Telangana DSP Raid: तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो ने गुरुवार को सस्पेंड पुलिस डीएसपी भीम रेड्डी से जुड़े संदिग्ध बेनामीदारों के ठिकानों पर तलाशी ली। हैदराबाद और ज़हीराबाद की 10 जगहों पर कार्रवाई हुई। बोम्मा वेंकटेश के घर से 1.35 करोड़ रुपये नकद, विदेशी मुद्रा और करीब 14 लीटर विदेशी शराब बरामद बताई गई।
एसीबी के अनुसार ये आठ संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़ी जगहें हैं। तलाशी में संदिग्ध बेनामी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी मिले। शराब जब्ती की सूचना आगे की कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग को दे दी गई। जांच जारी है।
यह छापा जुलाई वाली कार्रवाई की कड़ी है। दो जुलाई को ब्यूरो ने 16 जगहों पर तलाशी ली थी और कथित तौर पर 300 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति का पता लगाने का दावा किया था। उस सूची में लग्जरी विला, फ्लैट, 50 एकड़ से अधिक जमीन, सोना और नकद शामिल बताए गए। भीम रेड्डी तेलंगाना पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज में तैनात थे। उन्हें छह जुलाई को इब्राहिमबाग स्थित वेस्सेला मीडोज के आवास से गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। प्रवर्तन निदेशालय ने लेन देन की जांच शुरू की है।
Telangana DSP Raid: गुरुवार की तलाशी में क्या बरामद हुआ?
एसीबी ने डीएसपी भीम रेड्डी के आठ संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़ी 10 जगहों पर छापा मारा। स्थान हैदराबाद और ज़हीराबाद में बताए गए। सबसे स्पष्ट नकदी वाला आंकड़ा बोम्मा वेंकटेश के घर से जुड़ा है। वहां 1.35 करोड़ रुपये नकद मिले। साथ में विदेशी मुद्रा और लगभग 14 लीटर विदेशी शराब भी बरामद की गई।
दस्तावेजों का जिक्र इसलिए जरूरी है कि नकदी अकेली कहानी नहीं बनती। बेनामी संपत्ति के आरोप में कागजात मालिकाना हक, खरीद और कब्जे की कड़ी जोड़ते हैं। एजेंसी इन्हें संदिग्ध बता रही है। अदालत में साबित होना बाकी है। शराब आबकारी के दायरे में जाती है, इसलिए अलग विभाग को सूचना दी गई। पूरे माल की अंतिम कीमत इस अपडेट में नहीं जोड़ी गई। जुड़ा आंकड़ा 1.35 करोड़ नकद और शराब की मात्रा तक सीमित है।
दस ठिकानों में से बाकी जगहों की अलग अलग बरामदगी सूची स्रोत में नहीं दी गई। इसलिए हर घर से इतनी ही नकदी निकली, यह निष्कर्ष गलत होगा। सार्वजनिक जानकारी इतनी है कि एक नामित घर से बड़ी नकदी मिली और कई जगहों से दस्तावेज मिले।
जुलाई में 300 करोड़ वाले दावे का क्या मतलब है?
दो जुलाई की 16 जगहों वाली तलाशी में एसीबी ने कथित तौर पर 300 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति का पता लगाने की बात कही। लग्जरी विला, फ्लैट, पचास एकड़ से अधिक जमीन, सोना और नकद उस दावे का हिस्सा हैं। यह एजेंसी का आकलन है। हर संपत्ति का बाजार मूल्य अलग अलग साबित होना बाकी रह सकता है।
उसी महीने करोड़ों की बेनामी संपत्ति मिलने के आरोप के बाद भीम रेड्डी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हुआ। ईडी ने लेन देन जांच शुरू की। एजेंसी देख रही है कि संपत्तियों के असल मालिक कौन हैं और खरीद के लिए धन कहां से आया। यह दोहरी परत है। एसीबी आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार वाले कोण पर काम करती दिखती है। ईडी धन के स्रोत और परत दर परत हस्तांतरण पर।
गिरफ्तारी छह जुलाई को वेस्सेला मीडोज, इब्राहिमबाग आवास से हुई। तैनाती तेलंगाना पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज में बताई गई। गिरफ्तारी के बाद तेलंगाना और कर्नाटक में डीएसपी तथा रिश्तेदारों से जुड़े 16 स्थानों पर तलाशी में करोड़ों की संपत्ति जब्त होने का उल्लेख है। जुलाई की 16 जगहें और गुरुवार की 10 जगहें अलग किस्तें हैं। दूसरी किस्त संदिग्ध बेनामीदारों पर केंद्रित बताई गई।
Telangana DSP Raid: बेनामीदार किसे कहा जा रहा है?
एसीबी के अनुसार तलाशी उन लोगों की जगहों पर हुई जिन्हें संदिग्ध बेनामीदार कहा गया। कानून की भाषा में बेनामी का आरोप यह होता है कि संपत्ति किसी और के नाम पर हो, लाभ किसी और को मिले। यहां आरोप डीएसपी भीम रेड्डी से जुड़ाव का है। नामित व्यक्ति बोम्मा वेंकटेश के घर से नकदी निकली। बाकी सात संदिग्धों के नाम इस रिपोर्ट में नहीं हैं।
दस्तावेज इसी कड़ी को जोड़ने के लिए अहम बताए गए। बिना कागजात के नकदी अकेली रह जाती है। कागजात से फ्लैट, जमीन या विला का ट्रेल निकल सकता है। जुलाई वाले आकलन में विला और पचास एकड़ जमीन पहले से सूची में हैं। गुरुवार वाली कार्रवाई उसी ट्रेल को और ठिकानों तक ले जाने का प्रयास लगती है, ऐसा एजेंसी के ब्योरे से समझा जा सकता है। अंतिम मालिकाना हक अदालत तय करेगी।
डीएसपी पहले से सस्पेंड बताए गए हैं। नौकरी से बर्खास्तगी का नया आदेश इस अपडेट में नहीं है। छापेमारी, आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले चल रहे हैं। आरोप गंभीर हैं, दोष सिद्ध होना अलग चरण है।
ईडी की जांच में क्या देखा जा रहा है?
प्रवर्तन निदेशालय संपत्ति के रियल मालिक और खरीद के धन के स्रोत पर काम कर रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग केस जुलाई में एसीबी कार्रवाई के बाद दर्ज हुआ। ईडी का कोण यह देखना है कि नकदी और अचल संपत्ति साफ आय से आई या नहीं। विदेशी मुद्रा की बरामदगी भी लेन देन वाले सवाल खड़े करती है, लेकिन स्रोत में उसका मूल्य अलग से नहीं दिया गया।
तेलंगाना के साथ कर्नाटक के ठिकानों का जुलाई वाला जिक्र बताता है कि परिवार या रिश्तेदारों का दायरा एक राज्य तक सीमित नहीं माना गया। गुरुवार की सूची हैदराबाद और ज़हीराबाद तक बताई गई। दोनों राज्यों वाली पुरानी तलाशी और नए दस पते एक ही आरोपी अधिकारी से जुड़ते हैं।
आबकारी विभाग को शराब की सूचना देना सामान्य प्रक्रिया है। 14 लीटर विदेशी शराब अलग अपराध की धाराओं में जा सकती है। भ्रष्टाचार वाले मुख्य मामले से यह सहायक बरामदगी है। जांच जारी रहने का मतलब है कि और नाम, और पते या और कागजात आ सकते हैं। इस समय की सार्वजनिक तस्वीर नकदी, मुद्रा, शराब, दस्तावेज और जुलाई के 300 करोड़ वाले आरोपित आकलन तक है।
Telangana DSP Raid: इस मामले को कैसे पढ़ें?
सस्पेंड डीएसपी भीम रेड्डी जुलाई से एसीबी और फिर ईडी की नजर में हैं। छह जुलाई की गिरफ्तारी के बाद संपत्ति का दायरा तेलंगाना कर्नाटक तक बताया गया। गुरुवार को संदिग्ध बेनामीदारों के दस पतों पर नई तलाशी हुई। बोम्मा वेंकटेश के घर से 1.35 करोड़ नकद निकला। विदेशी मुद्रा और 14 लीटर शराब भी मिली।
300 करोड़ का आंकड़ा दो जुलाई वाली 16 जगहों के आकलन से जुड़ा है, गुरुवार की बरामदगी का नया जोड़ नहीं। दोनों आंकड़ों को मिलाकर एक ही दिन की लूट न समझा जाए। एक आंकड़ा पुराना एजेंसी आकलन है, दूसरा नए छापे की नकदी है।
पाठक के लिए साफ बात यह है कि आरोप बेनामी संपत्ति, बेहिसाब दौलत और मनी लॉन्ड्रिंग के हैं। दस्तावेज और नकदी उसी आरोप को आगे बढ़ाने वाले सबूत बताए जा रहे हैं। अदालत में ये सबूत कितने टिकते हैं, यह अगला पड़ाव है। जांच जारी है, नई सूची आ सकती है। फिलहाल नामित बरामदगी और जुलाई से चला आ रहा मामला सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा है।
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