ताज़ा खबर
Polo Rules Explained: Chukkas, Handicaps, Line of the Ball and India’s Polo History जनजातीय गौरव दिवस 15 नवंबर: धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती पर क्यों मनाया जाता है, 2021 में कैसे हुई शुरुआत टॉप 50 हेडलाइंस 5 नवंबर 2026 (सुबह): देश, प्रदेश और दुनिया की बड़ी खबरें एक नज़र में Driving Licence Renewal Online: Validity Rules, Documents, Fees and Steps on Parivahan पेट्रोल डीजल के दाम 5 नवंबर 2026: दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12, लखनऊ, पटना समेत बड़े शहरों के ताज़ा रेट गीता जयंती 2026: 20 दिसंबर को मोक्षदा एकादशी के दिन मनेगी, जानिए तिथि, महत्व और घर पर गीता पाठ की विधि आज का राशिफल और पंचांग 5 नवंबर 2026: गुरुवार, कृष्ण पक्ष एकादशी, जानें 12 राशियों का हाल दूरदर्शन का इतिहास: 1959 में दिल्ली से प्रयोग के तौर पर शुरुआत, 1982 में रंगीन हुआ टीवी, ऐसे बदला भारत का प्रसारण
ट्रेंडिंग
टेक्नोलॉजी

सिम स्वैप फ्रॉड क्या है: अचानक नेटवर्क गायब हो तो सावधान, ठगी कैसे होती है और बचाव के तरीके

सिम स्वैप या सिम क्लोनिंग फ्रॉड का तरीका, फोन में अचानक नेटवर्क जाने का संकेत, निजी जानकारी कैसे बचाएं, बैंक और मोबाइल कंपनी को कब सूचना दें और शिकायत कहां करें।

सिम स्वैप फ्रॉड के संकेत और बचाव बताने वाला ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • बैंक खाते, UPI और कई ऑनलाइन सेवाओं में लॉगिन या भुगतान के लिए OTP आपके मोबाइल नंबर पर आता है।
  • आम तौर पर ठग पहले आपकी निजी जानकारी जुटाते हैं, जैसे नाम, जन्मतिथि, पता और कई बार पहचान पत्र की कॉपी।
  • अगर बिना वजह लंबे समय तक नेटवर्क न आए, तो किसी दूसरे फोन से तुरंत अपनी मोबाइल कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र को फोन करें और पूछें कि क्या आपके नंबर पर सिम बदलने का अनुरोध हुआ है।
  • ई-सिम में भी ठग मोबाइल कंपनी को गुमराह करके नया प्रोफाइल चालू करवाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए सावधानी वही रखें।

बैंक खाते, UPI और कई ऑनलाइन सेवाओं में लॉगिन या भुगतान के लिए OTP आपके मोबाइल नंबर पर आता है। इसीलिए ठगों के लिए आपका मोबाइल नंबर बहुत कीमती है। सिम स्वैप फ्रॉड में ठग आपके ही नंबर का नया सिम अपने नाम पर चालू करवा लेते हैं और फिर आपके OTP उनके पास जाने लगते हैं। जानिए सिम स्वैप फ्रॉड क्या है और इससे कैसे बचें।

सिम स्वैप फ्रॉड कैसे होता है

आम तौर पर ठग पहले आपकी निजी जानकारी जुटाते हैं, जैसे नाम, जन्मतिथि, पता और कई बार पहचान पत्र की कॉपी। यह जानकारी फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया या कहीं जमा की गई फोटोकॉपी से मिल सकती है। फिर वे खुद को आप बताकर मोबाइल कंपनी से सिम खोने या खराब होने के नाम पर डुप्लीकेट सिम मांगते हैं। कई मामलों में ठग खुद मोबाइल कंपनी का कर्मचारी बनकर फोन करते हैं और “सिम को 5G में अपग्रेड” करने के नाम पर आपसे कोई कोड या SMS भेजने को कहते हैं। नया सिम चालू होते ही आपका सिम बंद हो जाता है और बैंक के OTP ठग के पास पहुंचने लगते हैं।

मुख्य बातें: सिम स्वैप फ्रॉड के संकेत और बचाव बताने वाला ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सिम स्वैप के संकेत

  • बिना किसी वजह अचानक फोन में नेटवर्क चला जाना और लंबे समय तक न लौटना
  • “सिम बदलने का अनुरोध” या “नया सिम चालू” जैसा अनजान SMS आना
  • बैंक से लेनदेन या पासवर्ड बदलने की सूचना, जो आपने नहीं किया
  • दोस्तों से पता चलना कि आपके नंबर पर कॉल नहीं लग रहा

बचाव के उपाय

  • मोबाइल कंपनी के नाम पर आए कॉल पर कोई कोड, OTP या SMS आगे न भेजें, सिम अपग्रेड के लिए खुद आधिकारिक स्टोर या ऐप का इस्तेमाल करें
  • आधार, PAN और जन्मतिथि जैसी जानकारी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक न करें
  • पहचान पत्र की फोटोकॉपी देते समय उस पर तारीख और मकसद लिखें
  • बैंक में SMS के साथ ईमेल अलर्ट भी चालू रखें, ताकि नंबर बंद होने पर भी सूचना मिले
  • जहां संभव हो, केवल SMS OTP के बजाय ऐप आधारित सुरक्षा और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें
  • सिम पर PIN लॉक लगाएं, ताकि फोन खोने पर कोई आपका सिम दूसरे फोन में इस्तेमाल न कर सके

यह भी पढ़ें: खोया मोबाइल ब्लॉक कैसे करें: संचार साथी पोर्टल पर CEIR से IMEI ब्लॉक और फोन मिलने पर अनब्लॉक | फिशिंग क्या है: नकली ईमेल, SMS और लिंक कैसे पहचानें, क्लिक कर दिया हो तो तुरंत क्या करें

शक हो तो तुरंत क्या करें

अगर बिना वजह लंबे समय तक नेटवर्क न आए, तो किसी दूसरे फोन से तुरंत अपनी मोबाइल कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र को फोन करें और पूछें कि क्या आपके नंबर पर सिम बदलने का अनुरोध हुआ है। अपने बैंक को सूचना देकर जरूरत हो तो नेट बैंकिंग, UPI और कार्ड पर अस्थायी रोक लगवाएं। पैसे कटे हों, तो 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल पर आप यह भी देख सकते हैं कि आपके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ई-सिम में सिम स्वैप का खतरा नहीं है?

ई-सिम में भी ठग मोबाइल कंपनी को गुमराह करके नया प्रोफाइल चालू करवाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए सावधानी वही रखें।

स्रोत: संचार साथी, दूरसंचार विभाग, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X