सर्दियों में जब बाजार में बड़े गोल बैंगन आते हैं, तो कई घरों में बैंगन भरता बनना तय हो जाता है। आग पर भुने बैंगन की धुएं वाली खुशबू, टमाटर प्याज का तड़का और ऊपर से हरा धनिया, इसे खास बना देते हैं। इस लेख में जानिए बैंगन भरता बनाने का आसान तरीका और देश के अलग अलग हिस्सों में इसके रूप।
बैंगन भरता क्या है
विकिपीडिया पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार बैंगन भरता भुने हुए बैंगन को मसलकर या बारीक काटकर टमाटर, प्याज, हरी पत्तियों और मसालों के साथ बनाया जाने वाला भारतीय व्यंजन है। इसे बैगन चोखा भी कहा जाता है। विकिपीडिया के अनुसार पारंपरिक रूप से बैंगन को कोयले की आंच पर भूना जाता है, जिससे इसमें धुएं वाला स्वाद आता है।

किन चीजों से बनता है
विकिपीडिया के अनुसार आम तौर पर भरते में भुने और मसले बैंगन के साथ कटा टमाटर, भुना प्याज, अदरक, लहसुन और जीरा डाला जाता है। ऊपर से नींबू का रस, हरा धनिया और हरी मिर्च डाली जाती है। कई इलाकों में घी और जहां सरसों का तेल लोकप्रिय है, वहां सरसों का तेल इस्तेमाल होता है।
सामग्री (4 लोगों के लिए)
- बड़ा गोल बैंगन: 1, लगभग 500 ग्राम
- प्याज: 2 मध्यम, बारीक कटे
- टमाटर: 2 मध्यम, बारीक कटे
- हरी मिर्च: 2, बारीक कटी
- अदरक: 1 छोटा टुकड़ा, कद्दूकस किया
- लहसुन: 5 से 6 कलियां
- जीरा, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, नमक
- तेल या घी, हरा धनिया और नींबू
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बैंगन कैसे भूनें
- बैंगन को धोकर पोंछ लें और चाकू से दो तीन जगह हल्के चीरे लगाएं। चाहें तो चीरों में लहसुन की कलियां दबा दें।
- बैंगन पर थोड़ा तेल लगाएं।
- गैस की सीधी आंच, कोयले या तंदूर पर बैंगन को घुमाते हुए भूनें, जब तक छिलका पूरी तरह काला न हो जाए और अंदर से नरम न हो जाए।
- भुने बैंगन को ढककर थोड़ी देर ठंडा होने दें, इससे छिलका आसानी से उतरता है।
- छिलका उतारकर गूदे को अच्छी तरह मसल लें।
भरता बनाने का तरीका
- कड़ाही में तेल गर्म करें और जीरा डालें।
- प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें।
- अदरक, लहसुन और हरी मिर्च डालकर एक मिनट भूनें।
- टमाटर, हल्दी, लाल मिर्च और नमक डालकर टमाटर नरम होने तक पकाएं।
- मसला हुआ बैंगन डालें और अच्छी तरह मिलाकर 5 से 7 मिनट पकाएं।
- आंच बंद करके हरा धनिया और नींबू का रस डालें।
अलग अलग राज्यों में रूप
विकिपीडिया के अनुसार:
- गुजरात में इसे रींगण नो ओळो कहते हैं, जिसमें भुने बैंगन को राई, जीरा, हल्दी, लाल मिर्च, अदरक और लहसुन के साथ भूनते हैं। इसे बाजरे के रोटले, कढ़ी, खिचड़ी और छाछ के साथ परोसा जाता है।
- भोजपुरी भाषी इलाकों जैसे पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार में इसे भांटा के चोखा कहते हैं।
- महाराष्ट्र के खानदेश इलाके में वांग्याचे भरीत शादी जैसे आयोजनों में परोसा जाता है और आम तौर पर पूरी के साथ खाया जाता है।
- कर्नाटक और तमिलनाडु में भी बैंगन से मिलते जुलते व्यंजन बनते हैं।
विदेशों तक पहुंचा
विकिपीडिया के अनुसार बैंगन भरता भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में बेहद लोकप्रिय है। यह त्रिनिदाद और टोबैगो, सूरीनाम और गुयाना के भारतीय मूल के समुदायों में भी पसंद किया जाता है, जहां उत्तर भारत से गए गिरमिटिया मजदूरों के वंशज रहते हैं।
किसके साथ परोसें
बैंगन भरता रोटी, पराठा, बाजरे या मक्के की रोटी और लिट्टी के साथ अच्छा लगता है। दाल चावल के साथ साइड डिश के रूप में भी इसे परोसा जा सकता है।
बेहतर स्वाद के सुझाव
- बड़ा, हल्का और चमकदार छिलके वाला बैंगन चुनें।
- भूनते समय बैंगन को हर तरफ से बराबर भूनें।
- छिलके के जले हुए टुकड़े भरते में न जाने दें।
- सरसों के तेल में बनाने से अलग तीखी खुशबू आती है।
भरते में और क्या मिला सकते हैं
विकिपीडिया के अनुसार कुछ रसोइए और रेसिपी गाढ़ापन और स्वाद बढ़ाने के लिए मौसमी कद्दू, स्क्वैश या शकरकंद भी मसलकर मिलाते हैं। स्वाद के अनुसार हरे प्याज या हरी मटर भी डाली जा सकती है। हर घर का अपना तरीका होता है, इसलिए मसालों की मात्रा अपनी पसंद से तय करें।
ओवन या एयर फ्रायर में भूनना
अगर सीधी आंच पर भूनना संभव न हो, तो बैंगन को ओवन या एयर फ्रायर में भी भून सकते हैं। इसमें धुएं वाला स्वाद कम आता है, लेकिन बैंगन नरम हो जाता है।
बैंगन भरता को और किन नामों से जाना जाता है
बैगन चोखा, भांटा के चोखा, रींगण नो ओळो और वांग्याचे भरीत।
बैंगन को कैसे भूना जाता है
गैस की सीधी आंच, कोयले या तंदूर पर, छिलका काला होने तक।
गुजरात में बैंगन भरता किसके साथ खाते हैं
बाजरे के रोटले, कढ़ी, खिचड़ी और छाछ के साथ।
भरते में धुएं वाला स्वाद कैसे आता है
बैंगन को सीधी आंच या कोयले पर भूनने से।





