भारतीय थाली में रायता एक ऐसा व्यंजन है जो हर खाने के साथ जम जाता है। पुलाव, बिरयानी, पराठा या तीखी सब्जी, रायता स्वाद को संतुलित करता है। यह दही में सब्जियां, फल या बूंदी मिलाकर बनाया जाता है। इस लेख में जानिए रायते की तीन लोकप्रिय विधियां और कुछ काम के टिप्स।
रायता क्या है
रायता दही से बनने वाला एक साइड डिश है, जिसमें कच्ची या पकी सब्जियां, फल या दालों से बनी चीजें मिलाई जाती हैं। विकिपीडिया के अनुसार रायता शब्द राई यानी काली सरसों और तीखे स्वाद से जुड़े शब्दों से बना माना जाता है। इसमें आम तौर पर भुना जीरा, धनिया, पुदीना और लाल मिर्च जैसे मसाले डाले जाते हैं। इसे ठंडा परोसा जाता है।

बूंदी रायता
सामग्री इस प्रकार है:
- दही: 2 कप
- नमकीन बूंदी: आधा कप
- भुना जीरा पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- काला नमक: स्वाद अनुसार
- लाल मिर्च पाउडर: एक चुटकी
- हरा धनिया: थोड़ा सा
बनाने का तरीका:
- बूंदी को 5 मिनट गुनगुने पानी में भिगोएं, फिर हल्के हाथ से दबाकर पानी निकाल दें।
- दही को अच्छी तरह फेंटकर चिकना कर लें। जरूरत हो तो थोड़ा पानी या दूध मिलाएं।
- दही में काला नमक, भुना जीरा और बूंदी मिलाएं।
- ऊपर से लाल मिर्च और हरा धनिया डालकर ठंडा परोसें।
खीरा रायता
- एक खीरे को धोकर कद्दूकस कर लें और हल्का निचोड़कर पानी निकाल दें।
- फेंटे हुए दही में खीरा, भुना जीरा, काला नमक और बारीक कटा पुदीना मिलाएं।
- चाहें तो बारीक कटा प्याज भी मिला सकते हैं।
- फ्रिज में थोड़ी देर ठंडा करके परोसें।
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बथुआ रायता
विकिपीडिया के अनुसार हरियाणा में सर्दियों के मौसम में बथुए से रायता बनाया जाता है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी यह लोकप्रिय है।
- बथुए की पत्तियों को साफ करके धो लें।
- पत्तियों को थोड़े पानी में उबालें, ठंडा करके बारीक काट लें या हल्का पीस लें।
- फेंटे हुए दही में बथुआ, नमक, भुना जीरा और थोड़ी लाल मिर्च मिलाएं।
- चाहें तो ऊपर से जीरे और हींग का तड़का लगाएं।
तड़के वाला रायता
रायते को और स्वादिष्ट बनाने के लिए तड़का लगाया जा सकता है। एक छोटे बर्तन में थोड़ा तेल या घी गरम करें, उसमें राई, जीरा और करी पत्ता डालें। तड़का हल्का ठंडा होने पर रायते के ऊपर डालें। दक्षिण भारत में दही और सब्जियों से बनने वाले ऐसे व्यंजनों को पचड़ी भी कहा जाता है।
भुना जीरा घर पर कैसे बनाएं
जीरे को एक कड़ाही में बिना तेल के धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक उसकी खुशबू न आने लगे और रंग हल्का गहरा न हो जाए। ठंडा होने पर इसे दरदरा पीस लें और हवा बंद डिब्बे में रखें। घर का भुना जीरा रायते का स्वाद काफी बढ़ा देता है।
रायते के दूसरे रूप
- अनार रायता: दही में अनार के दाने
- आलू रायता: उबले आलू के छोटे टुकड़ों के साथ
- प्याज टमाटर रायता: बिरयानी के साथ लोकप्रिय
- चुकंदर गाजर रायता: रंग और स्वाद दोनों के लिए
काम के टिप्स
- रायते के लिए ताजा और ज्यादा खट्टा न हो ऐसा दही लें।
- नमक परोसने से ठीक पहले मिलाएं, इससे सब्जियां पानी कम छोड़ती हैं।
- बूंदी को बहुत देर पहले न मिलाएं, वरना वह ज्यादा नरम हो जाती है।
- रायते को ठंडा परोसें, इसका स्वाद ज्यादा अच्छा लगता है।
रायता क्यों पसंद किया जाता है
तीखे और मसालेदार खाने के साथ रायता मुंह के स्वाद को ठंडक देता है। बिरयानी और पुलाव के साथ इसे खास तौर पर परोसा जाता है। गर्मियों में खीरा और पुदीना रायता ज्यादा बनता है, जबकि सर्दियों में बथुआ और गाजर का रायता लोकप्रिय है। शादी और त्योहारों की दावतों में बूंदी रायता लगभग हमेशा मेन्यू का हिस्सा होता है।
दही जमाने का आसान तरीका
अच्छे रायते के लिए अच्छा दही जरूरी है। दूध को उबालकर गुनगुना होने तक ठंडा करें। इसमें एक चम्मच पुराना दही मिलाकर अच्छी तरह चलाएं और ढककर किसी गर्म जगह पर 6 से 8 घंटे के लिए रख दें। सर्दियों में दही जमने में ज्यादा समय लग सकता है। जमने के बाद दही को फ्रिज में रखें, ताकि वह ज्यादा खट्टा न हो।
बचे रायते का क्या करें
बचा हुआ रायता उसी दिन इस्तेमाल करना बेहतर है। बूंदी रायता ज्यादा देर रखने पर बूंदी गल जाती है। खीरा रायता फ्रिज में कुछ घंटे ठीक रहता है, लेकिन खीरा पानी छोड़ने लगता है। इसलिए जितनी जरूरत हो, उतना ही बनाएं।
रायता किससे बनता है
दही में सब्जी, फल या बूंदी मिलाकर।
बूंदी को भिगोना क्यों जरूरी है
इससे बूंदी नरम होती है और दही में अच्छे से घुलती है।
बथुआ रायता कब बनाया जाता है
सर्दियों के मौसम में, जब बथुआ आसानी से मिलता है।
रायते में नमक कब डालें
परोसने से ठीक पहले।
स्रोत: Wikipedia: Raita, Wikipedia: Dahi





