दिवाली का त्योहार कई दिनों तक चलता है। धनतेरस से भाई दूज तक घर में मिठाई, नमकीन, पकवान और मेहमानों की आवभगत लगातार चलती है। ऐसे में पेट भारी रहना, एसिडिटी, गैस और अपच आम शिकायत बन जाती है। त्योहार का स्वाद छोड़ना जरूरी नहीं, बस कुछ आदतें बदलकर पाचन को ठीक रखा जा सकता है। जानिए त्योहार में ज्यादा खाने से बचाव के आसान तरीके।
थाली का संतुलन
ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान के आहार दिशा-निर्देश संतुलित थाली पर जोर देते हैं, जिसमें सब्जियां, दालें, अनाज और दूध से बनी चीजें सही अनुपात में हों। त्योहार में भी:
- थाली में आधा हिस्सा सब्जी और सलाद रखें
- पूड़ी-कचौड़ी के साथ एक-दो फुलके भी लें
- दाल या छोले जैसे प्रोटीन वाले व्यंजन शामिल करें
- दही या रायता जरूर रखें

मात्रा पर ध्यान
- छोटी प्लेट और कटोरी का इस्तेमाल करें
- एक बार में थोड़ा परोसें, जरूरत हो तो दोबारा लें
- हर मेहमान के घर हर चीज चखना जरूरी नहीं
- पेट भरने का संकेत मिलते ही रुक जाएं
- टीवी या फोन देखते हुए खाने से ज्यादा खाया जाता है
मिठाई और नमकीन
दिन भर में मिठाई की एक तय मात्रा रखें, जैसे एक या दो टुकड़े, और उसे खाने के साथ लें। खाली पेट मिठाई और तली चीजें खाने से बचें। नमकीन में भुने हुए विकल्प, जैसे भुना चना, मखाना या मूंगफली बेहतर हैं। बहुत ज्यादा नमक से प्यास और पेट फूलने की शिकायत बढ़ सकती है।
यह भी पढ़ें: डायबिटीज में त्योहार कैसे मनाएं: मिठाई, व्रत और दावतों के बीच ब्लड शुगर संभालने के तरीके | करवा चौथ डिनर मेन्यू: व्रत खोलने के बाद हल्का और पारंपरिक खाना, जो पेट पर भारी न पड़े
पानी और पेय
- दिन भर पर्याप्त पानी पिएं
- छाछ और नींबू पानी पाचन के लिए हल्के विकल्प हैं
- मीठे पेय, कोल्ड ड्रिंक और बार-बार चाय-कॉफी कम करें
- रात को बहुत देर से भारी खाना न खाएं
खाने के बाद
खाने के बाद तुरंत लेटने की जगह 10 से 15 मिनट हल्का टहलें। सोने से कम से कम दो-तीन घंटे पहले खाना खा लें। रोज थोड़ी शारीरिक गतिविधि, जैसे सुबह की सैर, त्योहार में भी जारी रखें।
अगले दिन हल्का खाना
किसी दिन बहुत भारी खाना हो जाए, तो अगले दिन खिचड़ी, दलिया, दाल-चावल या सब्जी-रोटी जैसा हल्का खाना लें। फल और सलाद ज्यादा खाएं।
मिठाई की गुणवत्ता
बाजार की मिठाई भरोसेमंद दुकान से लें। FSSAI ने मिठाई दुकानों के लिए खुली मिठाई के पास बेस्ट बिफोर तारीख दिखाना जरूरी किया है। बासी या अजीब गंध वाली मिठाई न खाएं।
डॉक्टर कब दिखाएं
अगर पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, दस्त, खून आना, सीने में दर्द या जलन जो ठीक न हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। डायबिटीज, दिल की बीमारी या पेट की पुरानी बीमारी वाले लोग त्योहार में खाने के बारे में अपने डॉक्टर की सलाह मानें।
क्या त्योहार में डिटॉक्स ड्रिंक जरूरी हैं?
सामान्य रूप से स्वस्थ व्यक्ति के लिए संतुलित खाना, पानी और नींद ही काफी है। किसी खास डिटॉक्स उत्पाद पर भरोसा करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी लक्षण होने या इलाज शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
स्रोत: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI): ईट राइट इंडिया, राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN)। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।





