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घर पर मुलायम इडली कैसे बनाएं: चावल और उड़द दाल का सही अनुपात, खमीर उठाने का तरीका और जरूरी टिप्स

फूली और मुलायम इडली का राज सही अनुपात और खमीर में छिपा है। जानिए आसान तरीका।

प्लेट में रखी सफेद इडली और नारियल चटनी का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • इडली दक्षिण भारत का पारंपरिक नाश्ता है, जो आज पूरे देश में पसंद किया जाता है।
  • चावल और उड़द दाल को अलग अलग अच्छी तरह धो लें। चावल को एक बर्तन में और उड़द दाल को मेथी दाने के साथ दूसरे बर्तन में पानी में भिगो दें।
  • इडली को आम तौर पर नारियल की चटनी और सांबर के साथ परोसा जाता है।
  • इडली को भाप में पकाया जाता है, इसलिए इसे बनाने में न तलना पड़ता है और न ज्यादा मसाले लगते हैं।

इडली दक्षिण भारत का पारंपरिक नाश्ता है, जो आज पूरे देश में पसंद किया जाता है। यह भाप में पकती है, इसलिए इसमें तेल बहुत कम लगता है। चावल और उड़द दाल के घोल को खमीर उठाकर बनाई जाने वाली इडली हल्की और पचने में आसान मानी जाती है। लेकिन घर पर कई लोगों की इडली सख्त या चपटी बन जाती है। इस लेख में जानिए मुलायम इडली बनाने का आसान तरीका।

सामग्री

  • इडली चावल या उबला चावल: 3 कप
  • साबुत सफेद उड़द दाल: 1 कप
  • मेथी दाना: आधा छोटा चम्मच
  • नमक: स्वाद अनुसार
  • पानी: जरूरत अनुसार
  • सांचे में लगाने के लिए थोड़ा तेल
मुख्य बातें: प्लेट में रखी सफेद इडली और नारियल चटनी का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

चावल और दाल का अनुपात

घरों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला अनुपात 3 हिस्सा चावल और 1 हिस्सा उड़द दाल है। कुछ लोग 2 हिस्सा चावल और 1 हिस्सा दाल भी लेते हैं, जिससे इडली और नरम बनती है। अपने स्वाद और दाल की गुणवत्ता के हिसाब से अनुपात थोड़ा बदला जा सकता है।

भिगोने का तरीका

चावल और उड़द दाल को अलग अलग अच्छी तरह धो लें। चावल को एक बर्तन में और उड़द दाल को मेथी दाने के साथ दूसरे बर्तन में पानी में भिगो दें। दोनों को 5 से 6 घंटे भीगने दें। मेथी दाना खमीर उठाने में मदद करता है और इडली को मुलायम बनाता है।

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घोल पीसने का तरीका

  1. सबसे पहले उड़द दाल को थोड़ा थोड़ा ठंडा पानी डालकर पीसें।
  2. दाल का घोल हल्का, फूला हुआ और चिकना होना चाहिए।
  3. अब चावल को अलग से पीसें। चावल का घोल थोड़ा दरदरा रखें।
  4. दोनों घोल को एक बड़े बर्तन में मिला लें और नमक डालें।
  5. हाथ से अच्छी तरह मिलाएं, इससे खमीर उठाने में मदद मिलती है।

घोल न बहुत पतला हो और न बहुत गाढ़ा। यह चम्मच से धीरे धीरे गिरने लायक होना चाहिए।

खमीर उठाना

घोल वाले बर्तन को ढककर किसी गर्म जगह पर 8 से 12 घंटे के लिए रख दें। गर्मी के मौसम में खमीर जल्दी उठता है, जबकि सर्दी में ज्यादा समय लग सकता है। सर्दियों में बर्तन को बंद ओवन में या किसी गर्म कोने में रखना मददगार होता है। बर्तन बड़ा लें, क्योंकि खमीर उठने पर घोल लगभग दोगुना हो जाता है। सही खमीर वाला घोल फूला हुआ और हल्की खटास वाली खुशबू वाला होता है।

भाप में पकाना

  1. इडली स्टीमर या कुकर में दो कप पानी डालकर गर्म करें।
  2. इडली के सांचों पर हल्का तेल लगाएं।
  3. घोल को ज्यादा न चलाएं, ऊपर से धीरे से लेकर सांचों में भरें।
  4. स्टीमर में रखकर ढक दें और 10 से 12 मिनट तेज भाप में पकाएं। कुकर में पका रहे हों तो सीटी हटा दें।
  5. इडली में चाकू डालकर देखें। चाकू साफ निकले तो इडली तैयार है।
  6. दो से तीन मिनट ठंडा होने दें, फिर चम्मच की मदद से निकालें।

मुलायम इडली के टिप्स

  • उड़द दाल अच्छी तरह फूली हुई पिसी हो, यही इडली की नरमी का सबसे बड़ा राज है।
  • पीसते समय ठंडे पानी का इस्तेमाल करें, ताकि ग्राइंडर ज्यादा गर्म न हो।
  • खमीर उठने के बाद घोल को जोर से न फेंटें, वरना हवा निकल जाती है।
  • इडली को जरूरत से ज्यादा देर न पकाएं, वरना वह सख्त हो सकती है।

किसके साथ परोसें

इडली को आम तौर पर नारियल की चटनी और सांबर के साथ परोसा जाता है। टमाटर की चटनी, मूंगफली की चटनी या इडली पोडी यानी सूखा मसाला भी अच्छा विकल्प है।

बचे हुए घोल का क्या करें

बचे हुए घोल को फ्रिज में दो से तीन दिन तक रखा जा सकता है। इससे अगले दिन डोसा या उत्तपम भी बनाया जा सकता है। बची हुई इडली को टुकड़ों में काटकर राई, करी पत्ता और प्याज के साथ छौंककर फ्राई इडली भी बनाई जा सकती है।

इडली इतनी लोकप्रिय क्यों

इडली को भाप में पकाया जाता है, इसलिए इसे बनाने में न तलना पड़ता है और न ज्यादा मसाले लगते हैं। इसका स्वाद हल्का होता है, जिससे यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबको पसंद आती है। सुबह के नाश्ते से लेकर टिफिन तक, इडली हर जगह आसानी से फिट हो जाती है। दक्षिण भारत के घरों में यह रोज के खाने का हिस्सा है, जबकि उत्तर भारत में भी अब यह आम नाश्ता बन गई है।

इडली के लोकप्रिय रूप

  • रवा इडली: सूजी और दही से बनती है, खमीर की जरूरत नहीं
  • मिनी इडली: छोटे सांचों में बनती है, सांबर में डुबोकर परोसी जाती है
  • कांचीपुरम इडली: काली मिर्च, जीरा और अदरक वाली मसालेदार इडली
  • सब्जी इडली: घोल में गाजर, मटर और धनिया मिलाकर

घोल पीसने में मिक्सर या ग्राइंडर

पारंपरिक रूप से इडली का घोल पत्थर के ग्राइंडर में पीसा जाता है, जिससे दाल ज्यादा फूलती है। घर में मिक्सर से भी अच्छी इडली बनती है, बस दाल को छोटे हिस्सों में पीसें और बीच बीच में मिक्सर को ठंडा होने दें। गीला ग्राइंडर हो तो उड़द दाल लगभग आधे घंटे में अच्छी तरह फूल जाती है।

इडली के लिए चावल और दाल का अनुपात क्या है

आम तौर पर 3 हिस्सा चावल और 1 हिस्सा उड़द दाल।

इडली का घोल कितनी देर में खमीर उठाता है

मौसम के अनुसार 8 से 12 घंटे।

इडली कितनी देर भाप में पकती है

लगभग 10 से 12 मिनट।

इडली सख्त क्यों बनती है

दाल ठीक से न फूलने, खमीर कम उठने या ज्यादा देर पकाने से।

स्रोत: Wikipedia: Idli, Wikipedia: Vigna mungo (urad)

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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