हिंदू परंपरा में तुलसी को बहुत पवित्र पौधा माना जाता है और लगभग हर घर के आंगन या बालकनी में तुलसी का पौधा होता है। कार्तिक मास में तुलसी पूजा का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि यह महीना भगवान विष्णु को प्रिय माना जाता है और इसी महीने के अंत में देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह होता है। इस साल तुलसी विवाह 21 नवंबर 2026 के आसपास है, जिसकी सटीक तिथि स्थानीय पंचांग से जांच लें। जानिए कार्तिक मास में तुलसी पूजा की विधि।
तुलसी और कार्तिक मास
पौराणिक मान्यताओं में तुलसी को माता लक्ष्मी का रूप और भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है। भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल अर्पित करना जरूरी माना जाता है। कार्तिक मास में रोज तुलसी की पूजा और दीपदान करने की परंपरा है।

सुबह की पूजा
- स्नान के बाद तांबे या पीतल के लोटे से तुलसी में जल अर्पित करें
- तुलसी के पास रोली या हल्दी से तिलक करें और अक्षत अर्पित करें
- फूल चढ़ाएं
- अपनी श्रद्धा के अनुसार तुलसी से जुड़ा कोई मंत्र या प्रार्थना करें
शाम को दीपक
कार्तिक मास में शाम को तुलसी के पास घी या तिल के तेल का दीपक जलाने की परंपरा सबसे प्रचलित है। कई परिवार पूरे महीने रोज शाम को यह दीपक जलाते हैं। दीपक को पौधे से थोड़ा दूर रखें, ताकि लौ से पत्ते न झुलसें।
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परिक्रमा
दीपक जलाने के बाद तुलसी की परिक्रमा की जाती है। आम तौर पर तीन या सात परिक्रमा की परंपरा है। गमले में लगी तुलसी के चारों ओर जगह कम हो, तो अपनी जगह पर ही घूमकर परिक्रमा की जा सकती है।
पत्ते तोड़ने की मान्यताएं
लोक मान्यताओं के अनुसार:
- रविवार, एकादशी और सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए
- पत्ते तोड़ने से पहले हाथ जोड़कर प्रणाम करें
- नाखून से नोचने की जगह उंगलियों से हल्के हाथ से तोड़ें
- पूजा के लिए पत्ते पहले दिन ही तोड़कर रखे जा सकते हैं
ये परंपराएं परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती हैं।
तुलसी विवाह की तैयारी
देवउठनी एकादशी के आसपास तुलसी और भगवान शालिग्राम या विष्णु का प्रतीकात्मक विवाह किया जाता है। इसके लिए तुलसी के गमले को सजाया जाता है, गन्ने का मंडप बनाया जाता है और तुलसी को चुनरी ओढ़ाई जाती है। कार्तिक मास में पौधे की अच्छी देखभाल करेंगे, तो तुलसी विवाह तक पौधा हरा-भरा रहेगा।
सर्दी में पौधे की देखभाल
- सर्दी में पानी कम दें, मिट्टी सूखी लगे तभी डालें
- पौधे को धूप वाली जगह पर रखें
- पाला पड़ने वाले इलाकों में रात को पौधे को हल्के कपड़े से ढक दें
- मंजरी यानी बीज के गुच्छे समय-समय पर तोड़ते रहें, इससे पौधा घना रहता है
- सूखे पत्ते हटा दें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सूख चुकी तुलसी का क्या करें?
सूखे पौधे को उखाड़कर फेंकने की जगह उसकी मिट्टी को किसी पेड़ के नीचे या गमले में डाल दें और नया पौधा लगाएं।
स्रोत: द्रिक पंचांग: हिंदू कैलेंडर और त्योहार। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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