चक्रवात मुरासु का खतरा देश के पूर्वी तटीय राज्यों पर मंडरा रहा है, जिसके कारण आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह भीषण चक्रवात सोमवार आधी रात से मंगलवार तड़के के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और कई हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

चक्रवात की स्थिति और लैंडफॉल का समय
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी दी है कि चक्रवात मुरासु वर्तमान में नेल्लोर से लगभग 80 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व और कावली से 80 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह सिस्टम 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तट की ओर बढ़ रहा है। ओंगोल से इसकी दूरी 110 किलोमीटर और बापटला से 140 किलोमीटर दक्षिण में बताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह तूफान ओंगोल और नेल्लोर के बीच के क्षेत्र में दस्तक देगा। इस दौरान तटीय इलाकों में समुद्र की लहरें ऊंची उठ सकती हैं और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलना शुरू हो गई हैं, जो लैंडफॉल के समय और भी तीव्र हो जाएंगी।
परिवहन सेवाओं पर प्रभाव और स्कूल बंदी
खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण हवाई यातायात पर गहरा असर पड़ा है। सोमवार को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों पर कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गईं। विजयवाड़ा हवाई अड्डे पर अकेले इंडिगो ने 10 उड़ानें और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने दो उड़ानें रद्द की हैं। विशाखापत्तनम में चार और तिरुपति में तीन उड़ानें प्रभावित हुई हैं। चेन्नई हवाई अड्डे पर भी कुछ उड़ानों को रद्द करना पड़ा है और यात्रियों को अपनी एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई है। तमिलनाडु के चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लुर जिलों में भारी बारिश के कारण स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। ओडिशा सरकार ने भी अपने दक्षिणी जिलों में 3 नवंबर तक स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया है ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
राहत और बचाव कार्यों की तैयारी
चक्रवात से निपटने के लिए आपदा राहत टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी एनडीआरएफ की 10वीं बटालियन ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में समन्वय के लिए 14 टीमें तैनात की हैं। ओडिशा सरकार ने गंजम, गजपति, मलकानगिरि, कोरापुट और कंधमाल जिलों से लगभग 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई है कि मुरासु का असर पिछले चक्रवात अर्नब की तुलना में कम रह सकता है, फिर भी प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। बापटला, पलनाडु, प्रकाशम और नेल्लोर जैसे पांच जिलों में विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
पड़ोसी राज्यों का सहयोग और बुनियादी ढांचा
संकट की इस घड़ी में पड़ोसी राज्यों ने भी आंध्र प्रदेश की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। तमिलनाडु सरकार ने 90 कर्मियों वाली एनडीआरएफ की तीन टीमें और बिजली विभाग के 500 कर्मियों को जरूरी उपकरणों के साथ आंध्र प्रदेश भेजा है। कर्नाटक ने भी घोषणा की है कि वह बिजली ढांचे की बहाली के लिए 500 कुशल कर्मी तैनात करेगा। बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए श्रीकाकुलम से कृष्णा जिले में 31,000 बिजली के खंभे भेजे गए हैं, क्योंकि अनुमान है कि लगभग 8,000 खंभे इस तूफान से प्रभावित हो सकते हैं। चेन्नई से भी 1,000 अतिरिक्त कर्मी बिजली बहाली के कार्यों में सहायता के लिए पहुंचने की उम्मीद है।
मौसम विभाग की चेतावनी और क्षेत्रीय प्रभाव
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के पलनाडु, तिरुपति और नंद्याल जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि 12 अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। तमिलनाडु के उत्तरी जिलों जैसे कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। चेन्नई के कई इलाकों में रविवार रात से ही जलभराव की खबरें आ रही हैं। ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा है कि भले ही चक्रवात आंध्र तट से टकराएगा, लेकिन इसका असर ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात अर्नब से प्रभावित लोगों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की है और कहा है कि मुरासु के गुजरने के बाद नुकसान का नए सिरे से आकलन किया जाएगा। तूफान के पूरी तरह से गुजर जाने के बाद ही बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है।
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