दिवाली रोशनी और खुशियों का त्योहार है, लेकिन दीये, मोमबत्ती और पटाखों के कारण इन दिनों जलने के मामले भी बढ़ जाते हैं। रसोई में गर्म तेल या पानी से जलना भी घरों में आम है। जलने के बाद पहले कुछ मिनट में सही प्राथमिक उपचार चोट को गंभीर होने से रोक सकता है, जबकि गलत घरेलू नुस्खे नुकसान बढ़ा सकते हैं। जानिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) क्या सलाह देता है।
जलने पर तुरंत क्या करें
WHO के अनुसार जलने पर प्राथमिक उपचार के ये बुनियादी कदम हैं:
- सबसे पहले जलने की प्रक्रिया रोकें। कपड़ों में आग लगी हो, तो व्यक्ति को जमीन पर लुढ़काएं या कंबल से ढककर आग बुझाएं
- जली हुई जगह के कपड़े और गहने हटाएं, लेकिन त्वचा से चिपका कपड़ा जबरदस्ती न खींचें
- जली हुई जगह पर ठंडा बहता पानी डालें, ताकि त्वचा का तापमान कम हो
- रसायन से जलने पर उस जगह को खूब सारे पानी से धोएं
- जली जगह को साफ कपड़े या चादर से ढककर नजदीकी अस्पताल ले जाएं

क्या बिल्कुल न करें
WHO साफ तौर पर कहता है कि जली हुई जगह पर पेस्ट, तेल, हल्दी या रुई न लगाएं। कई घरों में टूथपेस्ट, घी या आटा लगाने का चलन है, लेकिन इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और डॉक्टर को घाव की जांच में दिक्कत होती है। बर्फ भी न लगाएं, क्योंकि WHO के अनुसार इससे चोट और गहरी हो सकती है। बहुत देर तक ठंडे पानी में रखने से शरीर का तापमान गिर सकता है, खासकर बच्चों में। फफोले खुद न फोड़ें और बिना डॉक्टर की सलाह कोई क्रीम न लगाएं। बिजली से जलने के मामले में व्यक्ति को छूने से पहले बिजली की सप्लाई बंद करें।
कब तुरंत अस्पताल जाएं
चेहरे, आंख, हाथ, पैर या जननांगों पर जलन, बड़े हिस्से का जलना, गहरी चोट जिसमें त्वचा सफेद या काली दिखे, बिजली या रसायन से जलना, सांस लेने में तकलीफ, और छोटे बच्चों या बुजुर्गों का जलना, इन सभी स्थितियों में तुरंत डॉक्टर या अस्पताल जाएं। आपात स्थिति में एम्बुलेंस के लिए 112 या 108 पर कॉल किया जा सकता है।
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दिवाली पर पटाखों से सुरक्षा
- पटाखे खुली जगह पर जलाएं, घर के अंदर, बालकनी या गाड़ियों के पास नहीं
- पटाखे जलाते समय पास में पानी की बाल्टी और रेत रखें
- बच्चों को हमेशा बड़ों की निगरानी में ही पटाखे जलाने दें
- सूती कपड़े पहनें, ढीले और सिंथेटिक कपड़ों से बचें
- पटाखे को जलाकर तुरंत दूर हटें, न जले पटाखे को दोबारा जलाने की कोशिश न करें
- लंबी अगरबत्ती या फुलझड़ी से पटाखा जलाएं, चेहरा पास न ले जाएं
- दीये और मोमबत्ती पर्दों और कागज की सजावट से दूर रखें
अपने राज्य या शहर में पटाखों से जुड़े प्रशासन के नियमों का पालन करें। प्रदूषण के कारण दमा और सांस के मरीजों को धुएं से दूर रहना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या जलने पर बर्फ लगाना सही है?
नहीं, WHO के अनुसार बर्फ लगाने से चोट और गहरी हो सकती है। ठंडा बहता पानी इस्तेमाल करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी लक्षण होने या इलाज शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
स्रोत: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO): Burns फैक्ट शीट। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





