कल 1 नवंबर 2026 को दिल्ली में मौसम का हाल ‘साफ आसमान’ रहने का अनुमान है, अधिकतम तापमान 28°C और न्यूनतम 19°C के आसपास रह सकता है। लखनऊ में अधिकतम 28°C और न्यूनतम 22°C का अनुमान है।
कल मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, रांची, हैदराबाद में बारिश की संभावना 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा है। बड़े शहरों में सबसे ज्यादा तापमान मुंबई (34°C) और सबसे कम न्यूनतम तापमान देहरादून (16°C) में रहने का अनुमान है।

कल का मौसम: शहरवार पूर्वानुमान (1 नवंबर 2026)
| शहर | मौसम | अधिकतम | न्यूनतम | बारिश की संभावना |
|---|---|---|---|---|
| दिल्ली | साफ आसमान | 28°C | 19°C | 0% |
| लखनऊ | हल्की बूंदाबांदी | 28°C | 22°C | 29% |
| पटना | कोहरा | 29°C | 22°C | 7% |
| मुंबई | बूंदाबांदी | 34°C | 26°C | 63% |
| कोलकाता | बूंदाबांदी | 30°C | 25°C | 51% |
| चेन्नई | हल्की बूंदाबांदी | 30°C | 25°C | 55% |
| बेंगलुरु | हल्की बूंदाबांदी | 30°C | 21°C | 47% |
| जयपुर | बादल छाए | 29°C | 18°C | 0% |
| भोपाल | आंशिक बादल | 29°C | 19°C | 6% |
| वाराणसी | हल्की बूंदाबांदी | 28°C | 21°C | 2% |
| प्रयागराज | कोहरा | 28°C | 21°C | 22% |
| कानपुर | हल्की बूंदाबांदी | 28°C | 21°C | 43% |
| गोरखपुर | हल्की बूंदाबांदी | 29°C | 21°C | 14% |
| आगरा | बादल छाए | 29°C | 20°C | 2% |
| रांची | हल्की बूंदाबांदी | 27°C | 20°C | 69% |
| देहरादून | ज्यादातर साफ | 26°C | 16°C | 2% |
| चंडीगढ़ | साफ आसमान | 27°C | 18°C | 0% |
| हैदराबाद | बूंदाबांदी | 30°C | 22°C | 71% |
शहरों के तापमान और बारिश की संभावना का विश्लेषण
शहरों के बीच मौसम की स्थिति में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। अगर हम तापमान की तुलना करें तो मुंबई सबसे गर्म शहर के रूप में उभर रहा है जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसके विपरीत पहाड़ी क्षेत्र के करीब होने के कारण देहरादून में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है जो इसे सबसे ठंडा स्थान बनाता है। मैदानी इलाकों की बात करें तो दिल्ली और जयपुर में बारिश की संभावना 0 प्रतिशत है जिसका मतलब है कि वहां का आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। दूसरी तरफ दक्षिण और पूर्वी भारत के शहरों जैसे हैदराबाद और रांची में बारिश की संभावना क्रमशः 71 प्रतिशत और 69 प्रतिशत है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि एक ही दिन में देश के अलग अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह भिन्न हो सकता है।
जहां कुछ शहरों में लोग गर्मी महसूस करेंगे वहीं कुछ जगहों पर हल्की ठंड और बारिश का सामना करना पड़ सकता है। पटना और प्रयागराज जैसे शहरों में कोहरा छाए रहने की बात कही गई है जिससे सुबह के समय दृश्यता कम हो सकती है। कानपुर और लखनऊ में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी जिससे धूप का प्रभाव कम रहेगा। वाराणसी और गोरखपुर जैसे शहरों में भी हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। यह विविधता दर्शाती है कि नवंबर की शुरुआत में ही देश के अलग अलग भौगोलिक क्षेत्रों में मौसम की अलग परतें देखने को मिल रही हैं। अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री के बीच रहने वाले शहरों में मौसम सुहावना बना रहेगा।
बारिश के प्रतिशत और मौसम विभाग के रंगों का महत्व
जब हम मौसम के पूर्वानुमान में बारिश की संभावना को प्रतिशत में देखते हैं तो इसका एक विशेष अर्थ होता है। उदाहरण के लिए अगर हैदराबाद में बारिश की संभावना 71 प्रतिशत बताई गई है तो इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे दिन बारिश होगी। इसका अर्थ यह है कि उस क्षेत्र के किसी भी हिस्से में बारिश होने के आसार काफी अधिक हैं। आमतौर पर 50 प्रतिशत से अधिक की संभावना को काफी गंभीर माना जाता है और लोगों को इसके लिए तैयार रहना चाहिए। मुंबई में 63 प्रतिशत और चेन्नई में 55 प्रतिशत की संभावना भी इसी ओर इशारा करती है कि वहां के निवासियों को भीगने से बचने के इंतजाम करने चाहिए।
इसी तरह मौसम विभाग अलग अलग रंगों के जरिए चेतावनी जारी करता है। हरा रंग यह बताता है कि सब कुछ सामान्य है और कोई विशेष चिंता की बात नहीं है। पीला रंग लोगों को सचेत रहने के लिए कहता है क्योंकि मौसम में बदलाव की आहट होती है। नारंगी रंग का मतलब है कि मौसम खराब हो सकता है और आपको अपनी यात्रा या काम की योजना सावधानी से बनानी चाहिए। लाल रंग सबसे गंभीर चेतावनी होती है जिसका मतलब है कि मौसम खतरनाक हो सकता है और आपको तुरंत सुरक्षा के उपाय करने चाहिए। इन रंगों के माध्यम से आम नागरिक आसानी से समझ सकते हैं कि उन्हें कितनी सतर्कता बरतने की जरूरत है। यह रंग कोडिंग व्यवस्था लोगों को बिना किसी तकनीकी उलझन के मौसम की गंभीरता समझाने में मदद करती है।
मौसम के अनुसार जरूरी सावधानियां और जानकारी के स्रोत
बदलते मौसम को देखते हुए कुछ सामान्य सावधानियां बरतना बहुत जरूरी है। जिन शहरों में बारिश की संभावना 50 प्रतिशत से ज्यादा है जैसे मुंबई या चेन्नई वहां घर से निकलते समय रेनकोट या छाता साथ रखना समझदारी होगी। जिन इलाकों में न्यूनतम तापमान 16 या 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास है वहां रात और सुबह के समय हल्की ठंड महसूस हो सकती है इसलिए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कोहरे वाले क्षेत्रों जैसे पटना में वाहन चलाते समय हेडलाइट का प्रयोग करना चाहिए और गति धीमी रखनी चाहिए। साफ आसमान वाले शहरों में दोपहर की धूप से बचने के लिए पानी का पर्याप्त सेवन करना चाहिए ताकि शरीर में नमी बनी रहे।
मौसम की सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा भारत मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट का सहारा लेना चाहिए। वहां पर हर शहर के लिए पल पल के अपडेट उपलब्ध होते हैं। मोबाइल ऐप और रेडियो के माध्यम से भी मौसम की चेतावनी सुनी जा सकती है। स्थानीय समाचारों पर नजर रखना भी एक अच्छा तरीका है जिससे आप अचानक होने वाले बदलावों के प्रति जागरूक रह सकते हैं। सही जानकारी ही आपको मौसम की अनिश्चितताओं से सुरक्षित रख सकती है। चूंकि यह पूर्वानुमान मॉडल पर आधारित है इसलिए इसमें बदलाव की गुंजाइश हमेशा रहती है। अतः घर से निकलने से पहले एक बार ताजा अपडेट जरूर देख लेना चाहिए ताकि आपकी दिनचर्या में कोई बाधा न आए और आप सुरक्षित रहें।
यह पूर्वानुमान मौसम मॉडल पर आधारित है और इसमें बदलाव हो सकता है। चेतावनी और अलर्ट के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की वेबसाइट mausam.imd.gov.in देखें।
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