Kainchi Dham Registration: नैनीताल। फिल्म हनुमान अंश के बाद उत्तराखंड के कैंची धाम में बाबा नीम करौली के दर्शन के लिए भीड़ तेजी से बढ़ी है। वीकेंड पर पांव रखने की जगह नहीं बचती और भवाली से लंबा जाम लग जाता है। 2 अक्टूबर के लंबे वीकेंड में करीब 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे। अचानक की इस भीड़ ने पार्किंग और यातायात दोनों पर दबाव डाला। अब पुलिस और प्रशासन मंदिर को लेकर बड़े फैसले की तैयारी में हैं। श्रद्धालुओं के प्री-रजिस्ट्रेशन पर विचार हो रहा है, ताकि एक दिन में कितने भक्त आएंगे, इसका अंदाजा पहले लग सके।
कुमाऊं पुलिस कमिश्नर की अध्यक्षता में बैठक हुई। पार्किंग, ट्रैफिक, श्रद्धालुओं की संख्या, होटल-होमस्टे शटल, सेवा और मंदिर परिसर की व्यवस्था पर चर्चा हुई। प्रस्ताव है कि डीएम और एसएसपी सरकार को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की सिफारिश भेजें। अंतिम फैसला धामी सरकार का होगा।
Kainchi Dham Registration: रजिस्ट्रेशन मोबाइल ऐप से क्यों कराया जा सकता है?
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा की तर्ज पर कैंची धाम के लिए भी अलग ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप बनाने पर विचार है। श्रद्धालु प्री-बुकिंग करा सकें, यही मकसद है। चारधाम में भी यात्रा से पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता है। वही मॉडल यहां आजमाया जा सकता है।
प्रशासन का तर्क है कि पहले से भीड़ का पता हो तो इंतजाम उसी हिसाब से होंगे। दूर से आने वालों और पुलिस दोनों की परेशानी घटेगी। 2 अक्टूबर को 50 हजार से ज्यादा लोगों का अंदाजा नहीं था। एकदम इतनी संख्या आने से पार्किंग बिगड़ी और सड़क पर दबाव बढ़ा। प्री-रजिस्ट्रेशन उसी अंतर को भरने के लिए सुझाया गया है।
क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम में क्या शामिल होगा?
बैठक में स्थायी भीड़ प्रबंधन पर जोर रहा। सिर्फ दर्शन की लाइन नहीं, पार्किंग, ट्रैफिक, शटल और परिसर की सुरक्षा भी एजेंडे में थी। होटल और होमस्टे से मंदिर तक शटल की बात हुई, ताकि निजी वाहन संकरी सड़क पर न अटकें।
भावना यह है कि दिन की संख्या पहले पता चले, फिर उसी हिसाब से बल, पार्किंग स्लॉट और मेडिकल इंतजाम तैनात हों। अभी भीड़ आने के बाद संभलना पड़ता है। नई व्यवस्था आने से पहले संभलने की कोशिश है।
Kainchi Dham Registration: एंट्री और एग्जिट अलग क्यों करने की बात है?
मंदिर में फिलहाल एक ही रास्ते से प्रवेश और निकास होता है। भीड़ प्रबंधन में यही अड़चन बनती है। बैठक में अलग एंट्री और एग्जिट गेट पर चर्चा हुई। आने और जाने का रास्ता बंटे तो धक्का और जाम दोनों कम हो सकते हैं।
यह प्रस्ताव रजिस्ट्रेशन से जुड़ा है। संख्या सीमित हो और रास्ता अलग हो, तभी वीकेंड की भीड़ संभल सकती है। अभी दोनों बातें विचार के स्तर पर हैं। गेट बदलने का काम मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की सहमति मांगेगा।
सिफारिश सरकार तक कैसे पहुंचेगी?
बैठक में श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव रखा गया। प्रशासन मानता है कि आने वाली भीड़ का पहले पता हो तो इंतजाम आसान होंगे। डीएम और एसएसपी अनिवार्य रजिस्ट्रेशन लागू करने की सिफारिश सरकार को भेजेंगे। मंजूरी के बाद ही ऐप, पोर्टल और नियम सार्वजनिक होंगे।
अभी दर्शन के लिए कोई अनिवार्य ऐप चालू नहीं है। खबर विचार और प्रस्ताव की है, लागू व्यवस्था की नहीं। भक्तों को इंतजार करना होगा कि सरकार सिफारिश मानती है या नहीं।
Kainchi Dham Registration: हनुमान अंश के बाद भीड़ क्यों बढ़ी?
बाबा नीम करौली के भक्त देश और दुनिया में पहले से हैं। फिल्म रिलीज के बाद कैंची धाम पहुंचने वालों की संख्या और बढ़ी। वीकेंड पर जगह नहीं बचती। भवाली से जाम लगना अब आम शिकायत है। लंबे वीकेंड पर 50 हजार से ऊपर आंकड़ा उसी उछाल को दिखाता है।
भीड़ आस्था की है, पर सड़क और परिसर की क्षमता सीमित है। रजिस्ट्रेशन, अलग गेट और शटल इसी क्षमता को बचाने के सुझाव हैं। अंतिम मुहर सरकार लगाएगी। तब तक दर्शन पुरानी व्यवस्था पर चल रहा है और वीकेंड पर जाम की आशंका बनी हुई है।
यह भी पढ़ें
- Heavy Workout Risks: 9 से 5 डेस्क जॉब और वीकेंड पर हैवी वर्कआउट, कंधे को नुकसान पहुंचा सकती है यह आदत
- BSNL New SIM Prepaid Plan: नए सिम पर 24 दिन तक रोज 1GB डेटा, अनलिमिटेड कॉल और 100 SMS
- Bihar Neet Student Case: CBI को कोई आरोपी नहीं मिला, पॉक्सो कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल
- Rajasthan MAA Yojana 2026 में बड़ा बदलाव, ICU मरीज और डॉक्टर की जियो-टैग फोटो हर आठ घंटे अपलोड करना अनिवार्य





