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Wednesday Remedies: भगवान गणेश और बुध देव की कृपा पाने के लिए करें विशेष पूजा, जानें पूजन विधि, मंत्र, उपाय और किन कार्यों से बचें

Wednesday Remedies: भगवान गणेश और बुध देव की कृपा पाने के लिए करें विशेष पूजा, जानें पूजन विधि, मंत्र, उपाय और किन कार्यों से बचें
Wednesday Remedies: सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में सप्ताह का प्रत्येक वार किसी न किसी विशिष्ट देवी-देवता और नवग्रहों में से किसी एक ग्रह को समर्पित होता है। इसी क्रम में बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश और नवग्रहों में राजकुमार का दर्जा प्राप्त बुध ग्रह की उपासना के लिए सर्वोपरि माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बुधवार के दिन विधि-विधान से की गई पूजा-अर्चना साधक के जीवन से समस्त विघ्नों, वास्तु दोषों और आर्थिक बाधाओं का नाश करती है तथा बुद्धि, वाणी और व्यापार में अद्वितीय सफलता प्रदान करती है।
यदि आपकी कुंडली में बुध ग्रह कमजोर स्थिति में है, व्यापार में लगातार घाटा हो रहा है, बच्चों का मन पढ़ाई में एकाग्र नहीं हो पा रहा है या फिर बनते हुए कार्यों में ऐन वक्त पर रुकावटें आ जाती हैं, तो बुधवार के दिन की जाने वाली सरल पूजा और विशेष ज्योतिषीय उपाय आपके जीवन की दिशा बदल सकते हैं। आइए जानते हैं बुधवार के पूजन का शास्त्रीय महत्व, संपूर्ण पूजा विधि, आवश्यक सामग्री और प्रभावशाली मंत्र।

Wednesday Remedies: बुधवार के दिन किसकी पूजा की जाती है और क्या है इसका धार्मिक महत्व

बुधवार के दिन मुख्य रूप से देवों के देव महादेव और माता पार्वती के लाडले पुत्र भगवान श्री गणेश की आराधना की जाती है। भगवान गणेश को शास्त्रों में ‘विघ्नहर्ता’ और ‘सिद्धिदाता’ कहा गया है, जिसका अर्थ है कि वे अपने भक्तों के सभी संकटों को हरकर उन्हें ऋद्धि-सिद्धि और शुभता प्रदान करते हैं। किसी भी शुभ व मांगलिक कार्य की शुरुआत गणेश वंदना के बिना पूर्ण नहीं मानी जाती।
इसके साथ ही ज्योतिषीय दृष्टि से बुधवार के दिन के अधिपति ग्रह ‘बुध देव’ हैं। बुध ग्रह को तार्किक क्षमता, संचार कौशल (Communication), तीक्ष्ण बुद्धि, वाणिज्य, सांख्यिकी और त्वचा का कारक ग्रह माना जाता है। चूंकि भगवान गणेश बुद्धि और विवेक के स्वामी हैं और बुध ग्रह भी बौद्धिक चेतना का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए बुधवार के दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से बुध देव स्वतः प्रसन्न होते हैं और कुंडली का बुध दोष शांत हो जाता है। कुछ क्षेत्रों में इस दिन भगवान विष्णु और उनके कृष्णावतार की पूजा करने का भी विधान है।

बुधवार की संपूर्ण एवं सरल पूजा विधि: घर पर कैसे करें गणपति आराधना

बुधवार के दिन पूजा करने के लिए सुबह सूर्योदय से पूर्व यानी ब्रह्म मुहूर्त में उठना अत्यंत फलदायी माना जाता है। स्नानादि दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इस दिन हरे रंग के वस्त्र पहनना विशेष रूप से शुभ माना गया है, क्योंकि हरा रंग बुध ग्रह की ऊर्जा का प्रतीक है।
पूजा स्थल और घर के मंदिर को गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। एक लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल) से प्रतिमा को स्नान कराएं और फिर शुद्ध जल से अभिषेक करें। अब बप्पा को लाल चंदन, सिंदूर, रोली और अक्षत (अखंडित चावल) का तिलक लगाएं।
भगवान गणेश को सबसे प्रिय 21 गांठें दूर्वा (दूब घास) की अर्पित करें। इसके बाद लाल या पीले गेंदे के फूल, जनेऊ, सुपारी, लौंग, इलायची और पान का पत्ता चढ़ाएं। गाय के शुद्ध घी का दीपक और सुगंधित धूपबत्ती प्रज्वलित करें। इसके उपरांत भगवान गणेश को उनके प्रिय मोदक, बेसन या मोतीचूर के लड्डू अथवा मौसमी फलों का भोग लगाएं। पूजा के अंत में गणेश चालीसा का पाठ करें, गणेश जी की आरती गाएं और परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद वितरित करें।

पूजा के दौरान इन शक्तिशाली मंत्रों का करें 108 बार जाप

मंत्र जप से वातावरण शुद्ध होता है और मानसिक एकाग्रता में वृद्धि होती है। पूजा के समय रुद्राक्ष या चंदन की माला से भगवान गणेश के बीज मंत्र “ॐ गं गणपतये नमः” का 108 बार श्रद्धापूर्वक जाप करना चाहिए। यह मंत्र जीवन की समस्त नकारात्मक ऊर्जाओं को समाप्त करने की शक्ति रखता है।
यदि आप व्यापार, वाणी या करियर में आ रही रुकावटों को दूर करना चाहते हैं, तो बुध ग्रह के तांत्रिक मंत्र “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” अथवा सरल मंत्र “ॐ बुं बुधाय नमः” का कम से कम एक माला जाप करें। विद्यार्थियों के लिए गणेश गायत्री मंत्र “ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्” का नियमित पाठ अत्यंत लाभकारी साबित होता है।

बुधवार के विशेष अचूक उपाय: आर्थिक तंगी और करियर की बाधाएं होंगी दूर

बुधवार के दिन किए जाने वाले कुछ सरल और शास्त्रीय उपाय ग्रहों की प्रतिकूलता को समाप्त कर सकारात्मक परिणाम देते हैं। इस दिन गाय को हरा चारा, हरी पालक या भीगी हुई साबुत मूंग की दाल खिलाना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। ऐसा करने से कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है और कर्ज मुक्ति के रास्ते खुलते हैं।
व्यापारियों और नौकरीपेशा जातकों को इस दिन किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को हरे वस्त्र अथवा हरी मूंग का दान करना चाहिए। विद्यार्थियों को पढ़ाई की शुरुआत करने या नई पुस्तक खरीदने के लिए बुधवार का दिन चुनना चाहिए। इसके अतिरिक्त किन्नरों को कुछ धन या हरे रंग की वस्तुएं भेंट कर उनका आशीर्वाद लेने से आर्थिक समृद्धि के द्वार खुलते हैं।

बुधवार के व्रत और पूजन के प्रमुख लाभ

नियमित रूप से बुधवार की पूजा और उपासना करने से साधक को अनेक आध्यात्मिक और व्यावहारिक लाभ प्राप्त होते हैं। इससे व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होता है, स्मरण शक्ति तेज होती है और एकाग्रता बढ़ती है। व्यापार में लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बनते हैं और नए व्यावसायिक अनुबंध प्राप्त होते हैं।
पारिवारिक जीवन में चल रहे कलह और मानसिक तनाव समाप्त होते हैं तथा घर में सुख-शांति व समृद्धि का वास होता है। वाणी से जुड़े क्षेत्रों जैसे मीडिया, अध्यापन, वकालत, मार्केटिंग और लेखन में कार्य करने वाले लोगों को अपने करियर में अप्रत्याशित तरक्की मिलती है।

बुधवार के दिन क्या करने से बचें: इन बातों का रखें विशेष ध्यान

बुधवार के पावन दिन पर कुछ कार्यों को करने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए ताकि पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके। इस दिन किसी से भी कटु वचन बोलने, अपशब्द कहने या झूठ बोलने से बचना चाहिए क्योंकि यह वाणी के कारक बुध को दूषित करता है।
इस दिन हरे पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाएं और न ही उन्हें काटें। बुधवार को किसी भी व्यक्ति से लेन-देन या उधार लेने-देने से बचना चाहिए क्योंकि इस दिन लिया गया कर्ज चुकाने में कठिनाई आ सकती है। घर की बेटी, बहन या बुआ का किसी भी रूप में अनादर न करें, बल्कि उन्हें यथोचित सम्मान और उपहार दें।

Wednesday Remedies: संक्षिप्त पूजन से भी प्रसन्न होते हैं लंबोदर

यदि आपकी व्यस्त दिनचर्या के कारण विस्तृत पूजा-अर्चना संभव न हो, तो भी निराश होने की आवश्यकता नहीं है। भगवान गणेश मात्र भाव और निष्ठा के भूखे हैं। सुबह स्नान के पश्चात मंदिर में दो मिनट शांतिपूर्वक बैठकर हाथ जोड़ें, बप्पा को एक लोटा जल और कुछ दूर्वा घास अर्पित करें तथा सच्चे हृदय से ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का 11 बार स्मरण करें। शुद्ध अंतःकरण और अटूट श्रद्धा से किया गया यह संक्षिप्त स्मरण भी आपको दिनभर सकारात्मक ऊर्जा और कार्यों में सफलता प्रदान करने के लिए पर्याप्त है।

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लेखक

Netsha Singh

नेत्शा सिंह डेमोक्रेटिक भारत लाइव में हिंदी न्यूज़ कंटेंट राइटर हैं। वे सरकारी योजनाओं, आपका पैसा, देश की खबरों और धर्म-आस्था से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल न्यूज़ लेखन में उन्हें लगभग एक साल का अनुभव है; इससे पहले वे खबर नगरी और ऑनलाइन ताज़ा खबर के साथ काम कर चुकी हैं और यूट्यूब पर समसामयिक विषयों पर कंटेंट भी बनाती हैं।

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