Anaj Mandi Price 10 October 2026: देशभर की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में 10 अक्टूबर 2026 को खरीफ फसलों की नई आवक और रबी सीजन की तैयारी के बीच अनाज के भावों में व्यापक हलचल देखी जा रही है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में धान, गेहूं, मक्का और मोटे अनाजों की दैनिक आवक बढ़ रही है। सरकारी खरीद केंद्रों के संचालन, स्थानीय मिलर्स की मांग और दाने की गुणवत्ता के आधार पर कृषि बाजारों में अलग-अलग दरें दर्ज की जा रही हैं। हालिया उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार गेहूं का औसत मॉडल भाव लगभग ₹2,646 प्रति क्विंटल और धान का मॉडल भाव ₹2,676 प्रति क्विंटल के स्तर पर बना हुआ है, जबकि बासमती व विशेष किस्मों के लिए दरें ₹4,000 प्रति क्विंटल तक दर्ज की गई हैं।
Anaj Mandi Price 10 October 2026: गेहूं, धान, मक्का और बाजरा के ताजा भाव, जानें किसानों को क्या मिल रहा रेट

सारांश
- Anaj Mandi Price 10 October 2026: गेहूं: औसत मॉडल भाव लगभग ₹2,646 प्रति क्विंटल।
- धान: औसत मॉडल भाव लगभग ₹2,676 प्रति क्विंटल।
- बासमती धान: कुछ किस्मों के लिए ₹3,800–₹4,100 प्रति क्विंटल।
- बाजरा: लगभग ₹2,100–₹2,326 प्रति क्विंटल।
- मक्का: लगभग ₹2,150–₹2,350 प्रति क्विंटल।
- जौ: लगभग ₹2,400–₹2,600 प्रति क्विंटल।
- मंडी में फसल की गुणवत्ता और नमी के आधार पर कीमतें बदलती हैं।
- सरकारी खरीद केंद्रों और स्थानीय मिलर्स की मांग का भी भावों पर असर पड़ता है।
- अच्छी तरह सूखी और साफ फसल पर बेहतर बोली मिलने की संभावना रहती है।
- किसानों को बिक्री से पहले स्थानीय मंडी समिति या आधिकारिक AGMARKNET पोर्टल पर भाव जांचने चाहिए।
देश की दो सबसे महत्वपूर्ण मुख्य खाद्यान्न फसलों गेहूं और धान की कीमतों पर पूरे कृषि व खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की नजर टिकी रहती है। 500 से अधिक मंडियों के संकलित आंकड़ों के अनुसार गेहूं का राष्ट्रीय औसत मॉडल भाव ₹2,646 प्रति क्विंटल के आसपास दर्ज किया गया है, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर बना हुआ है। अलग-अलग राज्यों में गेहूं का दायरा ₹2,400 से लेकर ₹2,800 प्रति क्विंटल तक देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की मंडियों में मिल-क्वालिटी और शरबती किस्मों के लिए किसानों को बेहतर प्रीमियम प्राप्त हो रहा है।
वहीं धान के बाजार में सामान्य किस्मों का मॉडल भाव ₹2,676 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है, जबकि मंडियों में इसका व्यापक दायरा ₹1,686 से लेकर ₹4,100 प्रति क्विंटल तक फैला हुआ है। 1509 और 1718 जैसी अगेती बासमती किस्मों की आवक बढ़ने के साथ ही अच्छी चमक और 14 प्रतिशत से कम नमी वाले लॉट ₹3,800 से ₹4,100 प्रति क्विंटल की दरों पर बिक रहे हैं। सरकारी खरीद के मानकों पर खरा उतरने वाले सामान्य धान (कॉमन व ग्रेड-ए) के लिए एमएसपी केंद्र सक्रिय हो चुके हैं, जिससे किसानों को खुले बाजार में औने-पौने दाम पर फसल बेचने से सुरक्षा मिल रही है।
मोटे अनाजों और चारे व पोल्ट्री फीड उद्योग से जुड़े अनाजों के बाजार में भी स्थिरता बनी हुई है। उत्तर प्रदेश और उत्तरी राज्यों की मंडियों में बाजरे का औसत मॉडल भाव ₹2,100 से ₹2,326 प्रति क्विंटल के दायरे में कारोबार कर रहा है। राजस्थान और हरियाणा के सीमावर्ती केंद्रों में आवक अधिक होने से कीमतों पर हल्का दबाव है, लेकिन अच्छे सूखे दानों को व्यापारी प्राथमिकता से उठा रहे हैं।
मक्का की बात करें तो पोल्ट्री फीड और स्टार्च निर्माताओं की मांग के चलते इसका औसत संकेतात्मक भाव ₹2,150 से ₹2,350 प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया जा रहा है। इसी प्रकार बीयर उद्योग और पशु आहार में प्रयुक्त होने वाले जौ के भाव विभिन्न मंडियों में ₹2,400 से लेकर ₹2,600 प्रति क्विंटल के आसपास टिके हुए हैं। स्थानीय स्तर पर बड़े खरीदारों की उपस्थिति और भंडारण क्षमता इन तीनों फसलों के दैनिक उतार-चढ़ाव को सीधे नियंत्रित करती है।
कृषि उपज मंडियों में फसलों का दैनिक भाव केवल एमएसपी घोषणा से निर्धारित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे मांग और आपूर्ति की तत्कालीन जमीनी स्थिति मुख्य भूमिका निभाती है। जब किसी एक मंडी में मौसम की अनिश्चितता या त्योहारों से पहले अचानक बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवक होती है, तो उपलब्धता बढ़ने से व्यापारी बोली में नरमी लाते हैं। इसके विपरीत जब मिलों के पास तत्काल प्रसंस्करण के लिए स्टॉक कम होता है, तो खुली बोली में कीमतें तेजी से ऊपर चढ़ती हैं।
इसके अतिरिक्त दाने का आकार, उसमें कचरे या विदेशी तत्वों का प्रतिशत, कीटों का प्रभाव और सबसे महत्वपूर्ण नमी (मॉइस्चर) की मात्रा अंतिम दर तय करती है। सरकारी खरीद एजेंसियां सामान्यतः 17 प्रतिशत से कम नमी वाले धान को ही स्वीकार करती हैं, जबकि अधिक नमी वाले अनाज पर व्यापारियों द्वारा कटौती की जाती है।
किसानों को अपनी कड़ी मेहनत से तैयार की गई उपज को बाजार में ले जाने से पूर्व राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) पोर्टल या संबंधित राज्य की कृषि उपज मंडी समिति के आधिकारिक बुलेटिन से उस दिन के न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल भाव की जानकारी अवश्य कर लेनी चाहिए। मॉडल भाव को समझना सबसे जरूरी है क्योंकि यह वह वास्तविक दर होती है जिस पर मंडी में अधिकांश अनाज की खरीद-फरोख्त संपन्न हुई होती है।
मंडी में फसल लाने से पहले खलिहान में अनाज को अच्छी तरह सुखाना और पंखे से उड़ाकर साफ करना अत्यंत लाभकारी रहता है, क्योंकि साफ और सूखे माल पर व्यापारियों को अधिक बोली लगाने का प्रोत्साहन मिलता है। साथ ही मंडी समिति के गेट पास, तौल पर्ची और भुगतान के पक्के वाउचर की रसीद हमेशा सुरक्षित रखनी चाहिए ताकि समय पर पूरा भुगतान बैंक खाते में सुनिश्चित किया जा सके।




