ताज़ा खबर
OTT एज रेटिंग: नेटफ्लिक्स-प्राइम पर U, U/A 7+, 13+, 16+ और A का मतलब, पैरेंटल लॉक और शिकायत के तीन स्तर What Is the IMF? How the International Monetary Fund Works, Quotas, Loans and India’s 1991 Crisis BREAKING: गुरुग्राम में प्रदूषण के कारण निर्माण कार्यों पर रोक और पचास प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम लागू EVM और VVPAT कैसे काम करते हैं: वोट डालने से गिनती तक पूरी प्रक्रिया, पर्ची 7 सेकंड क्यों दिखती है और कितनी पर्चियां गिनी जाती हैं BREAKING: चक्रवात मुरासु आंध्र तट के करीब, भारी बारिश और उड़ानों के रद्द होने से जनजीवन प्रभावित Kashi Vishwanath Temple Guide: History, the Dham Corridor, Aarti Timings and Online Booking ATM फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट: महीने में कितनी बार मुफ्त निकासी, उसके बाद कितना शुल्क और कैसे बचें BREAKING: आईसीसी वनडे रैंकिंग में अफगानिस्तान ने रचा इतिहास, इंग्लैंड और श्रीलंका को पछाड़कर छठा स्थान पाया
ट्रेंडिंग
मनोरंजन

OTT एज रेटिंग: नेटफ्लिक्स-प्राइम पर U, U/A 7+, 13+, 16+ और A का मतलब, पैरेंटल लॉक और शिकायत के तीन स्तर

OTT प्लेटफॉर्म पर फिल्में और वेब सीरीज CBFC से प्रमाणित नहीं होतीं। इनके लिए आईटी नियम 2021 में अलग व्यवस्था है। जानिए यह कैसे काम करती है।

मोबाइल और टीवी पर OTT देखने का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • मोबाइल और स्मार्ट टीवी के दौर में ज्यादातर परिवार फिल्में और वेब सीरीज OTT प्लेटफॉर्म पर देखते हैं।
  • वर्गीकरण खुद प्लेटफॉर्म करते हैं। इसके लिए नियमों के साथ विस्तृत दिशानिर्देश दिए गए हैं, जिनमें विषय, भाषा, हिंसा, नग्नता, नशा और डर जैसे पहलुओं को देखकर श्रेणी तय करने की बात कही गई है।
  • आईटी नियम 2021 में दर्शकों की शिकायतों के लिए तीन स्तर की व्यवस्था है:
  • CBFC फिल्म को रिलीज से पहले देखकर प्रमाणपत्र देता है और कट भी सुझा सकता है।

मोबाइल और स्मार्ट टीवी के दौर में ज्यादातर परिवार फिल्में और वेब सीरीज OTT प्लेटफॉर्म पर देखते हैं। सिनेमाघर की फिल्मों को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC से प्रमाणपत्र लेना होता है, लेकिन OTT पर आने वाली सामग्री पर यह नियम लागू नहीं होता। इनके लिए सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 में अलग व्यवस्था बनाई गई है। माता-पिता के लिए यह समझना जरूरी है कि OTT पर दिखने वाली उम्र की रेटिंग का मतलब क्या है और बच्चों को अनुचित सामग्री से कैसे बचाया जा सकता है।

नियम किस पर लागू

आईटी नियम 2021 का भाग तीन ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट के प्रकाशकों पर लागू होता है, यानी वे प्लेटफॉर्म जो फिल्में, वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री और दूसरी ऑडियो-विजुअल सामग्री मांग पर उपलब्ध कराते हैं। इन नियमों का पालन सूचना और प्रसारण मंत्रालय के दायरे में आता है।

मुख्य बातें: मोबाइल और टीवी पर OTT देखने का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

उम्र के हिसाब से पांच श्रेणियां

नियमों के अनुसार OTT प्लेटफॉर्म को अपनी सामग्री को इन पांच श्रेणियों में बांटना होता है:

  • U: सभी उम्र के दर्शकों के लिए
  • U/A 7+: 7 साल और उससे बड़े दर्शकों के लिए, छोटे बच्चों के लिए अभिभावक का मार्गदर्शन
  • U/A 13+: 13 साल और उससे बड़े दर्शकों के लिए, छोटे बच्चों के लिए अभिभावक का मार्गदर्शन
  • U/A 16+: 16 साल और उससे बड़े दर्शकों के लिए, छोटे बच्चों के लिए अभिभावक का मार्गदर्शन
  • A: सिर्फ वयस्कों के लिए

वर्गीकरण खुद प्लेटफॉर्म करते हैं। इसके लिए नियमों के साथ विस्तृत दिशानिर्देश दिए गए हैं, जिनमें विषय, भाषा, हिंसा, नग्नता, नशा और डर जैसे पहलुओं को देखकर श्रेणी तय करने की बात कही गई है।

रेटिंग कहां दिखनी चाहिए

नियमों के अनुसार हर फिल्म या एपिसोड की शुरुआत में उसकी रेटिंग प्रमुखता से दिखानी होती है। साथ ही सामग्री का विवरण, जैसे हिंसा, अपशब्द या नशा, भी बताना होता है, ताकि दर्शक पहले से जान सकें कि वे क्या देखने जा रहे हैं। प्लेटफॉर्म के कार्यक्रम के विवरण वाले पेज पर भी यह जानकारी दी जाती है।

यह भी पढ़ें: Bigg Boss 20: यंग डीएसए गैंग पर शिकायत, आम्रपाली दुबे भी हुईं नाराज | Musafir Cafe Season 2 Announcement: चंद्र, सुधा और प्रीति की अधूरी प्रेम कहानी होगी पूरी, नेटफ्लिक्स ने किया 'मुसाफिर कैफे 2' का ऐलान

पैरेंटल लॉक और उम्र सत्यापन

  • U/A 13+ और उससे ऊपर की श्रेणी वाली सामग्री के लिए प्लेटफॉर्म को पैरेंटल लॉक की सुविधा देनी होती है
  • A श्रेणी की सामग्री के लिए बच्चों की पहुंच रोकने के लिए भरोसेमंद उम्र सत्यापन की व्यवस्था करनी होती है

अधिकतर बड़े प्लेटफॉर्म पर बच्चों के लिए अलग प्रोफाइल, पिन से सुरक्षित प्रोफाइल और उम्र के हिसाब से सामग्री सीमित करने का विकल्प मौजूद है।

शिकायत की तीन स्तर वाली व्यवस्था

आईटी नियम 2021 में दर्शकों की शिकायतों के लिए तीन स्तर की व्यवस्था है:

  1. पहला स्तर: प्रकाशक का शिकायत अधिकारी, जिसे 24 घंटे में शिकायत की पावती देनी होती है और 15 दिन में फैसला करना होता है
  2. दूसरा स्तर: प्रकाशकों की स्व-नियामक संस्था, जिसकी अध्यक्षता किसी सेवानिवृत्त जज या प्रतिष्ठित व्यक्ति के पास होती है
  3. तीसरा स्तर: सूचना और प्रसारण मंत्रालय की निगरानी व्यवस्था

पहले स्तर पर संतोषजनक समाधान न मिलने पर शिकायतकर्ता दूसरे स्तर पर और फिर तीसरे स्तर पर जा सकता है। हर प्लेटफॉर्म को अपने शिकायत अधिकारी का नाम और संपर्क अपनी वेबसाइट या ऐप पर देना होता है।

कौन-सी सामग्री पर रोक

नियमों में कहा गया है कि प्रकाशक ऐसी सामग्री न दिखाएं जो कानून के तहत प्रतिबंधित है। साथ ही उन्हें भारत की संप्रभुता और अखंडता, देश की सुरक्षा, विदेशी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध और सार्वजनिक व्यवस्था पर असर, भारत की बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक प्रकृति और किसी धार्मिक या जातीय समूह की गतिविधियों, मान्यताओं और प्रथाओं के चित्रण में सावधानी बरतने को कहा गया है।

माता-पिता क्या करें

  • बच्चों के लिए अलग किड्स प्रोफाइल बनाएं
  • अपनी प्रोफाइल पर पिन लगाएं
  • हर कार्यक्रम की रेटिंग और सामग्री का विवरण देखकर ही बच्चों को दिखाएं
  • छोटे बच्चे कौन-सी सामग्री देख रहे हैं, इस पर नजर रखें और उनसे बात करें
  • स्मार्ट टीवी और मोबाइल पर स्क्रीन टाइम की सीमा तय करने के विकल्प भी इस्तेमाल करें

CBFC से फर्क

CBFC फिल्म को रिलीज से पहले देखकर प्रमाणपत्र देता है और कट भी सुझा सकता है। OTT पर ऐसी पूर्व-जांच नहीं होती। प्लेटफॉर्म खुद सामग्री का वर्गीकरण करते हैं और शिकायत आने पर तीन स्तर वाली व्यवस्था में उसकी सुनवाई होती है। दोनों में उम्र की श्रेणियों के नाम काफी हद तक मिलते-जुलते हैं, जिससे दर्शकों को समझने में आसानी होती है।

OTT पर U/A 16+ का क्या मतलब है

सामग्री 16 साल और उससे बड़े दर्शकों के लिए है और इससे छोटे बच्चों को अभिभावक के मार्गदर्शन में ही दिखानी चाहिए।

OTT सामग्री की शिकायत कहां करें

पहले उस प्लेटफॉर्म के शिकायत अधिकारी से। समाधान न मिले तो स्व-नियामक संस्था और फिर सूचना और प्रसारण मंत्रालय की निगरानी व्यवस्था में।

स्रोत: सूचना और प्रसारण मंत्रालय: आईटी नियम 2021, PIB: डिजिटल मीडिया आचार संहिता

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X