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अंत्योदय राशन कार्ड: हर महीने 35 किलो मुफ्त अनाज किसे मिलता है, पात्रता और आवेदन की पूरी जानकारी

अंत्योदय अन्न योजना देश के सबसे गरीब परिवारों के लिए है। जानिए इस कार्ड पर कितना अनाज मिलता है, कौन पात्र है और राज्य के पोर्टल पर आवेदन कैसे होता है।

अंत्योदय राशन कार्ड और मुफ्त अनाज का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

सारांश

  • देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए करोड़ों परिवारों को सस्ता या मुफ्त अनाज मिलता है।
  • पात्र परिवारों की पहचान राज्य सरकारें करती हैं। केंद्र के दिशा-निर्देशों में आम तौर पर इन वर्गों को प्राथमिकता दी गई है:
  • राशन कार्ड बनाने का काम राज्य सरकार का खाद्य और रसद विभाग करता है।
  • कई राज्य राशन कार्ड में दर्ज हर सदस्य का e-KYC करा रहे हैं। यह राशन दुकान पर ई-पॉस मशीन से अंगूठा लगाकर होता है।

देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए करोड़ों परिवारों को सस्ता या मुफ्त अनाज मिलता है। इसमें सबसे ज्यादा मदद अंत्योदय अन्न योजना के कार्डधारकों को मिलती है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत अंत्योदय परिवारों को हर महीने 35 किलो अनाज का हक है, चाहे परिवार में कितने भी सदस्य हों। केंद्र सरकार के फैसले के मुताबिक 1 जनवरी 2024 से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत यह अनाज पांच साल के लिए मुफ्त दिया जा रहा है।

इस लेख में समझिए कि अंत्योदय कार्ड किसे मिलता है, यह प्राथमिकता वाले राशन कार्ड से कैसे अलग है और इसके लिए आवेदन कैसे करें।

अंत्योदय अन्न योजना क्या है

यह योजना दिसंबर 2000 में शुरू हुई थी। इसका मकसद उन परिवारों तक भोजन पहुंचाना था जो गरीबी रेखा के नीचे वाले परिवारों में भी सबसे कमजोर हैं। 2013 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद अंत्योदय परिवारों को इसी कानून के दायरे में ले लिया गया और उनका 35 किलो प्रति परिवार का हक बरकरार रखा गया।

मुख्य बातें: अंत्योदय राशन कार्ड और मुफ्त अनाज का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI निर्मित) | ग्राफिक: डेमोक्रेटिक भारत लाइव

किसे मिलता है अंत्योदय कार्ड

पात्र परिवारों की पहचान राज्य सरकारें करती हैं। केंद्र के दिशा-निर्देशों में आम तौर पर इन वर्गों को प्राथमिकता दी गई है:

  • भूमिहीन खेतिहर मजदूर, सीमांत किसान और ग्रामीण कारीगर, जैसे कुम्हार, बुनकर, लोहार, बढ़ई
  • झुग्गी में रहने वाले और रोज कमाने-खाने वाले लोग, जैसे कुली, रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले
  • विधवा, गंभीर रूप से बीमार, दिव्यांग या 60 साल से ऊपर के ऐसे लोग जिनके पास गुजारे का कोई पक्का साधन नहीं है
  • आदिम जनजाति समूह के परिवार
  • बिना किसी सहारे के अकेले रहने वाले बुजुर्ग

हर राज्य की अपनी सूची और शर्तें होती हैं। राज्य के पास अंत्योदय परिवारों का एक तय कोटा होता है, इसलिए नए कार्ड तभी बनते हैं जब सूची में जगह हो या जांच के बाद अपात्र नाम हटाए जाएं।

अंत्योदय और प्राथमिकता कार्ड में फर्क

  • अंत्योदय कार्ड: पूरे परिवार को हर महीने 35 किलो अनाज
  • प्राथमिकता वाला कार्ड (PHH): परिवार के हर सदस्य को हर महीने 5 किलो अनाज
  • दोनों पर PMGKAY के तहत अनाज मुफ्त
  • छोटे अंत्योदय परिवार को प्रति व्यक्ति ज्यादा अनाज मिलता है, इसलिए यह कार्ड सबसे जरूरतमंद परिवारों को दिया जाता है

कई राज्य अंत्योदय कार्डधारकों को चीनी, दाल या तेल भी रियायती दाम पर देते हैं। यह सुविधा राज्य के हिसाब से बदलती है।

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जरूरी दस्तावेज

  • परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड
  • मुखिया का फोटो, आम तौर पर परिवार की सबसे बड़ी महिला को मुखिया माना जाता है
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • बैंक पासबुक
  • दिव्यांगता, विधवा पेंशन या वृद्धावस्था से जुड़ा प्रमाण, अगर लागू हो

आवेदन कैसे करें

राशन कार्ड बनाने का काम राज्य सरकार का खाद्य और रसद विभाग करता है। सामान्य प्रक्रिया इस तरह है:

  1. अपने राज्य के खाद्य विभाग के पोर्टल पर जाएं, जैसे उत्तर प्रदेश में fcs.up.gov.in, दिल्ली में nfs.delhi.gov.in और उत्तराखंड में fcs.uk.gov.in; पंजाब समेत दूसरे राज्यों के पोर्टल की सूची nfsa.gov.in पर मिलती है
  2. नया राशन कार्ड या कार्ड की श्रेणी बदलने का विकल्प चुनें
  3. फॉर्म भरकर दस्तावेज अपलोड करें, या फॉर्म भरकर तहसील, ब्लॉक कार्यालय या जन सेवा केंद्र में जमा करें
  4. आपूर्ति निरीक्षक या पंचायत स्तर पर जांच होती है
  5. जांच के बाद पात्र पाए जाने पर कार्ड जारी होता है

कई राज्यों में गांवों में अंत्योदय परिवारों की पहचान ग्राम सभा या खुली बैठक के जरिए भी होती है। अपने ग्राम प्रधान, पार्षद या कोटेदार से भी सूची की जानकारी मिल सकती है।

वन नेशन वन राशन कार्ड

राशन कार्ड को आधार से जोड़ने के बाद अब देश में कहीं भी किसी भी सरकारी राशन दुकान से अपना अनाज लिया जा सकता है। काम के लिए दूसरे राज्य गए प्रवासी परिवारों के लिए यह बड़ी सुविधा है। इसके लिए मेरा राशन ऐप भी उपलब्ध है, जिससे नजदीकी दुकान और अपना हक देखा जा सकता है।

e-KYC जरूरी

कई राज्य राशन कार्ड में दर्ज हर सदस्य का e-KYC करा रहे हैं। यह राशन दुकान पर ई-पॉस मशीन से अंगूठा लगाकर होता है। जिन सदस्यों का e-KYC नहीं होता, उनका नाम कटने का खतरा रहता है, इसलिए समय रहते यह काम करा लें।

शिकायत कहां करें

कम अनाज मिलने, दुकान बंद रहने या कार्ड न बनने की शिकायत राज्य की खाद्य विभाग हेल्पलाइन पर कर सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर हर राज्य की हेल्पलाइन की सूची nfsa.gov.in पर दी गई है।

क्या अंत्योदय कार्ड पर अनाज के पैसे लगते हैं

PMGKAY के तहत 1 जनवरी 2024 से पांच साल के लिए अंत्योदय और प्राथमिकता वाले परिवारों को अनाज मुफ्त दिया जा रहा है।

क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार को अंत्योदय कार्ड मिल सकता है

आम तौर पर नहीं। सरकारी नौकरी, आयकर भरने वाले, चार पहिया वाहन या तय सीमा से ज्यादा जमीन वाले परिवार राज्यों के नियमों में अपात्र माने जाते हैं।

स्रोत: खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोर्टल

लेखक

Sudhanshu Tiwari

सुधांशु तिवारी डेमोक्रेटिक भारत लाइव के संस्थापक, मालिक और संपादक हैं। डिजिटल मीडिया में 6 साल से अधिक के अनुभव के साथ वे मुख्य रूप से राजनीति और चुनाव की खबरें कवर करते हैं, साथ ही देश, कारोबार और खेल से जुड़ी अहम खबरों का संपादन करते हैं। वेबसाइट की संपादकीय नीति, तथ्य-जांच और प्रकाशित सामग्री की अंतिम जिम्मेदारी उन्हीं की है।

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