अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में देश भर के सरकारी दफ्तरों, सार्वजनिक उपक्रमों और बैंकों में एक खास अभियान दिखाई देता है। कर्मचारी ईमानदारी की शपथ लेते हैं, स्कूल कॉलेजों में निबंध और वाद विवाद होते हैं और दफ्तरों के बाहर भ्रष्टाचार की शिकायत के तरीके लिखे पोस्टर लगाए जाते हैं। इसे सतर्कता जागरूकता सप्ताह कहा जाता है। केंद्रीय सतर्कता आयोग यानी CVC इसका आयोजन करता है। यह सप्ताह हर साल उस हफ्ते में मनाया जाता है जिसमें 31 अक्टूबर पड़ता है, यानी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती। इस लेख में जानिए इस सप्ताह का मकसद, CVC की भूमिका और आम नागरिक भ्रष्टाचार की शिकायत कैसे कर सकते हैं।
सरदार पटेल की जयंती से क्यों जुड़ा है
सरदार पटेल को देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने वाले नेताओं में गिना जाता है। आजादी के बाद रियासतों के एकीकरण और अखिल भारतीय सेवाओं की नींव में उनकी बड़ी भूमिका रही। ईमानदार और जवाबदेह प्रशासन का विचार उनके काम से जुड़ा माना जाता है। इसी कारण CVC ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह को उनकी जयंती वाले हफ्ते से जोड़ा है। हर साल आयोग इस सप्ताह के लिए एक विषय तय करता है और उसी के आसपास कार्यक्रम होते हैं।

केंद्रीय सतर्कता आयोग क्या है
केंद्रीय सतर्कता आयोग का गठन फरवरी 1964 में भारत सरकार के एक प्रस्ताव से हुआ था। यह कदम भ्रष्टाचार रोकने पर बनी संथानम समिति की सिफारिश के बाद उठाया गया था। बाद में संसद ने केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम 2003 पारित किया, जिससे आयोग को वैधानिक दर्जा मिला। आयोग में एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और अधिकतम दो सतर्कता आयुक्त होते हैं। आयोग केंद्र सरकार के मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी बैंकों में सतर्कता से जुड़े काम की निगरानी करता है।
सप्ताह में क्या होता है
इस दौरान दफ्तरों में सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई जाती है। कर्मचारियों के लिए कार्यशालाएं होती हैं, जिनमें खरीद प्रक्रिया, ई टेंडर और पारदर्शी कामकाज जैसे विषयों पर बात होती है। स्कूलों और कॉलेजों में निबंध, पोस्टर और क्विज प्रतियोगिताएं कराई जाती हैं। कई संस्थान ग्राम सभाओं और शहरों में जागरूकता रैलियां भी निकालते हैं। आम लोग भी CVC की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन सत्यनिष्ठा शपथ ले सकते हैं। नागरिकों के लिए अलग शपथ है और संस्थाओं व कंपनियों के लिए अलग।
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सत्यनिष्ठा शपथ में क्या कहा जाता है
शपथ का भाव यह है कि व्यक्ति अपने जीवन के हर क्षेत्र में ईमानदारी और कानून का पालन करेगा, न रिश्वत लेगा और न देगा, सभी काम पारदर्शी तरीके से करेगा और भ्रष्टाचार की किसी भी घटना की सूचना सही एजेंसी को देगा। यह शपथ याद दिलाती है कि भ्रष्टाचार केवल सरकारी कर्मचारियों का मामला नहीं है। रिश्वत देने वाला भी उतना ही जिम्मेदार माना जाता है जितना लेने वाला।
भ्रष्टाचार की शिकायत कैसे करें
अगर केंद्र सरकार के किसी विभाग, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम या सरकारी बैंक के कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत है, तो CVC के शिकायत पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत में नाम, पता और मोबाइल नंबर देना होता है। आयोग आम तौर पर गुमनाम या फर्जी नाम से भेजी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करता। शिकायत साफ होनी चाहिए, जिसमें घटना, तारीख, विभाग और जरूरी सबूत का जिक्र हो। राज्य सरकार के कर्मचारियों के मामले में राज्य का सतर्कता विभाग या लोकायुक्त सही जगह होती है।
व्हिसलब्लोअर को सुरक्षा
CVC को जनहित प्रकटीकरण और सूचना देने वालों की सुरक्षा से जुड़े प्रस्ताव यानी PIDPI के तहत शिकायतें लेने का अधिकार भी दिया गया है। इस व्यवस्था में शिकायत करने वाले की पहचान गोपनीय रखने का प्रावधान है। ऐसी शिकायत लिखित रूप में और बंद लिफाफे में आयोग के सचिव को भेजी जाती है, और लिफाफे पर साफ लिखा होता है कि यह PIDPI के तहत है।
आम नागरिक क्या कर सकते हैं
- किसी भी सरकारी काम के लिए तय फीस की रसीद जरूर लें।
- ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करें, जिससे बिचौलियों की जरूरत कम होती है।
- रिश्वत मांगी जाए तो तारीख, समय और व्यक्ति का ब्योरा लिख कर रखें।
- शिकायत करते समय सिर्फ वही बात लिखें जिसका सबूत आपके पास हो।
- स्कूल और कॉलेज के कार्यक्रमों में बच्चों को हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करें।
क्यों जरूरी है यह सप्ताह
भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नुकसान आम आदमी को होता है, क्योंकि उसे वही सेवा पाने के लिए अतिरिक्त पैसे और समय खर्च करने पड़ते हैं जो उसका अधिकार है। सतर्कता जागरूकता सप्ताह का मकसद सिर्फ एक हफ्ते के कार्यक्रम नहीं, बल्कि साल भर ईमानदार कामकाज की आदत डालना है। तकनीक, ई गवर्नेंस और पारदर्शी नियम इस काम में मदद करते हैं, लेकिन नागरिकों की जागरूकता के बिना यह लड़ाई पूरी नहीं होती।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह कब मनाया जाता है
हर साल उस सप्ताह में जिसमें 31 अक्टूबर यानी सरदार पटेल की जयंती आती है।
इसका आयोजन कौन करता है
केंद्रीय सतर्कता आयोग।
CVC को वैधानिक दर्जा कब मिला
केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम 2003 से।
शिकायत कहां करें
केंद्र सरकार से जुड़े मामलों के लिए CVC के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर, और राज्य से जुड़े मामलों के लिए राज्य सतर्कता विभाग या लोकायुक्त के पास।
स्रोत: CVC: Vigilance Awareness Week, CVC: Complaint portal, PIB: Vigilance Awareness Week releases





