PM Kisan e-KYC 2026: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत देश के करोड़ों अन्नदाताओं को मिलने वाली आगामी 24वीं किस्त को लेकर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत पात्र कृषक परिवारों को प्रति वर्ष छह हजार रुपये की वित्तीय सहायता दो-दो हजार रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खातों में प्रदान की जाती है। हालांकि, जिन किसानों ने अब तक अपनी अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूर्ण नहीं कराई है, उनकी आगामी किस्त का भुगतान रुक सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और केवल वास्तविक पात्र किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए ई-केवाईसी सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है। अक्टूबर 2026 में किस्त जारी होने की संभावनाओं के बीच किसानों को समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने की हिदायत दी गई है।
PM Kisan e-KYC 2026: ई-केवाईसी की अनिवार्यता और भूमि सत्यापन का महत्व
इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर (e-KYC) प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य लाभार्थी किसानों की पहचान को डिजिटल रूप से सत्यापित करना है। पूर्व में कई अपात्र और फर्जी मामलों के सामने आने के बाद सरकार ने डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) प्रणाली को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने के लिए यह कदम उठाया है।
किस्त की राशि सुचारु रूप से प्राप्त करने के लिए तीन बुनियादी शर्तों का पूरा होना आवश्यक है: पहला, किसान का ई-केवाईसी सत्यापन पूर्ण होना चाहिए। दूसरा, लाभार्थी का बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए तथा उसमें आधार सीडिंग और डीबीटी विकल्प चालू होना चाहिए। तीसरा, राज्य सरकार के राजस्व रिकॉर्ड में किसान का भू-अभिलेख (Land Seeding) विधिवत रूप से सत्यापित होना अनिवार्य है। यदि इन तीनों में से किसी भी एक बिंदु पर डेटा अधूरा या असत्यापित रहता है, तो सिस्टम स्वतः ही किस्त के भुगतान को रोक देता है।
घर बैठे मोबाइल से ई-केवाईसी पूरा करने के आसान तरीके
किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने ई-केवाईसी कराने के कई सरल और सुलभ विकल्प उपलब्ध कराए हैं, जिन्हें घर बैठे अपने स्मार्टफोन से भी पूरा किया जा सकता है:
स्मार्टफोन का उपयोग करने वाले किसान ‘PM Kisan GoI’ आधिकारिक मोबाइल ऐप्लिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं। इस ऐप में आधुनिक फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा प्रमाणीकरण) तकनीक दी गई है। इसके लिए किसान को ऐप में अपना आधार नंबर दर्ज करना होता है और मोबाइल के कैमरे से अपना चेहरा स्कैन करना होता है। इसमें किसी ओटीपी या बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे बुजुर्ग किसानों के लिए यह प्रक्रिया अत्यंत सुगम हो जाती है।
इसके अलावा, किसान पीएम-किसान के आधिकारिक पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर जाकर ‘e-KYC’ विकल्प का चयन कर सकते हैं। वहां आधार संख्या दर्ज करने के बाद आधार से जुड़े पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) प्राप्त होता है। उस ओटीपी को दर्ज करते ही ई-केवाईसी सफलतापूर्वक सत्यापित हो जाती है।
सीएससी केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन की सुविधा
जिन किसानों के पास स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है या जिनका वर्तमान मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक नहीं है, वे अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या ग्राहक सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करा सकते हैं।
सीएससी संचालक बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट या आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैनर की मदद से किसान का सत्यापन कुछ ही मिनटों में पूरा कर देते हैं। इस ऑफलाइन सेवा के लिए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम सेवा शुल्क का भुगतान करना होता है। सत्यापन पूरा होते ही किसान का डेटा पोर्टल पर स्वतः अपडेट हो जाता है।
पोर्टल पर ‘नो योर स्टेटस’ से ऐसे जांचें अपना विवरण
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे किस्त जारी होने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी पात्रता की स्थिति अवश्य जांच लें। इसके लिए पोर्टल के ‘फार्मर्स कॉर्नर’ में दिए गए ‘नो योर स्टेटस’ (Know Your Status) विकल्प पर जाना होता है। वहां अपना पंजीकरण नंबर दर्ज करने के बाद किसान के खाते का पूरा विवरण स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाता है।
डैशबोर्ड पर ‘एलिजिबिलिटी स्टेटस’ (Eligibility Status) टैब के अंतर्गत तीन प्रमुख चीजें देखी जा सकती हैं—ई-केवाईसी स्टेटस, लैंड सीडिंग और आधार बैंक अकाउंट सीडिंग स्टेटस। यदि इन तीनों विकल्पों के आगे हरे रंग का सही (Yes) का निशान दिख रहा है, तो इसका अर्थ है कि सभी दस्तावेज पूर्ण हैं और किस्त बिना किसी बाधा के बैंक खाते में आएगी। यदि किसी विकल्प के सामने लाल रंग का ‘No’ दिखाई दे, तो तुरंत संबंधित सुधार कराना आवश्यक है।
PM Kisan e-KYC 2026: त्रुटि सुधार और कृषि विभाग की महत्वपूर्ण सलाह
यदि स्टेटस में बैंक खाता आधार से लिंक न होने की समस्या आ रही है, तो किसान को तुरंत अपनी संबंधित बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग फॉर्म भरना चाहिए अथवा नजदीकी डाकघर में जाकर इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) में नया डीबीटी सक्षम खाता खुलवाना चाहिए, जो 24 से 48 घंटे में सक्रिय हो जाता है।
यदि भू-अभिलेख (Land Seeding) में कोई समस्या दिख रही है, तो अपने क्षेत्र के लेखपाल (पटवारी) या उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क कर जमीन के दस्तावेजों (खतौनी) का पुनः सत्यापन कराना चाहिए। अक्टूबर 2026 में 24वीं किस्त के हस्तांतरण को देखते हुए सभी किसान समय रहते अपनी औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि निर्धारित दो हजार रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खातों में बिना किसी रुकावट के पहुंच सके।
स्रोत: पीएम किसान पोर्टल (कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय)
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