ताज़ा खबर
देवउठनी एकादशी 2026: 20 नवंबर को व्रत, 21 नवंबर को तुलसी विवाह, जानें पारण का समय और पूजा विधि सरसों मंडी भाव 13 अक्टूबर 2026: राजस्थान, हरियाणा और MP में ताजा रेट अनाज मंडी भाव 13 अक्टूबर 2026: गेहूं, धान, मक्का और दालों के ताजा रेट बच्चों का टीकाकरण चार्ट: जन्म से 16 साल तक किस उम्र में कौन सा टीका, सरकारी केंद्रों पर मुफ्त Sugar Price 13 October 2026: चीनी के नए भाव जारी, जानें खुदरा और थोक रेट पैन-आधार लिंक: स्टेटस कैसे चेक करें, PAN निष्क्रिय होने का असर और 1,000 रुपये शुल्क देकर लिंक का तरीका सोना-चांदी कीमत 13 अक्टूबर 2026: प्रमुख शहरों में ताजा भाव, जानें दिल्ली, मुंबई से लखनऊ तक 22k व 24k सोने और चांदी के नए रेट पेट्रोल-डीजल कीमत 13 अक्टूबर 2026: प्रमुख शहरों में क्या हैं नए रेट, जानें दिल्ली, मुंबई से लखनऊ तक का ताजा भाव
ट्रेंडिंग
धर्म

देवउठनी एकादशी 2026: 20 नवंबर को व्रत, 21 नवंबर को तुलसी विवाह, जानें पारण का समय और पूजा विधि

देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी 2026 की तिथि, पारण का समय, पूजा विधि, तुलसी विवाह की तारीख, परंपरा और कथा।

देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह 2026 की तारीख बताने वाला डेमोक्रेटिक भारत लाइव का ग्राफिक
ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • संक्षेप में: द्रिक पंचांग के अनुसार देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी 2026 शुक्रवार, 20 नवंबर को है और तुलसी विवाह शनिवार, 21 नवंबर को होगा।
  • कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी, देवोत्थान या प्रबोधिनी एकादशी कहते हैं।
  • पौराणिक कथा के अनुसार वृंदा असुरराज जालंधर की पत्नी और भगवान विष्णु की भक्त थीं।
  • तुलसी विवाह शनिवार, 21 नवंबर 2026 को है। कई परिवार इसे एकादशी के दिन भी करते हैं।

संक्षेप में: द्रिक पंचांग के अनुसार देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी 2026 शुक्रवार, 20 नवंबर को है और तुलसी विवाह शनिवार, 21 नवंबर को होगा। नई दिल्ली में एकादशी व्रत का पारण 21 नवंबर को दोपहर 1:11 से 3:18 बजे के बीच है। मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं और चातुर्मास खत्म होता है।

देवउठनी एकादशी 2026 की तिथि और पारण

द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली के लिए समय:

  • व्रत की तारीख: शुक्रवार, 20 नवंबर 2026
  • एकादशी तिथि: 20 नवंबर सुबह 7:15 बजे से 21 नवंबर सुबह 6:31 बजे तक
  • पारण का समय: 21 नवंबर दोपहर 1:11 से 3:18 बजे तक
  • हरि वासर समाप्त: 21 नवंबर दोपहर 12:07 बजे

वैष्णव परंपरा मानने वाले (गौण एकादशी) 21 नवंबर को व्रत रखेंगे, जिसका पारण 22 नवंबर सुबह 6:49 से 8:56 बजे तक है।

देवउठनी एकादशी का महत्व

कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी, देवोत्थान या प्रबोधिनी एकादशी कहते हैं। मान्यता के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी) से भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं और इस दिन जागते हैं। इन चार महीनों को चातुर्मास कहा जाता है, जिसमें विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। मान्यता के अनुसार देवउठनी एकादशी के बाद से शुभ कार्यों की शुरुआत फिर से होती है।

पूजा विधि

  • सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें और भगवान विष्णु की पूजा करें।
  • कई घरों में आंगन में गेरू और चावल के आटे से भगवान के चरण बनाए जाते हैं और उन्हें ढककर रखा जाता है।
  • शाम को दीप जलाकर, शंख और घंटी बजाकर “उठो देव” कहते हुए भगवान को जगाने की परंपरा है।
  • मौसमी फल, जैसे सिंघाड़ा, गन्ना और शकरकंद, अर्पित किए जाते हैं।

तुलसी विवाह 2026: तिथि और परंपरा

द्रिक पंचांग के अनुसार तुलसी विवाह शनिवार, 21 नवंबर 2026 को है। द्वादशी तिथि 21 नवंबर सुबह 6:31 बजे से 22 नवंबर सुबह 4:56 बजे तक रहेगी। इस दिन तुलसी के पौधे का विवाह भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम से कराया जाता है। तुलसी को लाल चुनरी और श्रृंगार अर्पित किया जाता है, गन्ने का मंडप बनाया जाता है और विवाह की रस्में निभाई जाती हैं। कई जगह तुलसी विवाह देवउठनी एकादशी के दिन ही किया जाता है।

तुलसी विवाह की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार वृंदा असुरराज जालंधर की पत्नी और भगवान विष्णु की भक्त थीं। उनके पतिव्रत के कारण जालंधर अजेय था। कथा के अनुसार देवताओं की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने वृंदा का व्रत भंग किया, जिसके बाद जालंधर मारा गया। वृंदा ने विष्णु को पत्थर होने का श्राप दिया, जिससे शालिग्राम रूप माना जाता है। मान्यता के अनुसार वृंदा तुलसी के रूप में प्रकट हुईं और विष्णु ने उन्हें हमेशा पूजनीय होने का वरदान दिया। कार्तिक के अन्य व्रतों के लिए रमा एकादशी 2026 और छठ पूजा 2026 की जानकारी पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

देवउठनी एकादशी 2026 कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार देवउठनी एकादशी का व्रत शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को है।

तुलसी विवाह 2026 कब है?

तुलसी विवाह शनिवार, 21 नवंबर 2026 को है। कई परिवार इसे एकादशी के दिन भी करते हैं।

देवउठनी एकादशी का पारण कब करें?

नई दिल्ली में 21 नवंबर को दोपहर 1:11 से 3:18 बजे के बीच पारण का समय है।

स्रोत: द्रिक पंचांग: प्रबोधिनी एकादशी 2026, द्रिक पंचांग: तुलसी विवाह 2026 (नई दिल्ली के समय)। धार्मिक मान्यताएं परंपरा और पौराणिक कथाओं पर आधारित हैं।

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अपनी राय लिखें

WhatsApp Facebook X