हर साल 31 अक्टूबर को दुनिया भर में विश्व शहर दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद शहरीकरण से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर ध्यान दिलाना और देशों को टिकाऊ, सुरक्षित और सबके लिए रहने लायक शहर बनाने के लिए साथ लाना है। आज दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी शहरों में रहती है और यह हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है। भारत के लिए भी यह दिन खास है, क्योंकि यहां के शहर तेजी से फैल रहे हैं। इस लेख में जानिए इस दिवस का इतिहास, महत्व और भारत की स्थिति।
कैसे शुरू हुआ
2010 में चीन के शंघाई शहर में वर्ल्ड एक्सपो हुआ, जिसकी थीम थी बेहतर शहर, बेहतर जीवन। यह एक्सपो 31 अक्टूबर 2010 को खत्म हुआ। इसी की याद में और शहरीकरण पर लगातार चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2013 में प्रस्ताव 68/239 पारित कर 31 अक्टूबर को विश्व शहर दिवस घोषित किया। पहला विश्व शहर दिवस 2014 में मनाया गया। इसका समन्वय संयुक्त राष्ट्र की संस्था UN-Habitat करती है।

हर साल नई थीम
विश्व शहर दिवस की एक सामान्य थीम है बेहतर शहर, बेहतर जीवन। इसके साथ ही हर साल एक अलग उप थीम तय की जाती है, जो शहरों से जुड़े किसी खास मुद्दे पर केंद्रित होती है। पिछले सालों में जलवायु परिवर्तन, युवा, स्थानीय वित्त, समावेश और शहरों को लचीला बनाने जैसे विषय चुने गए हैं। हर साल मुख्य कार्यक्रम किसी एक मेजबान शहर में होता है।
दुनिया में शहरीकरण
संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग के अनुमान के अनुसार 2050 तक दुनिया की लगभग 68 प्रतिशत आबादी शहरों में रहेगी। सबसे तेज शहरीकरण एशिया और अफ्रीका में हो रहा है। शहर दुनिया की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पैदा करते हैं, लेकिन ऊर्जा की खपत और कार्बन उत्सर्जन में भी उनका बड़ा योगदान है। झुग्गी बस्तियां, ट्रैफिक, प्रदूषण, पानी की कमी और महंगे मकान दुनिया भर के शहरों की आम समस्याएं हैं।
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सतत विकास लक्ष्य 11
संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों में लक्ष्य 11 पूरी तरह शहरों के लिए है। इसका उद्देश्य शहरों और मानव बस्तियों को समावेशी, सुरक्षित, लचीला और टिकाऊ बनाना है। इसमें सबके लिए सस्ता आवास, सुरक्षित परिवहन, हरित सार्वजनिक स्थान और आपदा से बचाव जैसी बातें शामिल हैं। 2016 में इक्वाडोर के क्विटो में हुए हैबिटेट III सम्मेलन में न्यू अर्बन एजेंडा भी अपनाया गया।
भारत की स्थिति
2011 की जनगणना के अनुसार भारत की करीब 31.1 प्रतिशत आबादी शहरी इलाकों में रहती थी। तब से यह हिस्सा और बढ़ा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े महानगरों के अलावा छोटे शहर भी तेजी से फैल रहे हैं। बाढ़, जलभराव, वायु प्रदूषण, कचरा प्रबंधन और ट्रैफिक भारत के शहरों की बड़ी चुनौतियां हैं।
सरकार की पहल
भारत सरकार ने शहरों को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। 2015 में स्मार्ट सिटी मिशन शुरू हुआ, जिसमें 100 शहरों को चुना गया। इसी साल अमृत यानी अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन शुरू हुआ, जो पानी की आपूर्ति, सीवरेज और हरित क्षेत्रों पर काम करता है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत शहरी गरीबों के लिए पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन शहरी कचरा प्रबंधन और शौचालयों पर केंद्रित है।
नागरिक क्या कर सकते हैं
बेहतर शहर सिर्फ सरकार नहीं बना सकती। सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल, कचरे को अलग अलग करना, पानी बचाना, पेड़ लगाना और सार्वजनिक जगहों को साफ रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। स्थानीय निकाय चुनावों में हिस्सा लेना और वार्ड स्तर पर समस्याएं उठाना भी शहरों को बेहतर बनाने में मदद करता है।
शहरों से जुड़ी बड़ी चुनौतियां
आवास
दुनिया भर में बड़ी आबादी झुग्गी बस्तियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहती है। UN-Habitat के अनुसार सस्ते और सुरक्षित मकान की कमी शहरों की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है।
जलवायु परिवर्तन
शहरों में गर्मी का असर गांवों से ज्यादा होता है, जिसे अर्बन हीट आइलैंड कहते हैं। कंक्रीट, कम पेड़ और गाड़ियों की गर्मी तापमान बढ़ाती है। तटीय शहरों पर समुद्र का बढ़ता स्तर भी खतरा है।
परिवहन
निजी गाड़ियों की बढ़ती संख्या से जाम और प्रदूषण बढ़ता है। मेट्रो, बस और साइकिल ट्रैक जैसे सार्वजनिक साधन इसका बेहतर हल माने जाते हैं। भारत में कई शहरों में मेट्रो नेटवर्क तेजी से बढ़ा है।
पानी
कई बड़े शहर गर्मी में पानी की कमी से जूझते हैं। बारिश के पानी का संचय, झीलों का संरक्षण और पानी के दोबारा उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।
आगे का रास्ता
विशेषज्ञ मानते हैं कि शहरों की योजना बनाते समय गरीबों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की जरूरतों को केंद्र में रखना चाहिए। स्थानीय निकायों को अधिक वित्तीय ताकत देना भी जरूरी है।
विश्व शहर दिवस कब मनाया जाता है
हर साल 31 अक्टूबर को।
इसे कब घोषित किया गया
दिसंबर 2013 में UNGA प्रस्ताव 68/239 से, पहली बार 2014 में मनाया गया।
इसकी सामान्य थीम क्या है
बेहतर शहर, बेहतर जीवन।
भारत में कितनी शहरी आबादी है
2011 की जनगणना में लगभग 31.1 प्रतिशत।
स्रोत: United Nations: World Cities Day, UN-Habitat, UN DESA: World Urbanization Prospects, Smart Cities Mission





