इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने 3 नवंबर 2026 के दोपहर बाद (क्लोजिंग) भाव जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार 24 कैरेट (999) सोना ₹1,37,576 प्रति 10 ग्राम और चांदी 999 ₹1,76,425 प्रति किलो है। सुबह के मुकाबले 24 कैरेट सोना ₹542 सस्ता हुआ है।
22 कैरेट (916) सोने का भाव ₹1,26,020 प्रति 10 ग्राम है, जिसका इस्तेमाल ज्यादातर गहनों में होता है।

IBJA के आज के भाव (3 नवंबर 2026)
| धातु | सुबह (AM) | शाम (PM) |
|---|---|---|
| सोना 999 (24 कैरेट) | ₹1,38,118 | ₹1,37,576 |
| सोना 995 | ₹1,37,565 | ₹1,37,025 |
| सोना 916 (22 कैरेट) | ₹1,26,516 | ₹1,26,020 |
| सोना 750 (18 कैरेट) | ₹1,03,589 | ₹1,03,182 |
| सोना 585 (14 कैरेट) | ₹80,799 | ₹80,482 |
| चांदी 999 (प्रति किलो) | ₹1,77,300 | ₹1,76,425 |
कैरेट और सोने की शुद्धता के बीच का संबंध
सोने की शुद्धता को मापने के लिए कैरेट का पैमाना सबसे अधिक प्रचलित है। जब हम 24 कैरेट सोने की बात करते हैं, तो इसका अर्थ है कि वह सोना 999 शुद्धता वाला है, जिसमें किसी अन्य धातु की मिलावट नहीं होती है। यह सोने का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है और इसकी चमक सबसे अधिक होती है। हालांकि, 24 कैरेट सोना बहुत ही कोमल होता है, जिसके कारण इससे जटिल डिजाइन वाले गहने बनाना काफी कठिन होता है। यही कारण है कि गहनों के निर्माण के लिए आमतौर पर 22 कैरेट सोने का उपयोग किया जाता है, जिसे 916 शुद्धता के रूप में भी जाना जाता है। 22 कैरेट सोने में शुद्ध सोने की मात्रा के साथ कुछ अन्य धातुओं का मिश्रण किया जाता है ताकि वह आभूषण बनाने के लिए पर्याप्त मजबूत हो सके।
शुद्धता के स्तर के आधार पर सोने के भाव में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। जैसा कि आंकड़ों में स्पष्ट है, 24 कैरेट सोने की कीमत 22 कैरेट और 18 कैरेट के मुकाबले काफी अधिक है। 18 कैरेट सोने को 750 शुद्धता के रूप में पहचाना जाता है, जिसमें सोने की मात्रा और भी कम होती है। इसके अलावा 14 कैरेट सोने का भी विकल्प मौजूद होता है जिसे 585 शुद्धता कहा जाता है। शुद्धता जितनी कम होती जाती है, सोने की कीमत में उतनी ही गिरावट आती है। ग्राहकों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार ही कैरेट का चुनाव करना चाहिए। यदि आप निवेश के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो 24 कैरेट सबसे उपयुक्त होता है, जबकि पहनने के लिए गहने बनवाने हेतु 22 कैरेट या 18 कैरेट को प्राथमिकता दी जाती है।
बाजार भाव और दुकान की अंतिम कीमत में अंतर का कारण
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए भाव और आपकी स्थानीय दुकान पर मिलने वाले भाव में अक्सर अंतर पाया जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि जो भाव जारी किए जाते हैं, उनमें वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी और ज्वैलर का मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होता है। जब आप किसी दुकान से सोना खरीदते हैं, तो दुकानदार उस पर गहने बनाने की लागत यानी मेकिंग चार्ज जोड़ता है। यह मेकिंग चार्ज गहनों की डिजाइन और कारीगरी के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इसके बाद, कुल कीमत पर सरकार द्वारा निर्धारित जीएसटी लगाया जाता है, जिससे ग्राहक के लिए अंतिम बिल की राशि बढ़ जाती है।
इसके अलावा, अलग-अलग शहरों और दुकानों के भाव में भी थोड़ा अंतर हो सकता है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन दिन में दो बार, सुबह और दोपहर बाद, भाव जारी करता है। जैसा कि आज के आंकड़ों में देखा गया है, सुबह और शाम के भाव में 542 रुपये का अंतर आया है। यह उतार-चढ़ाव बाजार की स्थितियों पर निर्भर करता है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे खरीदारी करने से पहले उस समय के नवीनतम भाव की जानकारी अवश्य लें। दुकान पर जाने से पहले यह समझ लेना जरूरी है कि जो भाव आप समाचारों में देखते हैं, वह केवल शुद्ध धातु का भाव होता है और गहने के रूप में उसकी कीमत हमेशा उससे अधिक ही होगी।
बीआईएस हॉलमार्क और एचयूआईडी की उपयोगिता
सोने की खरीदारी करते समय उसकी शुद्धता की गारंटी होना अत्यंत आवश्यक है। भारत में भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस द्वारा सोने की शुद्धता को प्रमाणित किया जाता है। ग्राहकों को हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाले गहने ही खरीदने चाहिए क्योंकि यह इस बात का प्रमाण है कि सोने की शुद्धता वही है जो दुकानदार बता रहा है। हॉलमार्क वाले गहनों पर शुद्धता का निशान जैसे 916 या 750 अंकित होता है, जो क्रमशः 22 कैरेट और 18 कैरेट को दर्शाता है। इसके साथ ही, हॉलमार्क के साथ अब एचयूआईडी यानी हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर भी अनिवार्य हो गया है।
एचयूआईडी एक विशेष पहचान संख्या होती है जो प्रत्येक गहने पर अंकित होती है। इस संख्या के माध्यम से ग्राहक सोने की शुद्धता और उसकी पूरी जानकारी की जांच कर सकते हैं। यह प्रणाली सोने के व्यापार में पारदर्शिता लाती है और ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाती है। जब आप 24 कैरेट या 22 कैरेट का सोना खरीदते हैं, तो उस पर इन निशानों की जांच करना आपकी सुरक्षा के लिए जरूरी है। बिना हॉलमार्क वाले सोने को भविष्य में बेचने या बदलने में कठिनाई हो सकती है और उसकी सही कीमत मिलना भी मुश्किल होता है। इसलिए, सुरक्षित निवेश और खरीदारी के लिए हमेशा हॉलमार्क और एचयूआईडी को प्राथमिकता दें।
सोने की खरीदारी के समय ध्यान रखने योग्य सावधानियां
सोना खरीदना केवल एक शौक नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण निवेश भी है, इसलिए इसमें सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। सबसे पहले, आपको सोने के दैनिक भावों पर नजर रखनी चाहिए। जैसा कि आज के आंकड़ों से पता चलता है कि सुबह के मुकाबले शाम को सोने के भाव में गिरावट आई है, ऐसे समय में खरीदारी करना फायदेमंद हो सकता है। खरीदारी करते समय हमेशा पक्का बिल मांगें, जिसमें सोने का वजन, कैरेट, मेकिंग चार्ज और जीएसटी का स्पष्ट विवरण हो। बिल पर सोने की शुद्धता और हॉलमार्क का जिक्र होना भी अनिवार्य है।
निवेशकों को अक्सर 24 कैरेट सोने के सिक्के या ईंट खरीदने की सलाह दी जाती है क्योंकि उनमें मेकिंग चार्ज कम होता है और उनकी शुद्धता सबसे अधिक होती है। वहीं, अगर आप गहने खरीद रहे हैं, तो 22 कैरेट या 18 कैरेट के विकल्पों पर विचार करें। दुकान पर भाव की तुलना करते समय यह सुनिश्चित करें कि आप इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए मानक भावों के करीब ही भुगतान कर रहे हैं। सोने की शुद्धता की जांच के लिए आप बीआईएस की मोबाइल एप्लीकेशन का भी उपयोग कर सकते हैं। इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप अपनी मेहनत की कमाई का सही मूल्य प्राप्त कर सकते हैं और भविष्य के लिए एक सुरक्षित संपत्ति बना सकते हैं।
सोने के भाव प्रति 10 ग्राम और चांदी के भाव प्रति किलो हैं। IBJA के भाव में GST और ज्वैलर का मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होता, इसलिए दुकान पर अंतिम कीमत ज्यादा हो सकती है। IBJA दिन में दो बार, सुबह और दोपहर बाद, भाव जारी करता है।
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