रामायण भारतीय संस्कृति का सबसे लोकप्रिय महाकाव्य है। महर्षि वाल्मीकि ने संस्कृत में इसकी रचना की, जिसे आदिकाव्य भी कहा जाता है। सदियों बाद गोस्वामी तुलसीदास ने अवधी भाषा में रामचरितमानस लिखा, जो उत्तर भारत के घर-घर में पढ़ा जाता है। दोनों ग्रंथों में राम कथा सात हिस्सों में बंटी है, जिन्हें कांड कहा जाता है। तुलसीदास ने इन्हें सोपान भी कहा है। जानिए रामायण के सात कांड क्या हैं।
बालकांड
बालकांड में अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्रों राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म की कथा है। इसमें ऋषि विश्वामित्र के साथ राम-लक्ष्मण का वन जाना, ताड़का वध, अहल्या उद्धार और मिथिला में धनुष भंग के बाद राम-सीता विवाह का वर्णन है। रामचरितमानस के बालकांड में शिव-पार्वती संवाद के रूप में कथा की भूमिका भी विस्तार से दी गई है।

अयोध्याकांड
इस कांड में राम के राज्याभिषेक की तैयारी होती है, लेकिन कैकेयी के दो वरदानों के कारण राम को चौदह वर्ष का वनवास मिलता है। सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ वन जाते हैं। पुत्र वियोग में दशरथ का निधन हो जाता है। भरत राम को लौटाने चित्रकूट जाते हैं, पर राम पिता के वचन का पालन करते हैं। भरत उनकी खड़ाऊं लेकर लौटते हैं और नंदीग्राम से राज्य का कामकाज संभालते हैं।
अरण्यकांड और किष्किंधाकांड
अरण्यकांड में वनवास के दौरान ऋषियों से मिलना, पंचवटी में निवास, शूर्पणखा प्रसंग और रावण द्वारा सीता हरण की कथा है। जटायु सीता को बचाने की कोशिश में घायल होते हैं। किष्किंधाकांड में राम की भेंट हनुमान और सुग्रीव से होती है। राम बाली का वध करके सुग्रीव को राज्य दिलाते हैं और वानर सेना सीता की खोज में चारों दिशाओं में निकलती है।
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सुंदरकांड
सुंदरकांड हनुमान जी के पराक्रम का कांड है। इसमें हनुमान समुद्र लांघकर लंका पहुंचते हैं, अशोक वाटिका में सीता से मिलकर राम की अंगूठी देते हैं और लंका दहन करते हैं। लौटकर वे राम को सीता का समाचार सुनाते हैं। कई घरों में मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करने की परंपरा है।
युद्धकांड या लंकाकांड
वाल्मीकि रामायण में इसे युद्धकांड और रामचरितमानस में लंकाकांड कहा गया है। इसमें समुद्र पर सेतु निर्माण, विभीषण का राम की शरण में आना, लक्ष्मण को शक्ति लगना और हनुमान का संजीवनी लाना, और अंत में रावण वध की कथा है। इसके बाद राम सीता के साथ अयोध्या लौटते हैं और उनका राज्याभिषेक होता है।
उत्तरकांड
उत्तरकांड में राम राज्य का वर्णन है। वाल्मीकि रामायण के उत्तरकांड में सीता के वाल्मीकि आश्रम में रहने और लव-कुश के जन्म की कथा भी है। रामचरितमानस का उत्तरकांड काकभुशुंडि और गरुड़ के संवाद तथा भक्ति के महत्व पर केंद्रित है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रामचरितमानस किस भाषा में लिखी गई है?
रामचरितमानस अवधी भाषा में लिखी गई है।
रामायण का पांचवां कांड कौन सा है?
सुंदरकांड रामायण का पांचवां कांड है।
स्रोत: वाल्मीकि रामायण, IIT कानपुर। जानकारी अक्टूबर 2026 तक की।






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