBI का 30 दिन का नियम
RBI ने अक्टूबर 2023 में क्रेडिट जानकारी से जुड़ी शिकायतों के लिए मुआवजे का ढांचा जारी किया, जो अप्रैल 2024 से लागू हुआ। इसके अनुसार ग्राहक की शिकायत का समाधान 30 दिन के भीतर होना चाहिए। इस 30 दिन की अवधि के भीतर बैंक को ब्यूरो को सही जानकारी भेजनी होती है और ब्यूरो को उसे रिपोर्ट में दर्ज करना होता है। अगर 30 दिन में समाधान नहीं होता, तो ग्राहक को हर दिन की देरी के लिए 100 रुपये का मुआवजा मिलेगा। जिसकी वजह से देरी हुई, वह बैंक या ब्यूरो यह मुआवजा देगा।
SMS और ईमेल अलर्ट
RBI के नियमों के तहत जब भी कोई बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट देखता है, तो ब्यूरो को आपको SMS या ईमेल से सूचना देनी होती है। अगर आपको ऐसी सूचना मिले जबकि आपने कोई आवेदन नहीं किया, तो यह पहचान चोरी का संकेत हो सकता है। तुरंत ब्यूरो और बैंक से संपर्क करें। इसी तरह जब बैंक आपके खाते को डिफॉल्ट के रूप में दर्ज करने वाला हो, तो उसे पहले आपको बताना होता है।
धोखाधड़ी वाले लोन
अगर आपके नाम पर कोई ऐसा लोन दिख रहा है जो आपने नहीं लिया, तो यह गंभीर मामला है। तुरंत ब्यूरो में विवाद दर्ज करें, संबंधित बैंक या ऐप कंपनी को लिखें और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in या 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें। पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराएं और उसकी कॉपी बैंक को दें।
शिकायत आगे कहां करें
अगर 30 दिन में समाधान नहीं मिलता या जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो RBI की एकीकृत लोकपाल योजना के तहत cms.rbi.org.in पर ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। क्रेडिट ब्यूरो भी अब इस लोकपाल योजना के दायरे में हैं। शिकायत के साथ बैंक और ब्यूरो से हुई बातचीत के सबूत जरूर लगाएं।
स्कोर सुधरने में समय
गलती सुधरने के बाद नया स्कोर अगली रिपोर्ट में दिखता है। बैंक अब ब्यूरो को हर 15 दिन में जानकारी अपडेट करते हैं, इसलिए सुधार पहले से जल्दी दिखने लगा है। लेकिन अगर देरी से भुगतान सच में हुआ था, तो उसे विवाद से हटाया नहीं जा सकता। ऐसे में समय पर भुगतान और कम क्रेडिट उपयोग से धीरे धीरे स्कोर सुधरता है।
क्रेडिट रिपोर्ट मुफ्त कैसे मिलती है
हर ब्यूरो से साल में एक बार मुफ्त पूरी रिपोर्ट मिलती है।
गलती कितने दिन में सुधरनी चाहिए
30 दिन के भीतर।
देरी पर कितना मुआवजा मिलता है
100 रुपये प्रति दिन।
समाधान न मिले तो कहां शिकायत करें
RBI के cms.rbi.org.in पोर्टल पर।
स्रोत: RBI: Compensation Framework for Credit Information, TransUnion CIBIL: Dispute Resolution, RBI Complaint Management System





