दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं, पेंशन, छात्रवृत्ति, रेल किराए में छूट या नौकरियों में आरक्षण का लाभ लेने के लिए बार-बार दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिखाना पड़ता है। केंद्र सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की UDID परियोजना इसे आसान बनाती है। इसमें दिव्यांगता प्रमाण पत्र और पूरे देश में मान्य एक पहचान पत्र, यानी UDID कार्ड, जारी किया जाता है। जानिए UDID कार्ड कैसे बनाएं।
UDID कार्ड क्या है
UDID यानी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी। इस परियोजना का मकसद दिव्यांगजनों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाना और हर दिव्यांग व्यक्ति को एक विशिष्ट पहचान पत्र देना है। कार्ड पर व्यक्ति की पहचान, दिव्यांगता का प्रकार और प्रतिशत जैसी जानकारी होती है। अलग-अलग जगह अलग प्रमाण पत्र की जरूरत कम हो जाती है।

कौन आवेदन कर सकता है
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में बताई गई किसी भी तरह की दिव्यांगता वाले व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं। इनमें चलने-फिरने से जुड़ी दिव्यांगता, देखने और सुनने की दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक बीमारी और कई दूसरी श्रेणियां शामिल हैं। बच्चों के लिए माता-पिता या अभिभावक आवेदन कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज
- हाल की पासपोर्ट साइज फोटो
- हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान
- पते का प्रमाण, जैसे आधार कार्ड
- पहचान का प्रमाण
- पहले से बना दिव्यांगता प्रमाण पत्र हो, तो उसकी प्रति
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ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- swavlambancard.gov.in पोर्टल पर जाएं
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र और UDID कार्ड के लिए आवेदन का विकल्प चुनें
- व्यक्तिगत, पता, दिव्यांगता और पहचान से जुड़ी जानकारी भरें
- फोटो, हस्ताक्षर और दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन जमा करके नामांकन संख्या संभाल लें
जिनके पास पहले से दिव्यांगता प्रमाण पत्र है, वे उसकी जानकारी देकर भी UDID कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के बाद की प्रक्रिया
आवेदन जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी या तय चिकित्सा प्राधिकारी के पास जाता है। आवेदक को मेडिकल बोर्ड के सामने जांच के लिए बुलाया जाता है। जांच के बाद दिव्यांगता का प्रतिशत तय होता है और प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इसके बाद UDID कार्ड बनता है। ई-कार्ड पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है।
स्थिति कैसे देखें
पोर्टल पर आवेदन की स्थिति ट्रैक करने का विकल्प है। इसमें नामांकन संख्या, UDID नंबर या आधार से जुड़ी जानकारी डालकर आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।
UDID कार्ड के फायदे
- पूरे देश में मान्य एक पहचान पत्र
- केंद्र और राज्य की कई योजनाओं में आवेदन आसान
- दस्तावेजों की बार-बार जांच की जरूरत कम
- नवीनीकरण और जानकारी अपडेट ऑनलाइन
ध्यान रखें
आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल पर की जाती है। कार्ड बनवाने के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। किसी परेशानी में जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय या जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी से संपर्क करें।
क्या UDID कार्ड बनवाने का कोई शुल्क है?
पोर्टल पर आवेदन की सुविधा केंद्र सरकार देती है। अगर किसी केंद्र पर फॉर्म भरवाते हैं, तो वहां का सेवा शुल्क अलग हो सकता है।
स्रोत: विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID) पोर्टल, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





