अस्पताल में डॉक्टर इलाज तय करते हैं, लेकिन मरीज के साथ सबसे ज्यादा समय नर्स बिताती हैं। दवा देने से लेकर मरीज की हालत पर नजर रखने और परिवार को समझाने तक, नर्सिंग स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ है। देश और विदेश दोनों में प्रशिक्षित नर्सों की मांग बनी रहती है। जानिए नर्सिंग में करियर कैसे बनाएं।
नर्सिंग के प्रमुख कोर्स
भारत में नर्सिंग शिक्षा के मानक भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) तय करती है। प्रमुख कोर्स ये हैं:
- ANM यानी ऑक्जिलरी नर्सिंग मिडवाइफरी: बुनियादी डिप्लोमा, जो खास तौर पर ग्रामीण और सामुदायिक स्वास्थ्य, मातृ और शिशु देखभाल पर केंद्रित है
- GNM यानी जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी: अस्पताल और सामुदायिक नर्सिंग का डिप्लोमा
- B.Sc नर्सिंग: चार साल की स्नातक डिग्री, जिसमें क्लिनिकल ट्रेनिंग शामिल है
- पोस्ट बेसिक B.Sc नर्सिंग: GNM कर चुके नर्सों के लिए डिग्री का रास्ता
- आगे M.Sc नर्सिंग और विशेषज्ञता वाले कोर्स, जो पढ़ाने और प्रबंधन के रास्ते खोलते हैं
INC ने समय-समय पर कुछ कोर्स की संरचना में बदलाव भी किए हैं, इसलिए दाखिले से पहले INC की वेबसाइट पर ताजा जानकारी देखें।

योग्यता
B.Sc नर्सिंग के लिए आम तौर पर 12वीं में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के साथ अंग्रेजी जरूरी होती है और तय न्यूनतम अंक मांगे जाते हैं। कई संस्थान और राज्य प्रवेश परीक्षा के जरिए दाखिला देते हैं, कुछ जगह राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के अंक भी मान्य होते हैं। डिप्लोमा कोर्स की योग्यता अलग हो सकती है। उम्र सीमा, अंक और प्रवेश प्रक्रिया हर संस्थान और राज्य में अलग होती है, इसलिए आधिकारिक प्रवेश सूचना ध्यान से पढ़ें।
मान्यता प्राप्त कॉलेज की पहचान
नर्सिंग में दाखिला लेने से पहले यह जरूर जांचें कि कॉलेज और कोर्स INC और राज्य नर्सिंग काउंसिल से मान्यता प्राप्त है। INC की वेबसाइट पर मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची मिलती है। बिना मान्यता वाले संस्थान से कोर्स करने पर रजिस्ट्रेशन और नौकरी में बड़ी दिक्कत हो सकती है। कॉलेज के साथ जुड़े अस्पताल में क्लिनिकल ट्रेनिंग की सुविधा भी देखें।
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रजिस्ट्रेशन
कोर्स पूरा करने के बाद नर्स के रूप में काम करने के लिए राज्य नर्सिंग काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराना होता है। यह रजिस्ट्रेशन आपकी पेशेवर पहचान है। दूसरे राज्य में काम करने या विदेश जाने के लिए अलग प्रक्रिया और परीक्षाएं हो सकती हैं।
नौकरी के अवसर
प्रशिक्षित नर्स सरकारी और निजी अस्पतालों, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, नर्सिंग होम, स्कूलों, कंपनियों के मेडिकल विभाग, घर पर देखभाल सेवाओं, सशस्त्र बलों की नर्सिंग सेवा और नर्सिंग कॉलेजों में काम कर सकती हैं। सरकारी अस्पतालों में भर्ती आम तौर पर लिखित परीक्षा के जरिए होती है। अनुभव और आगे की पढ़ाई के साथ नर्सिंग अधिकारी, ट्यूटर और प्रबंधन पदों तक पहुंचा जा सकता है।
जरूरी गुण
धैर्य, सहानुभूति, शिफ्ट में काम करने की क्षमता, साफ बातचीत और दबाव में शांत रहना अच्छी नर्स के गुण हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या लड़के भी नर्सिंग कर सकते हैं?
हां, नर्सिंग में पुरुषों के लिए भी अवसर हैं, हालांकि कुछ कोर्स या संस्थानों में नियम अलग हो सकते हैं।
स्रोत: भारतीय नर्सिंग परिषद (INC)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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